101% धन प्राप्ति के 42 चमत्कारी उपाय और टोटके

dhan prapti upay or totke bataye

धन प्राप्ति के उपाय टोटके बताये क्या है लक्समी प्राप्ति के लिए ? यहां हम आपको ऐसे ज्योतिषी उपाय, टोटके बताने वाले है जिनके प्रयोग से आपके घर में धन आना शुरू हो जायेगा.

धन आगमन के नए नए मार्ग खुलना शुरू हो जायेंगे. हम यहाँ इस Post में आसान से उपायों के बारे में बताने वाले है, आप इसे पूरा और आराम से पड़ें.

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हमारे पास बहुत से उपाय थे तो हमने उनको अलग-अलग पोस्ट में बाँट दिया वह प्रभावी मंत्र और उपाय है, जो की धन की प्राप्ति करवाते है.

वह आसान भी है अगर आप उनको रोजाना करेंगे तो आपको धन से जुडी कोई भी परेशानी जिंदगी में नहीं आएगी. इस पोस्ट को पूरा पड़ने के बाद आप उन्हें भी जरूर पड़ें.

धन प्राप्ति के उपाय

Dhan Prapti Ke Totke in Hindi

#1

प्रत्येक शुक्रवार को किसी भी लक्ष्मी नारायण जी के मंदिर में जाकर सुगंधित चन्दन आदि अगरबत्ती अर्पित करें.

इससे धन यानी लक्ष्मी (laxmi) जी की कृपा आप पर सदा बनी रहेगी और धन से जुड़े जो भी कार्य करेंगे उसमे भरपूर सफलता मिलेगी. इसके अलावा अगर आप वही मंदिर में बैठकर लक्ष्मी जी के इस मंत्र ॐ ह्रीं श्रीं नमः से 108 बार जप भी कर सकते है इससे लक्ष्मी जी प्रसन्न होगी. यह चुनिंदा (laxmi) dhan prapti ke totke in Hindi में से एक है.

धन आगमन के साथ-साथ अगर आप आर्थिक उन्नति भी चाहते है तो शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से यह उपाय शुरू करके लगातार तीन शुक्रवार तक करे.

किसी भी प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में शाम के समय नौ साल से कम उम्र की 11 कन्याओ को खीर के साथ मिश्री का भोजन करवाए तथा उपहार में लाल वस्त्र उन कन्याओं को दें.

इस उपाय से जल्द ही धन के आगमन बढ़ेंगे और आर्थिक उन्नति भी होगी. आप शुक्लपक्ष का पहले शुक्रवार कब आने वाला है इस बारे में किसी भी पंडित से जानकारी प्राप्त कर सकते है.

#2

धन प्राप्ति के टोटके में खच्चर गधे के ऊपरी दांत को अपने पास रखने से चमत्कारी लाभ होता है, ऐसे व्यक्ति के पास जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं आती.

#3

पुष्प नक्षत्र आने से पहले किसी दिन शंखपुष्पी के पौधे के पास जाए, उसे प्रणाम करे और कहे की में आपकी जड़ों में से थोड़ी सी जड़ निकाल कर ले जा रहा हूं, मुझ पर अपनी कृपा बनाये रखे.

इसके बाद जब पुष्प नक्षत्र आये तब शंखपुष्पी की जड़ को चांदी की डिब्बी में रख कर एवं धुप आदि देकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए श्रद्धा भाव से तिजोरी में रख दें. ऐसा करने से धन की वृद्धि होती है, तिजोरी में दिनों दिन धन बढ़ने लगता है.

#4

जब भी आप बैंक में पैसे जमा करने जाए तो पश्चिम की दिशा की तरफ मुंह करके सभी कार्य करे, जैसे की पैसे जमा करने का फॉर्म भरना आदि जो भी कार्य करे उस समय पश्चिम दिशा की तरफ खड़े हो जाए.

इसके अलावा मन में मानसिक रूप से लक्ष्मी के मंत्र ॐ श्रीं श्रीं श्रीं | का जप करते रहें. इस तरह बैंक में यह प्रयोग करने से धन की प्राप्ति होती रहती है, धन से जुडी किसी भी तरह की परेशानियां जीवन में नहीं आती.

#5

इसके अलावा धन प्राप्ति के उपाय में आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास जाए उसे प्रणाम करे और एक अखंडित पत्ता तोड़कर लाये, अखंडित यानी ऐसा पत्ता जिसमे किसी भी तरह की खरोंच न रहे उसे तोड़कर ले आये, फिर उसे गंगाजल से धोकर उसके ऊपर हल्दी तथा दही के घोल से अपने right hand की अनामिका उंगली से एक वर्ग के भीतर “ह्रीं” लिखें.

