38 उपाय जरुरी बातें : धन प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए

laxmi prapti ke liya kya karna chahiye

धन प्राप्ति के लिए क्या करे और क्या नहीं करना चाहिए यानी ऐसी बाते जो रोजाना आपको ध्यान में रखना चाहिए. क्योंकि कई बार ऐसा होता है की जानकारी नहीं होने से हम गलत काम करते रहते है जिससे हमे नुकसान होता है. इसीलिए कुछ बाते ऐसी हम बता रहे है जो की लक्ष्मी प्राप्ति करने के लिए आपको ध्यान में रखना चाहिए.

होता ये है की कई बार व्यक्ति सभी तरह के ज्योतिषी उपाय कर लेता है, जप अनुष्ठान करवा लेता है लेकिन फिर भी उसे लाभ नजर नहीं आता. इस का कारण हमारी जीवन शैली और चीजों को व्यवस्थित न रखना, घर में व्यस्थित काम न होना होती है.

कई चीजे ऐसी होती है जिनको ठीक से न किया जाए या चीजों को सही जगह पर न रखा जाए तो वह नकारात्मक परिणाम देने लगती है. इसीलिए हम हम यहाँ कुछ छोटे छोटे और कारगर dhan prapti ke liye kya karna chahiye upay in Hindi में बताने जा रहे है आप इस जानकारी को पूरा आखिरी तक जरूर पड़ें.

laxmi prapti ke liya kya karna chahiye

Dhan Prapti Ke Liye Kya Kare in Hindi

Laxmi Prapti Ke Liye Kya Karna Chahiye

#1

अगर आपकी कोई दुकान है, तो दुकान की तिजोरी के पास में गणेश जी की तस्वीर लगाए. दुकान खोलते ही मन ही मन लक्ष्मी जी की पूजा करके बैठे. इस तरह रोजाना करने से धन का आगमन अच्छे से होगा.

#2

बाजार से धार्मिक भंडार की दुकान से 11 कौड़िया ले आये, फिर इन्हे शुद्ध कर लें. शुद्ध करने के लिए आप इन्हे गंगाजल या गौ मूत्र से भी धो सकते है. इसके बाद शुद्ध केसर से इन 11 कौड़ियों को रंग दें, केसर इनपर लगा दें, फिर एक पिले कपडे में इनको लपेटकर आप घर में जहाँ अपना धन रखते है वहां पर रख दें. ऐसा करने से धन के आगमन के स्त्रोत बढ़ते है, लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है.

  • जानिये सबसे प्रभावकारी उन मन्त्रों के बारे में जिनके प्रयोग से धन की प्राप्ति जल्दी होती है, यह बहुत ही असरकारी है पड़ें यह पोस्ट – DhanLaxmi Mantra in Hindi

#3

आप अपने घर में जब पूजा करते समय दीपक जलाते है तो उस दीपक में रुई के स्थान पर कलावा का प्रयोग करे. क्योंकि लक्ष्मी जी को लाल रंग बहुत ही प्रिय होता है. इस प्रयोग से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और धन का आगमन भी होता है.

#4

अगर पूजा करते वक्त कोई मेहमान आ जाये तो यह बहुत शुभ होता है. उस मेहमान को पानी जरूर पिलाये. अगर शाम के समय पूजा के वक्त कोई सुहागिन स्त्री घर में आ जाये तो इसे आपने सौभाग्य समझे, यूँ समझे की खुद लक्ष्मी जी आपके घर चलकर आई है. ऐसे वक्त में आये मेहमान का स्वागत और सेवा जरूर करे.

#5

हर एक पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष पर सुबह 10 बजे मां लक्ष्मी जी का फेरा लगता है. जो भी व्यक्ति आर्थिक रूप से या धन की कमी से परेशान हो उस व्यक्ति को इस दिन बताये गए समय पर पीपल के वृक्ष और मां लक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए. पीपल को घी का दीपक लगाए और लक्ष्मी जी का भी ध्यान करे.

  • जानिये सबसे प्रभावकारी ज्योतिषी प्राचीन उपाय के बारे में जिनको करने से धन यश की प्राप्ति होती है यह बहुत ही चमत्कारी है अभी पड़ें  : धन प्राप्ति के उपाय और टोटके

#6

हर शुक्रवार को किसी भी प्रसिद्द लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर सुंगंधित चन्दन आदि अगरबत्ती अर्पित करे. ऐसा करने से लक्ष्मी जी की कृपा सदा बनी रहती है, इसके अलावा इस प्रयोग को लगातार करते रहने से व्यक्ति जो भी धन से जुड़ा काम करता है उसे उसमे पूरी सफलता मिलती है.

#7

अगर आपके घर की स्थिति अच्छी नहीं है, धन की कमी है बार बार कोई परेशानी आती रहती है तो आप किसी शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से यह उपाय शुरू करे और लगातार तीन शुक्रवार तक इसे करे.

इसके लिए आप शाम के समय किसी भी लक्ष्मी नारायण जी के मंदिर जाए और नौ साल से कम उम्र की कन्याओं को खीर के साथ मिश्री का भोजन करवाए इसके अलावा भोजन कराने के बाद उन्हें उपहार में लाल कपड़े या लाल रुमाल उपहार में दें.

इस प्रयोग को करने से जल्द ही आपकी स्थिति में सुधार आएगा और धन से जुडी समस्या भी हल होगी. घर की स्थिति दिन प्रतिदिन अच्छी होती जाएगी.

#8

जिस घर में नियमित रूप से या हर शुक्रवार के दिन श्रीसूक्त या श्रीलक्ष्मी जी का सूक्त पाठ होता है वहां धन लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करने लगती है. ऐसे घर में धन की कोई कमी नहीं होती.

  • कई लोगों के घर में धन बचता नहीं, धन की बरकत नहीं होती तो धन स्थिर करने के लिए आप यह उपाय जो करे :  स्थिर लक्ष्मी के उपाय

#9

खच्चर के गधे के दांत के टोटके का ऐसा माना जाता है की अगर इसके ऊपरी दांत को कोई व्यक्ति हमेशा उसके पास रखे तो ऐसे व्यक्ति को धन से जुडी कभी कोई समस्या नहीं आती.