यानी अपनी अनामिका उंगली से इस शब्द ह्रीं को पीपल के पत्ते पर लिखे. इसके बाद एक घी का दीपक लगाए और गुग्गुल की धूंप भी जलाये पहले इस पत्ते को दीपक के सामने घुमाये इसके बाद पीपल के पत्ते को धूंप का धुआं दिखाए.

इसके बाद आप उस पत्ते को मोड़कर अपने बटुए में रख लें, यह प्रयोग करने से आपका बटुआ कभी धन से खाली नहीं रहेगा. हर शनिवार को यह पत्ता बदलते रहे, पुराने पत्ते को किसी पवित्र स्थान पर डाल दें.

और नए पत्ते पर वापस वही क्रिया करे और फिर बटुए में रखे. तो इस टोटके से धन प्राप्ति होती रहेगी, लक्समी प्राप्ति के लिए टोटके में यह भी बहुत आसान है.

#6

हर एक अमावस्या के दिन अपने पुरे घर की सफाई करे, इसके बाद घर के मंदिर यानी आप घर में जहाँ पूजा करते है उस स्थान घी का दीपक जलाये और धुप आदि करे.

इससे घर में लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है साथ ही और भी कई अन्य लाभ होते है. घर में सकारात्मक ऊर्जा का बहाव बढ़ता है. जिससे आर्थिकी स्थिति में भी सुधार आता है.

#7

अगर धन खर्च ज्यादा होता है, आप धन को इकठ्ठा नहीं कर पा रहे हो तो घर के पैसों की तिजोरी में लाल वस्त्र बिछाए इसके साथ ही तिजोरी के अंदर गूंजा के बीज भी रखे. इन दोनों प्रयोग से धन की प्राप्ति होती है और धन स्थिर भी रहता है. यह बहुत ही छोटे और प्रभावी उपाय है, जरूर करे.

#8

अगर आपको अचानक धन की आवश्यकता पड़ी है, तो किसी मंदिर में लगे बरगद के पेड़ के पास जाए उसे प्रणाम करे और अपनी धन की मनोकामना करते हुए उसकी जटाओं में गांठे लगाए.

फिर जब आपको धन की प्राप्ति हो जाए तो वापस आकर इन गांठों को खोल दें. यह प्रयोग से धन का आगमन कराता है, यह उपाय धन प्राप्ति के लिए आसान भी है.

Laxmi Prapti Ke Upay Or Totke

#9

काली हल्दी को सिंदूर और धुप देकर लाल वस्त्र में लपेटकर एक दो मुद्राओं सहित तिजोरी में रखें. इससे धन की वृद्धि होती है.

#10

धन प्राप्ति करने के लिए आप ग्यारह कोडिया लाये और उन्हें शुद्ध कर ले. गौ मूत्र व गंगाजल से आप उन्हें शुद्ध कर सकते है, इसके बाद शुद्ध केसर से इन कौड़ियों को रंग दें.

फिर पिले वस्त्र में इन कौड़ियों को बांध कर धन के स्थान पर रखें यानी इसे दुकान की तिजोरी या घर की तिजोरी में रख सकते है. कौड़िया धन प्राप्ति करवाती है इस प्रयोग से धन का आगमन होता है.

#11

अगर आपका कोई व्यापार है, दुकान है तो आप यह प्रयोग जरूर करे. सबसे पहले नवार्ण प्राण-प्रतिष्ठायुक्त श्री लक्ष्मी कवच को सर्वार्थ सिद्ध योग में धारण करे.

यह कवच आपको धार्मिक स्थलों पर यानी धार्मिक दुकानों पर मिल जायेगा, वहां से खरीद कर इस कवच की किसी पंडित से प्राण प्रतिष्ठा करवाए और फिर आप इसे धारण कर लें.

इसके बाद फिर जंगल में जाकर आम के पौधे को दोनों हाथों से स्पर्श करके अपनी दुकान या व्यापार का नामोल्लेख करे अपने व्यापार का नाम ले और साथ ही महालक्ष्मी का ध्यान करें. इस उपाय, टोटके से व्यापार में काफी धन लाभ होगा.

#12

चमत्कारी “dhan prapti ke upay” में एक और बताते है जिसको करने पर आपके धन का भण्डार कभी खाली नहीं रहेगा, हमेशा तिजोरी धन से भरी रहेगी.