ऐसे व्यक्ति के पास धन का आगमन होता रहता है. अगर आप भी कहीं से खच्चर गधे के ऊपरी दांत को प्राप्त कर सके तो अपने पास जेब या पर्स में जरूर रखे. इससे कई लोगों को लाभ हुआ है.

#10

धन प्राप्त करने के लिए पीपल के अखंडित पत्ते पर राम लिखे और कुछ मिष्ठान साथ में ले अब इन दोनों को किसी हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा आये. इस प्रयोग से धन प्राप्ति के योग बनते है.

इसके अलावा जब आप रोजाना अपने घर के मंदिर में पूजन करे तो लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र की पूजा करने के साथ साथ उनको लाल फूल चढ़ाये और दूध से बने मीठे पदार्थ चढ़ाये. इस प्रयोग को करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#11

एक और पीपल के पत्ते का प्रयोग बताते है जिसको करने से आपका बटुआ यानी पर्स कभी धन से खाली नहीं रहेगा. इसके लिए आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास जाये उसे प्रणाम करे और एक अच्छा पत्ता तोड़ ले जो की कहीं से खंडित न हो.

फिर इसे गंगाजल से धोकर थोड़ी सी हल्दी और दही ले अब इन दोनों को आपस में मिलाकर अच्छा घोल तैयार करे फिर इस पीपल के पत्ते पर अपनी अनामिका उंगली को इस दही और हल्दी के घोल में मिलाकर पीपल के पत्ते पर ” ह्रीं ” यह शब्द अपनी अनामिका उंगली से लिखे.

इसके बाद लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और अगतबत्ती जलाये. अब इस पत्ते को अगरबत्ती का धुआँ और दीपक की रौशनी दिखाए फिर इसे मोड़कर अपने पर्स में रख लें.

ध्यान रखे यह पत्ता आपको हर शनिवार को बदलना है, और वापस वैसे ही क्रिया करके इसे पर्स में रखे. पुराने पत्ते को पवित्र स्थान पर छोड़ आये या पानी में बहा दें. इस छोटे से प्रयोग को करने से धन से पर्स कभी खाली नहीं रहता, उसमे कहीं न कहीं से पैसे आते ही रहते है.

#12

अमावस्या का दिन बहुत ही शुभ होता है, धन प्राप्ति के लिए यह करे इस दिन कई देवीय शक्तिया और अन्य शक्तिया सक्रीय रहती है. इस दिन पुरे घर की सफाई करे और घर के पूजा मंदिर में धुप और दीपक जलाये. इस प्रयोग को करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है, लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#13

एक और बहुत ही प्राचीन और प्रचलि उपाय है जो की धन प्राप्ति के लिए करना चाहिए जब भी आपको अचानक धन की जरूरत लगे तो किसी भी मंदिर के पास के बरगद के पेड़ के पास जाए और अपनी मनोकामना कहते हुए बरगद की जटा में गाँठ लगाते जाए.

फिर जब आपकी मनोकामना पूरी हो जाए तो वापस आकर इन जटाओ में लगाई गई गांठ को खोल दें. इस प्रयोग को करने से अचानक से धन की प्राप्ति होने के योग बनते है.

#14

एक और अद्भुत प्रयोग है इसे आप याद रखे जब भी कोई हिजड़ा आपसे कुछ मांगने आइये तो आप उसे मना नहीं करे और आपकी क्षमता-अनुसार उसे धन दें. धन देने के बाद आप उस हिजड़े से निवेदन करे की वह उसके पास से आपको कुछ सिक्के दे दें.

फिर जो सिक्के हिजड़ा दें वह सिक्का आप अपने घर या दुकान में धन रखने की जगह पर रख दें. अगर किसी बुधवार के दिन आपसे कोई हिजड़ा ऐसे मांगने आ जाये तो यह बड़े ही सौभाग्य की बात होती है.

यूँ मानो की खुद लक्ष्मी जी आपके पास चलकर आई है. अगर बुधवार को हिजड़ा पैसे मांगे तो भी आपको जो बताया है वही करे. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है, धन का स्त्रोत बढ़ता है.

#15

अगर आपको आर्थिक रूप से कई समस्या आ रही है तो लक्समी प्राप्ति के लिए और आर्थिक समस्या, धन की कमी को खत्म करने के लिए आप लगातार 21 शुक्रवार को नौ साल से कम उम्र की 5 कन्याओं को खीर और मिश्री या मिष्ठान का प्रसाद बांटें. इस प्रयोग से आपकी आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार आएगा, धन की कमी भी पूरी होगी.

#16

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का होता है, अगर इस दिन कोई व्यक्ति सुहागिन स्त्री को लाल कपडे, लाल रुमाल या लाल रंग से जुडी कोई वस्तु या सुहाग से जुडी कोई सामग्री दान में दें तो ऐसे व्यक्ति पर लक्ष्मी जी की कृपा होती है. इस प्रयोग को करने से धन के आगमन के मार्ग खुलते है.

#17

इसके अलावा अगर कोई विवाहित स्त्री शुक्रवार के दिन आपको अपने घर पर चाय पानी करने के लिए बुलाये तो आप उसे इंकार नहीं करे, चाहे आप कितने ही व्यस्त हो थोड़े समय के लिए चले जाए लेकिन जाए जरूर. क्योंकि इस आमंत्रण को ठुकराना धन के आगमन घोतक होता है.

#18

अगर आप धन के साथ साथ अपनी परेशानियों से भी मुक्ति चाहते है तो कच्ची घानी के तैल के दीपक में फूलदार लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें. ऐसा करने से सभी तरह के अनिष्ट दूर होंगे और धन की प्राप्ति भी होगी.

#19

जल्दी लक्ष्मी प्राप्ति के लिए क्या करे ? अगर आपको किसी वजह से अचानक धन की जरुरत लग जाए तो इसके लिए माता लक्ष्मी के मंदिर जाय और वहां सुगन्धित धूपबत्ती और गुलाब की अगरबत्ती का दान करे. अचानक धन पाने के लिए यह उपाय शुक्लपक्ष में शुक्रवार के दिन यह प्रयोग किया जाए तो शीघ्र सफलता मिलती है.

#20

अगर आपके तिजोरी में धन स्थिर नहीं रहता, कहीं न कहीं उठ जाता है तो आप किसी भी शुभ दिन शुभ समय में एक लाल रेशमी कपडे में अभिमंत्रित की हुई हत्थाजोड़ी को बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें. इस प्रयोग से धन में स्थिरता आती है और धन का स्त्रोत भी बढ़ता है.

#21

अगर धन आने के मार्ग अवरुद्ध हो गए हो तो आप शुद्ध केसर का तिलक माथे पर लगाए. धन आने के स्त्रोत खुलेंगे. यह टोटका शुक्लपक्ष में बुधवार के दिन करे तो लाभ शीघ्र होगा.

#22

अगर आपके पास धन भी बहुत आता है और फिर भी वह इकठ्ठा नहीं हो पाता तो आप शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल में चुपड़ी हुई रोटी खिलाये. इस प्रयोग से धन में स्थिरता आएगी.

#23

अगर आपकी आर्थिक स्थिति सही नहीं चल रही तो किसी सुहागिन स्त्री को गुरुवार के दिन सुहाग से जुडी सामग्री दान करे. इस प्रयोग से आर्थिक समस्या ख़त्म होगी और धन आदि की प्राप्ति होगी.

#24

जब भी घर से बाहर जाए तो वापस घर आते वक्त खाली हाथ नहीं आये, अगर आप कुछ लाने की स्थिति में नहीं है तो रस्ते में कहीं से एक कागज का टुकड़ा ही उठा ले आये. इस प्रयोग से धन के आगमन का मार्ग खुलता है. आप चाहे तो बच्चों के लिए कुछ चॉकलेट ले आये करे लेकिन घर खाली हाथ कभी न आये.

#25

कई घर में नमक को खुला रखा जाता है, जो की नकारात्मक होता है. घर में नमक को कांच या चीनी की डिब्बी में रखना चाहिए और उसका ढक्कन भी बंद रखना चाहिए. नमक खुला रखने से धन की हानि होती है.

#26

अगर पूजा करते वक्त घर में कोई बच्चा रोये तो यह बहुत ही अशुभ होता है. ऐसा होने पर किसी ग्यानी या पंडित व्यक्ति से मिले और उनसे सलाह लें. इसका सामान्य कारण यह हो सकता है की आपके घर में कोई नकारात्मक ऊर्जा है जो की धन में वृद्धि होने से रोक रही है.

#27

अगर किसी दिन घर का कोई बच्चा सुबह उठते ही कुछ खाने को मांगे या बिना कारण के ही रो पड़े तो उसे दिन घर के सभी व्यक्तियों को सावधान रहना चाहिए. क्योंकि यह अशुभता व धन हानि का सूचक होता है.

#28

जिस घर में नियमित रूप से रोजाना पहले रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को दी जाती है उस घर में धन के आगमन को कोई नहीं रोक सकता, ऐसा घर आर्थिक रूप से संपन्न होता है और धन भी आता रहता है.

#29

जब भी किसी को दान दें तो याद रखे की उसे घर की देहरी में न आने दें और आप घर की देहरी में अंदर रहकर ही दान दें. जो व्यक्ति ऐसा करता है उसे धन की प्राप्ति होती रहती है और जो नहीं करता उसके लिए हानिकारक होता है.

#30

इसके अलावा हर शनिवार को घर में लगे मकड़ी के जाले, रद्दी, कागज, टूटी फूटी चीजे घर से निकाली जाए, इन चीजों की सफाई की जाए तो घर में लक्ष्मी जी का वास होता है और धन का आगमन भी होता है.

#31

किसी भी शुक्रवार के दिन कमल का फूल लाये और उसे लाल कपडे में लपेटकर अपने धन रखने की जगह पर रखे या इसे आप अलमारी में भी रख सकते है. इस प्रयोग को करने से बड़ी आसानी से धन प्राप्ति के योग बनते है.

#32

रोजाना सुबह के समय उठने से पहले दोनों हाथों की हथेलियों को देखे और फिर उन्हें चूमे फिर अपने चेहरे पर चार पांच बार फिराए ऐसा करने से धन आने के मार्ग खुलते है. यह काफी प्राचीन तरीका है, इससे और भी कई स्वास्थ्य लाभ होते है साथ ही साथ धन प्राप्ति के योग में भी सायक होता है.

#33

अगर आप चाहते है की आपके घर में आर्थिक रूप से सुख शांति बनी रहे तथा आप आर्थिक रूप से समर्थ रहे तो हर अमावस्या को पुरे घर की पूरी सफाई करे.

जितना भी फालतू का सामान इकठ्ठा हो उसे कबाड़ी को बेच दें या घर से बाहर फेंक दें. सफाई के बाद पांच अगरबत्ती घर के पूजा करने के स्थान में लगाए.

#34

इसके अलावा धन पाने के लिए घर में जब भी आप पोंछा लगाए तो पोंछे लगाने के पानी में थोड़ा नमक डाले और फिर उस पानी से घर में पोंछे लगाए ऐसा करने से घर में सकारत्मक ऊर्जा बढ़ती है और धन से जुडी समस्या भी नहीं आती.

#35

अगर घर की स्त्री गृहलक्ष्मी सबसे पहले घर के मुख्य द्वार पर एक लोटा पानी डाले तो धन के आगमन के मार्ग खुलते है, धन से जुडी समस्या ख़त्म होती है, घर में लक्ष्मी जी का वास् होता है.

#36

एकाक्षी नारियल वैसे तो बहुत दुर्लभ होता है, लेकिन जिस घर में यह हो उस घर में कभी धन की कमी नहीं आती. अगर आप कहीं से एकाक्षी नारियल प्राप्त कर सकते है तो इसे अपने पूजा स्थल पर जरूर रखे.

#37

अपने घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी का एक चित्र लगाए जिसका मुंह घर के अंदर की तरफ हो. इस प्रयोग को करने से घर में लक्ष्मी जी का वास् होता है. यह प्रयोग हर तरह से शुभ फलदाई होता है.

तो इस तरह आपने जाना की धन प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए, dhan prapti ke liye kya kare in hindi इन सभी प्रयोगो को ध्यान में रखते हुए जीवन यापन करने से व्यक्ति के जीवन में धन से जुडी कभी कोई समस्या नहीं आती, घर में खुशहाली बनी रहती है और धन के मार्ग भी जगह जगह से खुलते है.