एक नए चमकीले पिले कपडे में नागकेसर, हल्दी, पूजा की सुपारी, एक सिक्का, ताम्बे का टुकड़ा और अक्षत रख कर पोटली बना लें, यानी इन सभी चीजों को चमकीले पिले कपड़े में रख कर बांध कर पोटली बना दें.

अब इस पोटली को श्री महालक्ष्मी के सामने रख कर धुप और घी का दीपक जलाये और पूजा करे, एक माला लक्ष्मी जी के किसी भी मंत्र की करे इसके साथ ही लक्ष्मी जी का थोड़ी देर ध्यान भी करे.

फिर इस पोटली को तिजोरी में रख दें तो तिजोरी कभी धन से खाली नहीं रहेगी, आप चाहे तो इसे अपनी दुकान की तिजोरी में भी रख सकते है.

#13

धन प्राप्ति के लिए किसी भी महीने के पहले गुरुवार को 3 अभिमंत्रित गोमती चक्र, 3 धनकारक पिली कौड़िया और हल्दी की 3 गांठे इन सभी को एक साथ किसी पिले कपडे में बांध कर तिजोरी में रख दें, तो इस धन प्राप्ति के टोटके से तिजोरी के धन में वृद्धि होती है. पैसे आने लगते है.

#14

laxmi prapti लक्ष्मी देवी जी की कृपा बनी रहे इसके लिए जब भी कोई हिजड़ा कुछ मांगने आये तो उसे अपनी क्षमता अनुसार धन दें. फिर उससे निवेदन करें की वह अपने पास से एक सिक्का आपको दे दें.

वह सिक्का आप अपने धन रखने की जगह पर रख दें. अगर वह दिन बुधवार का हो तो यह बहुत ही सौभाग्य की बात है.

हिजड़ों द्वारा दिया गया सिक्का धनप्रदायक (dhanpradayak) होता है. इसलिए अगर आपको ऐसा अवसर मिले तो आप जरा भी मत चूकियेगा.

धन की प्राप्ति के टोटके सरल और चमत्कारी

#15

अगर आप आर्थिक रूप से समस्याग्रस्त है, धन की कमी है, सुख की कमी है तो आप इस बताये जा रहे धन की प्राप्ति करने के उपाय को जरूर करे.

21 शुक्रवार तक नौ वर्ष से कम उम्र की पांच कन्याओं को खीर और मिश्री की प्रसाद बांटें. आपकी आर्थिक समस्या शीघ्र ही दूर हो जाएगी और धन से जुडी समस्या भी ख़त्म होगी.

#16

shri chakra
श्री चक्र

प्रभावी धन प्राप्ति के टोटके में एक और सरल तरीका बताते है. घर में रखने के लिए सिद्ध श्रीयंत्र प्राप्त करे, ध्यान रखे सिद्ध श्री यन्त्र का ही प्रयोग करे, इसको आप बाजार से खरीद कर किसी पंडित से सिद्ध करवा लें.

फिर किसी भी शुक्रवार को लक्ष्मी मंदिर में स्फटिक श्री यन्त्र के साथ 11 या 21 श्री लक्ष्मी सहस्त्रनाम की पुस्तके लेकर जाए.

स्फटिक श्री यन्त्र को माँ लक्ष्मी की मूर्ति के चरणों में रख कर उनके सामने बैठ-कर एक बार श्री लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ करे. फिर एक पुस्तक तथा स्फटिक श्री यन्त्र वापस ले आये. बाकी पुस्तके वही छोड़ दें.

श्रीयंत्र को अपने पूजा स्थान में लाल कपडे पर स्थान दें. कुछ ही दिनों में आप धन-धान्य से पूर्ण हो जायेंगे, धन प्राप्ति के नए नए मार्ग खुलेंगे. यह बहुत आसान उपाय है जरूर करे.

#17

धन प्राप्ति के लिए प्रत्येक पूर्णिमा को सुबह के समय दस बजे पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का फेरा लगता है. जो व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हो, उसे इस समय अवश्य ही पीपल के वृक्ष और मां लक्ष्मी की परिक्रमा करनी चाहिए.

इसके लिए पीपल पूर्णिमा को सुबह दस बजे पीपल के पेड़ की पूजा करे, दूध मिश्रित जल चढ़ाये, घी का दीपक लगाए और लक्ष्मी जी का ध्यान भी करे.

ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी बनेगी और धन का आगमन भी होगा. अगर किसी भी धार्मिक स्थान पर आपको कोई सिक्का या धन मुद्रा मिले तो आप उसे बिना किसी झिझक के उठा लें और उसको धन रखने के स्थान पर लाल या पिले रेशमी कपड़े में बांधकर रख दें.