इसलिए आप इन बताये गई बातों पर ध्यान जरूर दें. इनको करने से आर्थिक समस्या और अन्य पारिवारिक समस्याओं का भी निदान होता है, परिवार खुश रहता है, घर में सकारात्मक ऊर्जा का बहाव रहता है, उम्मीद करते है आपको धन पाने के लिए क्या करे इस बारे में जानकर अच्छा लगा होगा.

7 दिन में अचानक धन प्राप्ति के उपाय : 8 मंत्र और टोटके देखे

achanak dhan prapti mantra
अचानक धन प्राप्ति के उपाय और टोटके बताये जो की तुरंत, तत्काल धन पाने में समर्थ होते हो ? आइये जानते है आपकी इसी समस्या के समाधान के बारे में. ऐसे कई घरेलु उपाय, ज्योतिष के टोटके है जिनको करने से अचानक धन आने का योग बनता हैं.
कई बार ऐसी परिस्थित आ जाती हैं जिसमे हमे अचानक धन की जरुरत लगती हैं, ऐसी परिस्थिति में धन पाने के लिए बताये जा रहे उपाय जरूर करने चाहिए, यह उपाय लक्ष्मी जी को प्रसन्न करते हैं जिससे वह प्रयोग करने वाले के ऊपर कृपा करती हैं.
इनमे से किसी भी प्रयोग करने से पहले आप कुछ बाते ध्यान रखे, प्रयोग जितने दिन का हो उसे उतने दिन नियमित रूप से करे, प्रयोग स्वच्छ होकर करे, घर में पवित्र जगह पर प्रयोग करे.
खुद पर और ईश्वर पर विस्वाश रखे, ब्रह्मचर्य का पालन करे, सात्विक भोजन करे तो चलिए अब आगे जानते है अचानक धन प्राप्ति के मंत्र टोटके और उपाय बताइये क्या है, “तुरंत धन पाने के लिए सरल उपाय” के बारे में.

Achanak Dhan Prapti Ke Upay in Hindi

Achanak Dhan Prapti Ke Mantra Bataye

कुबेर की 7 दिन में शीघ्र धन प्राप्ति प्रयोग

#1.

इसे आप एकम से पंचमी तक की तिथि में न करे बाकी किसी भी तिथि में इसे कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले कुछ फूल ले आये, सभी रंग के इनमे ज्यादा फूल सफ़ेद और लाल रंग के होने चाहिए.

सभी फूल लेकर एक थाली ले उसमे इन फूलों को बिछा दें, अब इन फूलों पर पानी से भरा हुआ तांबे का लोटा रख दें. अपने मन को शांत करे, इधर उधर मन को भटकने न दें.

लोटे को रख देने के बाद आप हाथ जोड़कर आँखे बंद करके अपने इष्टदेव का ध्यान करे और उनसे कहे “हैं ईश्वर अपने इष्ट देव का नाम ले और फिर अपना नाम बोले, अपने पिता का नाम बोले, अपनी जाती बताये और आप जहां रहते हैं उस जगह का स्थान भी बताये और फिर कहे आज इस तिथि (जिस तिथि में आप यह प्रयोग कर रहे हो उस तिथि का नाम लें) को में कुबेर जी की आराधना कर रहा हूं आप गवाह के रूप में मेरे साथ रहना और कुबेर जी को प्रसन्न करने में मेरा साथ देना, कुबेर जी से मेरे लिए निवेदन करना.

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इतना सब मन में अपने इष्ट देव को कहने के बाद 7 दिन के भीतर अचानक धन पाने के टोटके के इस प्रयोग में अब आगे आपको यह करना है की आप अपने सीधे हाथ की बिच की तीन उँगलियों को सामने रखे लोटे के अंदर डाल दें और बाकी की दो उंगलिया एक अंगूठा और एक सबसे छोटी उंगली इन दोनों को लोटे के बाहर ही रखे और उलटे हाथ को यानी लेफ्ट हैंड को अपने हृदय के पास यानी छाती से टिका कर रखे.

इसके बाद इस तत्काल धन प्राप्ति के मंत्र का जप करना शुरू करे – ॐ यक्षाय कुबेराय वेश्र्वानाय धन धान्यादी पतये धन धान्य स्मर्द्धि में देहि दापय स्वाहा – शुरुआत में एक बार इस मंत्र को बोलने के बाद अपनी उंगलियों को लोटे से बाहर निकालकर अपने सामने की जगह पर पानी के छींटे मारे.

उंगलियों से पानी निकल जाने पर इसे वापस लोटे में पहले की तरह डाल दें. अब आपको लगातार 85 मिनट तक बिना रुके इस मंत्र का जप करना हैं.

इसके बाद लोटे के पानी को स्वयं ग्रहण कर लें यानी उस पानी को खुद पि ले. ऐसा आपको लगातार सात दिनों तक रोजाना करना हैं. इस प्रयोग के पुरे होने पर अचानक धन के कई रास्ते खुल जायेंगे.

यह कई लोगों द्वारा प्रयोग किया हुआ मंत्र हैं, अचानक धन प्राप्ति के लिए यह बहुत ही प्रभावी हैं आप भी इसे कर के देखे. आकस्मिक धन प्राप्ति करने के लिए यह सामान्य और अद्भुत प्रयोग है.

इस बिच सात दिनों तक पवित्र रहे और सात्विक भोजन करे. यह प्रयोग आप रोजाना रात में ही करे, प्रयोग से पहले स्नान भी कर सकते हैं और प्रयोग को पूजा स्थल पर करे.

#2.

अचानक धन प्राप्ति के लिए सुबह स्नान करने के बाद एक लाल कपडा लें और उसमे चावल के 21 दाने, जो की खंडित न हो. ऐसे 21 दाने ले जिनमे किसी भी तरह की खरोंच न हो. इसके बाद 21 दानो को इस लाल कपड़े में बांध दें.

फिर लक्ष्मी जी के पास ही यह लाल कपड़े में बंधे चावल रख दें. अब पुरे मन से लक्ष्मी जी की पूजा करे, आप किसी भी लक्ष्मी जी के मंत्र का जप भी कर सकते हैं. पूजा पूरी होने के बाद इन 21 दाने जो की लाल कपड़े में बांधे हैं इनको ऐसे ही बंधे हुए अपने पर्स में रख लें.

इसे आप घर में जहां पर पैसे रखते हैं उस जगह भी रख सकते हैं. इस प्रयोग से अचानक धन की प्राप्ति होती हैं और धन की कभी कमी नहीं रहती, पर्स हमेशा भरा ही रहता हैं.

अचानक धन पाने के टोटके में सरल तरीका

#3.

ऐसा ही एक और बहुत ही प्राचीन और सरल चमत्कारी टोटके में से एक हैं. इसके लिए आप 5 कालीमिर्च के दाने लें और इन्हे अपने सिर से पैर तक 7 बार वार लें.

अब आप किसी चौराहे पर जाए और इन 5 दानो में से चार दानो को चारों दिशाओ में एक-एक कर के फेंक दें और पांचवे दाने को आकाश में ऊपर की तरफ फेंक दें. इसके बाद आप चुप चाप अपने घर आजाये और पीछे मुड़कर नहीं देखे.

इस प्रयोग को करने से चारों दिशाओं से अचानक धन प्राप्त होने के योग बनते हैं. बहुत ही प्रभावशाली अचानक धन पाने का टोटका हैं. जब भी मुसीबत आये या अचानक धन की जरूरत लगे तो यह सरल उपाय जरूर ही अपनाना चाहिए.

#4.

तुरंत धन प्राप्ति के लिए हर शुक्रवार को कमल गट्टे की माला से लक्ष्मी जी के किसी भी एक मंत्र से 108 बार जप करे और लक्ष्मी जी का ध्यान करे. आप इस उपाय को रोजाना भी कर सकते हैं.

गणेश जी को मोतीचूर का भोग लगाए, दूर्वा चढ़ाये इसके साथ ही लक्ष्मी जी के सामने घी का दीपक भी लगाए. आप इसे बुधवार के दिन जरूर करे, इसके अलावा रोजाना इस प्रयोग को करने से भी बहुत लाभ होता हैं, कहीं से भी चारों दिशाओं से अचानक धन की प्राप्ति होती हैं.

#5.

शीघ्र धन पाने के लिए और धन की कमी न रहे इसके लिए कनकधारा स्त्रोत का पाठ रोजाना तीन बार करना शुरू करे, हम इसके प्रभाव के बारे में आपको पहले ही बता चुके हैं. तत्काल धन प्राप्ति करने के लिए आप कनकधारा यन्त्र की स्थापना किसी पंडित से करवाए यन्त्र चांदी पर बना होना चाहिए.

kanakdhara yantra
कनकधारा यन्त्र

इसके कुछ दिनों के प्रयोग से ही अचानक, अनायास ही कही से भी धन की प्राप्ति के योग बनेंगे. अगर आप यन्त्र की स्थापना किसी वजह से नहीं कर पाए तो भी सुबह तीन बार कनकधारा स्त्रोत का पाठ करे. यह अद्भुत और चमत्कारी उपाय हैं.

अचानक धन प्राप्ति के लिए सरल उपाय

#6.

अचानक धन पाने के लिए एक लाल धागा लें और इसमें सातमुखी रुद्राक्ष को डालकर गले में पहने, इस छोटे-से टोटके से अचानक धन आने का योग बनता हैं. सातमुखी रुद्राक्ष धन को आकर्षित करता हैं जिससे लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती हैं. Achanak dhan prapti ke totke में यह रुद्राक्ष का प्रयोग काफी प्रचलित है और लाभ भी करता है.

लगातार तीन शुक्रवार यह उपाय करे. 5 किलो 500 ग्राम आटा ले और 1 किलो 500 ग्राम गुड़ लें. अब इन दोनों को अच्छे से मिला लें, मिश्रण बना लें. अब इसे गूंथ कर रोटियां बनाये.

शाम के समय गाय को यह आटे और गुड़ से बनी रोटियां खिलाये और उनसे आशीर्वाद लें. यह प्रयोग सिर्फ शुक्रवार को ही करे. इस उपाय से अचानक धन आगमन होता हैं और दरिद्रता का नाश भी होता हैं. लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती हैं.

#7.

लक्ष्मी जी की प्रतिमा के पास 11 दिनों तक एक तैल का दीपक जलाये, ध्यान रहे यह दीपक ग्यारह दिनों तक चलना चाहिए और बिच में बुझना नहीं चाहिए. समय समय पर आप इसमें तैल डालते रहे.

फिर 11वे दिन आप 11 कन्याओं को भोजन के लिए बुलाये, उन्हें प्यार से भोजन करवाए इसके बाद उन्हें एक सिक्का और मेहंदी दें और उनके चरणस्पर्श करे. इस उपाय से अनायास ही धन की प्राप्ति होती हैं. लक्ष्मी जी बड़ी प्रसन्न होती हैं.

शुक्लपक्ष को करे यह अद्भुत प्रयोग

#8.

एक और उपाय जो की अचानक धन प्राप्ति में सार्थक होता है. शुक्लपक्ष के शुक्रवार के दिन सुबह के समय 6 बजे स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थान पर पूर्व दिशा की तरह ज़मीन पर गंगाजल छिड़क कर उसे पवित्र कर ले और फिर एक लकड़ी का बाजोट जो की बाजार में आसानी से मिल जाता हैं.

उसे पवित्र किये स्थान पर रखे अब एक लाल कपडा इस बाजोट के ऊपर रख दें फिर पिले रंग के फूल की पंखुड़ियों को इस लाल कपडे के ऊपर बिछा दें. इसके बाद “श्री चक्र” आता हैं उसे आप इन बिछे हुए फूलों के ऊपर रख दें.

shri chakra
श्री चक्र

यह श्री चक्र आप धार्मिक दुकानों पर प्राप्त कर सकते हैं. ध्यान रहे नकली श्री चक्र न खरीद ले. अब दो अगरबत्ती लगाए और लक्ष्मी जी को प्रणाम करते हुए मन में उनका ध्यान करे. इसके बाद आपको इस मंत्र का कमल गट्टे की माला से 11 माला इस मंत्र का जप करना हैं.