इससे धन में वृद्धि होगी, आपके घर में धन का आगमन होता है रहेगा. यह बहुत ही दुर्लभ है, (laxmi prapti ke upay bataye) इसलिए आपको सिक्का या धन मुद्रा मिले तो यह प्रयोग जरूर करे.

#18

इसके अलावा अगर आपको किसी भी शुक्रवार के दिन किसी भी जगह पर से कोई सिक्का मिले या किसी भी तरह के हिसाब में आपको कोई व्यक्ति सिक्के ज्यादा दे दें तो आप उसे वापस न करें. वह सिक्का आप धन रखने के स्थान पर लाल रेशमी कपडे में लपेटकर रख दें.

इसके प्रभाव से धन का आगमन होता है, घर में धन की कोई कमी नहीं आती, तिजोरी हमेशा पैसो से भरी रहती है. किसी भी शुक्रवार के दिन सुहागिन स्त्री को लाल कपडे या सुहाग से जुडी सामग्री दान करने से भी धन लक्ष्मी के आगमन के मार्ग खुलते है.

#19

अगर शुक्रवार के दिन कोई विवाहित स्त्री आपको चाय-पानी के लिए बुलाये तो उनके बुलावे को न ठुकराए चाहे आप कितने ही अधिक व्यस्त क्यों न हो. यह धन के आगमन का घोतक है.

इसलिए खासकर शुक्रवार के दिन अगर कोई विवाहित स्त्री बुलाये तो जरूर जाए, चाहे थोड़े देर के लिए जाए लेकिन इंकार नहीं करे.

सरल उपाय और चमत्कारी फल

#20

अगर रस्ते में आपको कोई मोर नाचता हुआ दिखाई दे तो उसी समय उस स्थान की थोड़ी सी मिटटी उठाकर अपनी जेब या पर्स में रख लें. घर लौटकर उस मिटटी को धुप दिप दिखाकर चांदी के किसी तावीज में भरकर उसे तिजोरी में रख दें.

आपकी तिजोरी धन से कभी खाली नहीं रहेगी, कहीं न कहीं से धन आता ही रहेगा. यह बहुत ही अचूक उपाय है और दुर्लभ भी है.

इसलिए अगर आपको ऐसा मौका मिले तो आप बिलकुल भी न चुके.कच्ची घानी के तैल के दीपक में फूलदार लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करे, इससे अनिष्ट दूर होगा और धन की प्राप्ति भी होगी.

#21

किसी भी महीने के पहले शुक्रवार को लाल कमल के फूल ले आये. अब उस पर रोली से तिलक लगाकर लाल कपड़े के ऊपर रख कर धुप-अगरबत्ती दिखाए. फिर उसी कपडे में लपेटकर धन के स्थान पर इसे रख दें. ऐसा करने से धन लाभ होता है.

#22

श्री महालक्ष्मी का ध्यान करके अपने मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक लगाए. धन लाभ के समाचार मिलेंगे.

#23

घर के बाहर शुद्ध केसर से स्वस्तिक का निर्माण करके उस पर पिले पुष्प और अक्षत चढ़ाये. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जी का आगमन होता है. लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#24

श्री महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए चांदी से बने अभिमंत्रित लॉकेट में शुद्ध मोती तथा मूंगा जड़वाकर गले में धारण करे. ऐसा करने से धन से जुडी सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी और लक्ष्मी जी का आगमन होगा.

#25

दो पिले फूल श्री महालक्ष्मी को चढ़ाये, इससे धन लाभ जरूर होगा. अगर आपके आस पास लक्ष्मी जी का मंदिर है तो वहां दो पिले फूल रोजाना चढ़ाये, इसके अलावा घर में रखी लक्ष्मी जी की प्रतिमा आदि पर भी यह पिले फूल चढ़ा सकते है. इससे लक्ष्मी जी जल्दी प्रसन्न होती है.

इसके साथ ही गणेश जी को भी दूर्वा ओर मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाकर लक्ष्मी जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक लगाए. इन दोनों उपाय को साथ में करने से आपको धन की कमी कभी नहीं सताएगी.

#26

श्रीं अंकित कमलगट्टे को श्री महालक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र के सामने बासमती चावल की ढेरी पर स्थापित करें तथा श्री महालक्ष्मी जी के साथ इसकी भी पूजा करें. पूजन करने के बाद इसे अपने पास रखने से धन आता रहता है.