मंत्र हैं : ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं नमः फिर जब 11 माला का जप हो जाए तो किसी भी सफ़ेद रंग के कपडे में इस श्री चक्र को लपेट कर आप जहां पर अपने पैसे रखते हैं वहां पर इसे रख दें.

अगले 11 दिनों तक इसे तिजोरी में रखा रहने दें फिर 12वे दिन इसे तिजोरी से निकाल कर बहते हुए पानी में छोड़ दें. इससे आने वाले दिनों में आपको आकस्मिक रूप से धन की प्राप्ति होगी.

Dhan Prapti Mantra Upay Video in Hindi

तो यह थे सबसे प्रबल और प्रभावशाली अचानक धन पाने के टोटके उपाय, achanak dhan prapti ke upay in Hindi यह सभी बहुत ही सरल और असरकारी हैं आप इनमे से किसी को भी अपना सकते हैं.

इसके अलावा अगर आप ऐसा कोई कार्य कर रहे हैं जिससे लक्ष्मी जी आपके घर में निवास नहीं करती तो वह कार्य तुरंत बंद कर दें.

नहीं तो आप चाहे जितने अचानक धन प्राप्ति के तरीके उपाय कर ले जब तक घर से बुरी चीजों को नहीं हटाएंगे तब तक लक्ष्मी जी की आप पर कृपा नहीं बरसेगी.

बहुत सी छोटी-छोटी बाते होती जिनका हमे ख्याल रखना चाहिए, हम अगले Post में इस बारे में जरूर बताएंगे उम्मीद करते हैं आपको यह तत्काल तुरंत धन पाने के उपायों के बारे में जानकर अच्छा लगा होगा.

चमत्कारिक धन आने के उपाय : 21 दिन में धन आने लगेगा (टोटके)

dhan aane ke upay batayee totke aur mantra in Hindi me

यहां हम ऐसे एक सरल धन आने के उपाय यानी लक्ष्मी प्राप्ति टोटके के बारे में बताने वाले हैं, जिसको रोजाना करने पर चारों तरफ से धन आने लगेगा, नए-नए मार्ग खुलेंगे. इसके लिए आप यह Post पूरा और आखिरी तक जरूर पड़ें. यह प्रयोग हम खुद भी करते हैं. इसके प्रभाव से लक्ष्मी जी जल्द प्रसन्न होती है.

धन की जरुरत किसे नहीं होती, धन आज के युग में सबसे महत्वपूर्ण हो गया है. ऐसे कई व्यक्ति है जिन्हे धन की कमी रहती है, वह काम भी बहुत करते है लेकिन उन्हें उसके मुताबिक पर्याप्त धन नहीं मिलता. इसके पीछे कई दोष होते है, ऐसे लोगों पर लक्ष्मी जी की कृपा नहीं होती.

धन आने के लिए “dhan aane ke totke mantra” में हम यहां आपको एक ऐसे स्त्रोत के बारे में बताने जा रहे है, जिसे रोजाना करने पर ढेर सारे धन की प्राप्ति होती है, धन की कभी कमी नहीं होती, मान सम्मान बढ़ता है, परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है, जीवन की परेशानियां कम होती है इस स्त्रोत को करने में सिर्फ 5 मिनट लगते है, बदले में यह आपको लक्ष्मी जी की अनंत कृपा दिलवाता है.

सिर्फ 21 दिन करके देखे

शायद आपको यह जानकर हैरानी हो रही होगी, लेकिन आप खुद 21 दिनों तक इस स्त्रोत को रोजाना करना शुरू करे आपको खुद को इसका असर आभास होने लगेगा.

अभी तक के जितने भी मंत्र और उपाय हैं उनमे से सबसे ज्यादा यह बताये जा रहा स्त्रोत प्रभावी और शीघ्र फलदाय हैं. हमसे कोई लोगों ने पूछा धन आने लिए उपाय बताये जो की सरल और रोजाना किया जा सके, तब हमने उन्हें यह धन आने के टोटके से भी बेहतर तरीका बताया.

Dhan Aane Ke Upay in Hindi

dhan aane ke upay batayee totke aur mantra in Hindi me

Dhan Aane Ke Totke Bataye Kya Kare ?

इस कनकधारा स्त्रोत पाठ की शुरुआत आप शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से करें. इसके लिए किसी विशेष विधि-विधान की भी आवश्यकता नहीं होती हैं.

सूती आसान पर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठ जाए और अपने पुरे मन को लगाकर ऐसे पाठ करे जैसे की स्वयं लक्ष्मी जी आपके सामने बैठी हो और आप उन्हें यह पाठ सुना रहे हो. आप जितनी तल्लीनता से इस स्त्रोत का पाठ करेंगे आपको उतना ही ज्यादा लाभ होगा.

पाठ करने के बाद माँ लक्ष्मी को मानसिक रूप से प्रणाम करें, यानी मन ही मन माँ लक्ष्मी को प्रणाम करे और अपने स्थान से उठ जाए. अगर आपकी कोई कामना हैं, आप लक्ष्मी जी से कुछ मांगना चाहते हो तो आप पाठ के बाद हाथ जोड़कर प्रणाम करते हुए अपने मन मैं लक्ष्मी जी को प्रणाम करते हुए उनसे अपनी कामना, इच्छा कह दें.

अगर आप कुछ नहीं मांगना चाहते तो सिर्फ प्रणाम कर ले लक्ष्मी जी खुद आपकी सभी कामनाओ को पूरा करेंगी (one strot money problem solution in Hindi).

चलिए आगे हम बताते है की कैसे कनकधारा स्त्रोत की उपत्ति हुई और फिर इसके बाद हम कनकधारा स्त्रोत बताएंगे.

कनकधारा यन्त्र..

वैसे हम बता दे अगर आप इस स्त्रोत से तत्काल फल प्राप्त करना चाहते है तो सबसे पहले कनकधारा यन्त्र का निर्माण करवाए और फिर उसकी पूजा कर, उसे सिद्ध कर ले इसके बाद कनकधारा स्त्रोत के साथ पूजा पाठ करे, इससे दुगने लाभ मिलेंगे, स्वयं सिद्धि और ऐश्वर्या की प्राप्ति भी होगी.

kanakdhara yantra

इसके लिए सबसे पहले चांदी की धातु पर कनकधारा यन्त्र बनवाये, फिर उसे पूजा पाठ के पवित्र स्थान पर पिले कपडे को बिछाकर उसके ऊपर इस यन्त्र को रख दें. फिर रोजाना इस यन्त्र के सामने बैठ कर ही कनकधारा स्त्रोत का पाठ करे तो तत्काल फल मिलेगा.