श्रद्धा से किये गए उपाय कभी असफल नहीं होते

#27

अगर आपको अचानक धन की अवश्यकता पड़ गई है तो अचानक धन लाभ के लिए माता लक्ष्मी जी के मंदिर में सुगंधित धूपबत्ती तथा गुलाब की अगरबत्ती का दान करें. अगर शुक्ल पक्ष में शुक्रवार के दिन यह टोटका किया जाए तो शीघ्र ही सफलता मिलती है और अचानक धन लाभ होता है.

#28

लक्समी प्राप्ति के लिए और धन को स्थिर करने के लिए, यानी अगर आप धन इकठ्ठा करना चाहते हो और वह नहीं हो पा रहा है तो आपको यह आसान सा प्रयोग जरूर करना चाहिए.

किसी भी शुभ दिन लाल रेशमी रुमाल में अभिमंत्रित हत्थाजोड़ी बांधकर अपने घर तिजोरी में रख दें. इस प्रयोग से धन इकठ्ठा होने लगेगा, धन के खर्चे कम हो जायेंगे.

#29

श्रवण मास में रोजाना 108 बिल्वपत्रों पर चन्दन से निम्न मंत्र लिखे. फिर इसी मंत्र को बोलते हुए 1-1 बिल्वपत्र शिवजी पर चढ़ाते रहें. ऐसा 31 दिनों तक करने से धन लाभ जरूर होता है.

मंत्र इस प्रकार है – ॐ नमः शिवाय . बस इस मंत्र से आपको बताया गया प्रयोग करना है यह बहुत ही सरल और असरकारी धन की प्राप्ति के उपाय है, श्रवण मास में इसे जरूर करे.

#30

अधिकतर मंदिर में कई भक्त चढ़ावे के रूप में रुपये पैसे अपने इष्टदेव की ओर उछालते है.

अगर सौभाग्य से किसी के द्वारा मंदिर में रुपये पैसे चढ़ाये समय कोई सिक्का आपकी झोली में या आपके ऊपर गिर जाए तो बिना किसी झिझक के उसे मां लक्ष्मी का प्रसाद मानकर अपने पास रख लें.

यह आपके लिए बहुत सौभाग्य की बात है. इसका अर्थ है की मां लक्ष्मी ने आपको धनवान बनाने का काम आरम्भ कर दिया है.

धन प्राप्ति के लिए उपाय बताएं

#31

अपने घर में नियमित रूप से पूजा करते समय जो दीपक जलाते है, उसमें रुई की बत्ती के जगह कलावा का प्रयोग करें क्योंकि मां लक्ष्मी को लाल रंग अधिक प्रिय होता है. इससे धनलक्ष्मी का आगमन होता है.

#32

एक और छोटा सा उपाय बताते है, गुरुवार को केले के वृक्ष पर सादा जल चढ़ाकर घी का दीपक लगाए और शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष में दूध मिला हुआ मीठा जल चढ़ाये इसके साथ ही सरसो के तैल का दीपक लगाए तो कभी भी आर्थिक रूप से परेशान नहीं रहेंगे और लक्ष्मी जी की सदा ही अनुकम्पा बनी रहेगी.

#33

अगर नियमित रूप से रोजाना घर की पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को दी जाए तो ऐसे घर में धन-आगमन होते रहने से कोई नहीं रोक सकता है. यह बहुत ही आसान प्रयोग है, इससे और भी कई लाभ होते है आप इसे अवश्य ही करे.

#34

किसी भी दिन रात के समय तीन से पांच बजे के बिच उठें और अपने घर के उस खुले स्थान में आ जाये जहाँ से आसमान खुला दिखाई दें.

अब पश्चिम दिशा की तरह मुंह करके अपने दोनों हाथ के पंजो को इस तरह से मिला लें, जैसे आप कुछ मांग रहे हो. इसके बाद आकाश की ओर देखते हुए धन लक्ष्मी से अपनी सम्पन्नता की भिक्षा मांगे.

फिर दोनों हथेलियों को अपने चेहरे पर फेर लें. कुछ ही दिनों में धन का आगमन होने लगेगा.

घर में लक्ष्मी जी का वास बनाये रखने के लिए सिर्फ शनिवार के दिन ही घर से मकड़ी के जले, रद्दी और टूटी फूटी सामग्री आदि हटाए. ऐसा करने से लक्ष्मी का वास घर में बना रहता है.

#35

किसी भी शुक्रवार के दिन कमल के फूल को लाकर उसे गंगाजल आदि से शुद्ध कर लें फिर लाल कपडे में लपेटकर अपनी तिजोरी या अलमारी में रख दें. धन बड़ी आसानी से प्राप्त हो जायेगा.

#36

घर के मुख्य द्वार पर रोजाना सरसों के तैल का दीपक लगाए. दीपक बुझ जाने पर बचे हुए तैल को पीपल के वृक्ष पर शाम के समय चढ़ा दें. इस तरह 7 शनिवार तक करने से घर में धन की कमी नहीं रहती, घर में लक्ष्मी का वास हो जाता है, धन प्राप्ति होती है.

#37

घर में पोंछा लगाते वक्त पोंछे के पानी में थोड़ा सा नमक भी डाल दें और फिर उस पानी से घर में पोंछे लगाए, ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा ख़त्म होती है और धन का आगमन भी निरंतर बना रहता है.

धन प्राप्ति के उपाय में यह छोटा सा प्रयोग भी बहुत सहयोगी साबित होता है, जब घर में सकारात्मक शक्ति का प्रवाह रहता है तो लक्समी जी प्रसन्न रहती है.

Laxmi Prapti (उपाय और टोटके)

#38

इसके अलावा आपके घर में कोई स्त्री जो विवाहित हो यानी गृहलक्ष्मी सबसे पहले घर का मुख्य द्वार खोले और उस पर एक लोटा जल डाले तो धन के आगमन के मार्ग खुलते है, धन की प्राप्ति होती रहती है.

#39

अगर आप जो व्यापार कर रहे है उसमे आपको लाभ नहीं हो रहा तो गोबर से एक जगह पर लिप-पोतकर शुद्ध करके उस पर एक त्रिकोण बनाये. फिर उस त्रिकोण में अपने व्यापार या दुकान का नाम लिखकर सिंदूर डालें.

अब उस पर कंबल रखकर बैठ जाए और रोजाना कम से कम 15 मिनट तक श्री महालक्ष्मी का ध्यान करें. इससे धन लाभ होना शुरू हो जायेगा.

#40

Laxmi prapti ke upay में आप स्फटिक श्री यन्त्र को पूजा स्थान में रख कर उसकी पूजा करें. फिर उसे लाल कपडे में लपेटकर तिजोरी में रख दें. इस टोटके से धन में वृद्धि होती है.अगर आपको एकाक्षी नारियल मिल जाए जो की बहुत दुर्लभ होता है तो यह बहुत धन प्राप्ति करवाता है.

#41

जिस घर में एकाक्षी नारियल होता है उस घर में लक्ष्मी स्वयं वास करने लगती है, धन से जुडी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहती यह बहुत ही दुर्लभ उपाय है.घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा या चित्र को इस तरह लगाए की उनका मुंह घर के भीतर की तरफ हो इससे धन का आगमन होता है.

#42

आंवला एक बहुत प्रसिद्द वृक्ष है. अगर इस वृक्ष पर कोई बांदा दिखाई दे जाए तो इसे वृक्ष से अलग कर लें. फिर घर लाकर इसके ऊपर कोई सुगंधित इत्र लगाए और इसे बिना किसी विधि विधान के कैश बॉक्स में रख दें तो व्यक्ति को धन की तंगी कभी नहीं आती. यह बांदा नवरत्नों से भी अधिक दुर्लभ और प्रभावशाली सिद्ध हुआ है. यह बांदा धनदायक है.

इस बांदा को रामनामी के दिन केले के पत्ते में लपेटकर रखा जाये तो इसका प्रभाव अत्यधिक बढ़ जाता है. इसके अलाव गरीबी आने पर दक्षिणावर्ती शंक के पास में इस बांदा को रख कर इसकी पूजा की जाए तो व्यक्ति के आसपास गरीबी बिलकुल नहीं भटकती, कहीं न कहीं से धन आता है और उसके गरीबी ख़त्म हो जाती है.

dhan prapti upay video in Hindi

तो दोस्तों इस तरह बताये गए धन प्राप्ति के टोटके, laxmi dhan prapti ke upay in Hindi के इस पोस्ट को पढ़कर आपको बहुत अच्छा लगा होगा. धन की प्राप्ति करवाने वाले इन टोटको और उपायों को प्रयोग में लाने पर किसी भी तरह की धन की कमी नहीं रहती.

यह सभी उपाय बहुत ही प्रभावी है. इसके अलावा ऊपर जो पांच उपाय हमने दिए है आप उन्हें रोजाना जरूर करे तो आपको धन से जुडी किसी भी तरह की कमी नहीं आएगी.