आप अपने क्षेत्र के किसी विद्वान पंडित के द्वारा कनकधारा यन्त्र को बनवाने के बाद सिद्ध करवा ले और पूजा के स्थान पर रखवा ले फिर वही उसी जगह बैठ कर इस स्त्रोत का पाठ करे.

इस स्त्रोत की महिमा..

कनकधारा स्त्रोत की रचना जगद्गुरु शंकराचार्य ने उस समय की थी जब वे भिक्षा मांगने के लिए एक निर्धन धर्मपरायण ब्राह्मण के दरवाजे पर पहुंचे. वह ब्राह्मण इतने निर्धन थे की उस समय उनके पास भिक्षा में देने के लिए कुछ भी नहीं था.

ब्राह्मण की पत्नी अपनी इस विपन्नता पर असहाय हो कर रो पड़ी. उसकी इस दिन-दशा को देख शंकराचार्य जी का हृदय पसीज उठा. वे वही स्वनिर्मित स्त्रोत का पाठ कर लक्ष्मी देवी का स्तवन करने लगे.

उनकी करुणामयी आवाज एक स्त्रोत के रूप में प्रस्फुटित हुई, जिससे लक्ष्मी जी ने परम प्रसन्न हो उन्हें तत्काल दर्शन दिया और स्तवन का कारण पूछा.

शंकराचार्य जी ने ब्राह्मणी की धर्म परायणता और विपन्नता का वर्णन करते हुए उसकी दरिद्रता को दूर करे की प्राथना की. देवी लक्ष्मी जी ने कहा – वत्स, यद्द्पि इसके भाग्य में इस जन्म में वैभव लिखा ही नहीं है, फिर भी तुम्हारे इस स्त्रोत ने इसके भाग्य लेख को बदल दिया है.

आगे लक्ष्मी जी बोली की इस ब्राह्मण के घर में एक कनकधारा यन्त्र को रख कर उसका पूजन कर वहीं स्त्रोत जो तुमने रचा है का पाठ इस ब्राह्मण को करना होगा. शंकराचार्य जी ने उस गरीब ब्राह्मण के कल्याण के लिए ठीक ऐसा ही किया और स्वरचित स्त्रोत “कनकधारा स्त्रोत” ब्राह्मण को दे दिया.

जिससे कुछ ही दिनों में उस गरीब ब्राह्मण के घर में स्वर्ण मुद्रा की वर्षा हुई. उस ब्राह्मण परिवार की दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो गई.

तो इस तरह इस धन आने के उपाय में आज भी यह कनकधारा स्त्रोत उतना ही प्रभावी है, इसको रोजाना करने पर अपार धन आने लगेगा, यानी कहीं से भी किसी न किसी के जरिये धन आना शुरू हो जायेगा. आइये अब आगे कनकधारा स्त्रोत के बारे में बताते है.

हम इस स्त्रोत को संस्कृत और उसके अर्थ सहित हिंदी भाषा में निचे दे रहे है. आप अपनी इच्छा अनुसार संस्कृत या हिंदी दोनों में से किसी भी भाषा में इस स्त्रोत का पाठ कर सकते है.

ज्यादातर व्यक्तियों को संस्कृत में इसका पाठ करने में परेशानी होगी इसीलिए हिंदी में भाषा में भी इस स्त्रोत को दिया है, निचे देखे. लेकिन बेहतर होगा आप संस्कृत भाषा में ही इसका पाठ करे, क्योंकि संस्कृत देवों की भाषा होती है.

धन के लिए कनकधारा स्त्रोत हिंदी अनुवाद

जैसे भँवरी अधखिले फूलों से संचति तमाल के वृक्ष का आश्रय लेती है, वैसे ही कल्याणकारिणी लक्ष्मी की जो कटाक्ष लीला विष्णु भगवान के रोमांच से विभूषित शरीर से सम्बद्ध है और जो सभी विभूतियों से युक्त है, वह मुझे मंगलदायिनी हो॥

जैसे भँवरी विशाल कमल पर बार बार आती जाती रहती है, वैसे ही मुरारी विष्णु के मुख की ओर समुद्र-जन्मा लक्ष्मी की जो दृष्टि माला प्रेमवश बारम्बार जाती है और लज्जा वाश लौट आती है, वह मुझे श्री (ऐश्वर्य) प्रदान करे॥

जो सभी देवों के स्वामी इन्द्र के पद का वैभव देने में समर्ध है, मुरारी विष्णु को भी जो अति आनंदकारिणी है, जो निल कमल के भीतरी भाग जैसी मनोरम है, वह लक्ष्मी जी की अधखुली आँखों की दृष्टि पल भर के लिए कुछ मुझ पर पड़े॥

शेषनाग पर सोने वाले विष्णु की पत्नी लक्ष्मी जी का नेत्र मुझे ऐश्वर्यदायक हो, जिसकी पुतली और बरौनिया कामवश हो, अधखुली किन्तु एकटक दृष्टि से देखने वाले आनंद-मूल श्री मुकुंद को अपने पास पाकर तिरछी हो जाती है॥

जो मधु असुर को जितने वाले श्री विष्णु के कौस्तुभ मणि से शोभित वक्ष:स्थल पर इंद्रनीलमयी हारावली जैसी शोभा पाती है और जो भगवान के भी मन में काम को उत्पन्न कर देती है, कमलालया लक्ष्मी की वह कटाक्ष माला मेरा कल्याण करे॥

जैसे बादलों में बिजली चमकती है, वैसे ही जो कैटभासुर के शत्रु श्री विष्णु के काली मेघमाला के समान श्याम वारं सुन्दर वक्ष पर प्रकाशित होती है और जो सभी लोको की माँ है, उन भार्गव नन्दनी लक्ष्मी की पूजनीया मूर्ति मेरा कल्याण करे॥