चमत्कारिक धन आने के उपाय : 21 दिन में धन आने लगेगा (टोटके)

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यहां हम ऐसे एक सरल धन आने के उपाय यानी लक्ष्मी प्राप्ति टोटके के बारे में बताने वाले हैं, जिसको रोजाना करने पर चारों तरफ से धन आने लगेगा, नए-नए मार्ग खुलेंगे. इसके लिए आप यह Post पूरा और आखिरी तक जरूर पड़ें. यह प्रयोग हम खुद भी करते हैं. इसके प्रभाव से लक्ष्मी जी जल्द प्रसन्न होती है.

धन की जरुरत किसे नहीं होती, धन आज के युग में सबसे महत्वपूर्ण हो गया है. ऐसे कई व्यक्ति है जिन्हे धन की कमी रहती है, वह काम भी बहुत करते है लेकिन उन्हें उसके मुताबिक पर्याप्त धन नहीं मिलता. इसके पीछे कई दोष होते है, ऐसे लोगों पर लक्ष्मी जी की कृपा नहीं होती.

धन आने के लिए “dhan aane ke totke mantra” में हम यहां आपको एक ऐसे स्त्रोत के बारे में बताने जा रहे है, जिसे रोजाना करने पर ढेर सारे धन की प्राप्ति होती है, धन की कभी कमी नहीं होती, मान सम्मान बढ़ता है, परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है, जीवन की परेशानियां कम होती है इस स्त्रोत को करने में सिर्फ 5 मिनट लगते है, बदले में यह आपको लक्ष्मी जी की अनंत कृपा दिलवाता है.

सिर्फ 21 दिन करके देखे

शायद आपको यह जानकर हैरानी हो रही होगी, लेकिन आप खुद 21 दिनों तक इस स्त्रोत को रोजाना करना शुरू करे आपको खुद को इसका असर आभास होने लगेगा.

अभी तक के जितने भी मंत्र और उपाय हैं उनमे से सबसे ज्यादा यह बताये जा रहा स्त्रोत प्रभावी और शीघ्र फलदाय हैं. हमसे कोई लोगों ने पूछा धन आने लिए उपाय बताये जो की सरल और रोजाना किया जा सके, तब हमने उन्हें यह धन आने के टोटके से भी बेहतर तरीका बताया.

Dhan Aane Ke Upay in Hindi

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Dhan Aane Ke Totke Bataye Kya Kare ?

इस कनकधारा स्त्रोत पाठ की शुरुआत आप शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से करें. इसके लिए किसी विशेष विधि-विधान की भी आवश्यकता नहीं होती हैं.

सूती आसान पर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठ जाए और अपने पुरे मन को लगाकर ऐसे पाठ करे जैसे की स्वयं लक्ष्मी जी आपके सामने बैठी हो और आप उन्हें यह पाठ सुना रहे हो. आप जितनी तल्लीनता से इस स्त्रोत का पाठ करेंगे आपको उतना ही ज्यादा लाभ होगा.

पाठ करने के बाद माँ लक्ष्मी को मानसिक रूप से प्रणाम करें, यानी मन ही मन माँ लक्ष्मी को प्रणाम करे और अपने स्थान से उठ जाए. अगर आपकी कोई कामना हैं, आप लक्ष्मी जी से कुछ मांगना चाहते हो तो आप पाठ के बाद हाथ जोड़कर प्रणाम करते हुए अपने मन मैं लक्ष्मी जी को प्रणाम करते हुए उनसे अपनी कामना, इच्छा कह दें.

अगर आप कुछ नहीं मांगना चाहते तो सिर्फ प्रणाम कर ले लक्ष्मी जी खुद आपकी सभी कामनाओ को पूरा करेंगी (one strot money problem solution in Hindi).

चलिए आगे हम बताते है की कैसे कनकधारा स्त्रोत की उपत्ति हुई और फिर इसके बाद हम कनकधारा स्त्रोत बताएंगे.

कनकधारा यन्त्र..

वैसे हम बता दे अगर आप इस स्त्रोत से तत्काल फल प्राप्त करना चाहते है तो सबसे पहले कनकधारा यन्त्र का निर्माण करवाए और फिर उसकी पूजा कर, उसे सिद्ध कर ले इसके बाद कनकधारा स्त्रोत के साथ पूजा पाठ करे, इससे दुगने लाभ मिलेंगे, स्वयं सिद्धि और ऐश्वर्या की प्राप्ति भी होगी.

kanakdhara yantra

इसके लिए सबसे पहले चांदी की धातु पर कनकधारा यन्त्र बनवाये, फिर उसे पूजा पाठ के पवित्र स्थान पर पिले कपडे को बिछाकर उसके ऊपर इस यन्त्र को रख दें. फिर रोजाना इस यन्त्र के सामने बैठ कर ही कनकधारा स्त्रोत का पाठ करे तो तत्काल फल मिलेगा.