मगरों के निवास स्थान समुद्र से उत्पन्न कन्या (लक्ष्मी) की वह मंद, अलसायी हुई, मन्थर और अधखुली दृष्टि, जिसके प्रभाव से कामदेव ने माग्डलमय मधुसूदन श्री विष्णु के हृदय में पहले-पहल स्थान पाया था, इस संसार में मुझ पर पड़े॥

श्री नारायण की प्रेयसी लक्ष्मी का नेत्ररूपी बादल, दयारूपी अनुकूल हवा से चलता हुआ, दुष्कर्मरूपी धुप को सदा के लिए दूर कर दुःख में पड़े हुये मुझ दरिद्र-रूपी पक्षी-शिशु पर धन रूपी जलधारा की वर्षा करे॥

विशेष बुद्धिमान लोग जिनके भक्त होकर उनकी दयालु दृष्टि के प्रभाव से देव-पद को सहज ही पा लेते है, उन कमलासन लक्ष्मी की खिले हुये कमल की भीतरी भाग जैसी शोभावली दृष्टि मुझे अभीष्ट पोषण प्रदान करे॥

जो सृष्टि के समय सरस्वती, स्थिति-काल में गरुड़-ध्वज श्रीविष्णु- पत्नी लक्ष्मी और प्रलय-लीला के समय चंद्रशेखर श्रीशिव-प्रिया दुर्गा (शाकम्भरी) के रूप में स्थित होती है, उन त्रिभुवन के एकमात्र गुरु भगवान नारायण की सदा युवावस्था में रहने वाली प्रिया श्री लक्ष्मी को नमस्कार है॥

शुभ कर्मो का फल देने वाली श्रुति को नमस्कार है, मनोहर गुण-सागरा रति को नमस्कार है, कमल-वासिनी शक्ति को नमस्कार है, पुरुषोत्तम की प्रिया पुष्टि को नमस्कार है ॥

पद्यानना लक्ष्मी को नमस्कार है, क्षीर सागर से जन्मी श्री को नमस्कार है, चन्द्रमा और अमृत की बहन लक्ष्मी को नमस्कार है, नारायण की प्रिया को नमस्कार है॥

स्वर्ण-कमल की पीठ पर विराजमान लक्ष्मी को नमस्कार है, भूमण्डल की स्वामिनी कमला को नमस्कार है, वेदों पर दया करने वाली लक्ष्मी को नमस्कार है, शाङ्ग-शस्त्र-धारी श्रीविष्णु की प्रिया को नमस्कार है॥

भृगु ऋषि को आनंदित करने वाली देवी को नमस्कार है, श्री विष्णु के वक्ष पर स्थित रहने वाली लक्ष्मी को नमस्कार है, कमलवासिनी लक्ष्मी को नमस्कार है, दामोदर प्रिया को नमस्कार है॥

कमल-नेत्रा कान्ति को नमस्कार है, भुवनों की जननी विभूति को नमस्कार है, देवादि सभी के द्वारा पूजित लक्ष्मी को नमस्कार है, नन्द-पुत्र श्रीविष्णु की प्रिया को नमस्कार है॥

हे कमल-नयना पूजा माँ! आपकी स्तुतियाँ संपत्ति देनी वाली, सभी इन्द्रियों को आनंददायिनी, साम्राज्य-वैभवकारिणी, पापों को दूर करने वाली हैं, वे मुझे सदा ही अपनाएं (मैं सदा ही आपकी स्तुतियां करता रहूं)॥

जिनकी कृपा-दृष्टि की उपासना-विधि भक्त को सभी अर्थ और संपत्ति-दायिनी हैं, उन्हीं विष्णु-प्रिया लक्ष्मी को मैं वाणी, शरीर और मन से भजता हूं॥

हे भगवती विष्णु प्रिये! कमल-वासिनी, कमल-हस्ते ! उज्जवल-वस्त्र-गन्ध-मालाधारिणी ! मनोरमे ! त्रिलोकैऐश्वर्यदायिनी ! मुझ पर प्रसन्न हो॥

दिग्गजों द्वारा स्वर्ण-कलशों के मुख से गिराए गए आकाश-गंगा के स्वच्छ सुन्दर जल से अभिषिक्त शरीर वाली जगज्जननी को, जोसभी लोगों के स्वामी विष्णु की गृहणी और सुधा-सागर की पुत्री हैं, मैं प्रातः काल नमस्कार करता हूं॥

हे कमले ! कमल-नेत्र-विष्णु-प्रिये ! दिनों मैं अग्रगण्य मैं दया का वास्तविक अधिकारी हूं। मुझे आप अपनी करुणापूर्ण दृष्टि से देखें॥

उक्त स्तुतियों से जो प्रतिदिन वेद-त्रय-स्वरूपा त्रेलोक्य-जननी लक्ष्मी की स्तुति करते हैं, वे पृथ्वी पर अति गुणी, बहु-भाग्यशाली होते हैं और विज्ञ भी उनके विचारों को मानते हैं॥

कनकधारा स्त्रोत संस्कृत भाषा में..

kanakdhara strotam

 

kanakdhara strotam part 2

इस तरह से आप सुबह स्नान करने के बाद पवित्र स्थान पर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके सूती आसान पर बैठ जाए और लक्ष्मी जी को मानसिक प्रणाम करे फिर इस कनकधारा स्त्रोत का 3 बार पाठ करे, आप एक बार भी कर सकते हैं. लेकिन तीन बार करना अति शुभ होता हैं.

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धन आने के उपाय वीडियो इन हिंदी (Video)

दोस्त धन पाने के लिए और भी उपाय है, लेकिन यह सबसे सरल और प्रभावी है. यह आपको जरूर फल देगा, हम खुद इसका नियमित प्रयोग करते है.

उम्मीद करते है आपको यह dhan aane ke upay bataye in Hindi, धन आने के टोटके के इस पोस्ट को पढ़कर अच्छा लगा होगा और उम्मीद है की आप इसे करेंगे, भरपूर लाभ प्राप्त करेंगे. हमसे जुड़े रहे ताकि आपको और भी जानकारी मिलती रहे.

धन आने के मार्ग खोलने के लिए आप इस स्त्रोत का पाठ करना शुरू करे, यह बहुत ही शक्तिशाली हैं.