आप अपने क्षेत्र के किसी विद्वान पंडित के द्वारा कनकधारा यन्त्र को बनवाने के बाद सिद्ध करवा ले और पूजा के स्थान पर रखवा ले फिर वही उसी जगह बैठ कर इस स्त्रोत का पाठ करे.

इस स्त्रोत की महिमा..

कनकधारा स्त्रोत की रचना जगद्गुरु शंकराचार्य ने उस समय की थी जब वे भिक्षा मांगने के लिए एक निर्धन धर्मपरायण ब्राह्मण के दरवाजे पर पहुंचे. वह ब्राह्मण इतने निर्धन थे की उस समय उनके पास भिक्षा में देने के लिए कुछ भी नहीं था.

ब्राह्मण की पत्नी अपनी इस विपन्नता पर असहाय हो कर रो पड़ी. उसकी इस दिन-दशा को देख शंकराचार्य जी का हृदय पसीज उठा. वे वही स्वनिर्मित स्त्रोत का पाठ कर लक्ष्मी देवी का स्तवन करने लगे.

उनकी करुणामयी आवाज एक स्त्रोत के रूप में प्रस्फुटित हुई, जिससे लक्ष्मी जी ने परम प्रसन्न हो उन्हें तत्काल दर्शन दिया और स्तवन का कारण पूछा.

शंकराचार्य जी ने ब्राह्मणी की धर्म परायणता और विपन्नता का वर्णन करते हुए उसकी दरिद्रता को दूर करे की प्राथना की. देवी लक्ष्मी जी ने कहा – वत्स, यद्द्पि इसके भाग्य में इस जन्म में वैभव लिखा ही नहीं है, फिर भी तुम्हारे इस स्त्रोत ने इसके भाग्य लेख को बदल दिया है.

आगे लक्ष्मी जी बोली की इस ब्राह्मण के घर में एक कनकधारा यन्त्र को रख कर उसका पूजन कर वहीं स्त्रोत जो तुमने रचा है का पाठ इस ब्राह्मण को करना होगा. शंकराचार्य जी ने उस गरीब ब्राह्मण के कल्याण के लिए ठीक ऐसा ही किया और स्वरचित स्त्रोत “कनकधारा स्त्रोत” ब्राह्मण को दे दिया.

जिससे कुछ ही दिनों में उस गरीब ब्राह्मण के घर में स्वर्ण मुद्रा की वर्षा हुई. उस ब्राह्मण परिवार की दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो गई.

तो इस तरह इस धन आने के उपाय में आज भी यह कनकधारा स्त्रोत उतना ही प्रभावी है, इसको रोजाना करने पर अपार धन आने लगेगा, यानी कहीं से भी किसी न किसी के जरिये धन आना शुरू हो जायेगा. आइये अब आगे कनकधारा स्त्रोत के बारे में बताते है.

हम इस स्त्रोत को संस्कृत और उसके अर्थ सहित हिंदी भाषा में निचे दे रहे है. आप अपनी इच्छा अनुसार संस्कृत या हिंदी दोनों में से किसी भी भाषा में इस स्त्रोत का पाठ कर सकते है.

ज्यादातर व्यक्तियों को संस्कृत में इसका पाठ करने में परेशानी होगी इसीलिए हिंदी में भाषा में भी इस स्त्रोत को दिया है, निचे देखे. लेकिन बेहतर होगा आप संस्कृत भाषा में ही इसका पाठ करे, क्योंकि संस्कृत देवों की भाषा होती है.

धन के लिए कनकधारा स्त्रोत हिंदी अनुवाद

जैसे भँवरी अधखिले फूलों से संचति तमाल के वृक्ष का आश्रय लेती है, वैसे ही कल्याणकारिणी लक्ष्मी की जो कटाक्ष लीला विष्णु भगवान के रोमांच से विभूषित शरीर से सम्बद्ध है और जो सभी विभूतियों से युक्त है, वह मुझे मंगलदायिनी हो॥

जैसे भँवरी विशाल कमल पर बार बार आती जाती रहती है, वैसे ही मुरारी विष्णु के मुख की ओर समुद्र-जन्मा लक्ष्मी की जो दृष्टि माला प्रेमवश बारम्बार जाती है और लज्जा वाश लौट आती है, वह मुझे श्री (ऐश्वर्य) प्रदान करे॥

जो सभी देवों के स्वामी इन्द्र के पद का वैभव देने में समर्ध है, मुरारी विष्णु को भी जो अति आनंदकारिणी है, जो निल कमल के भीतरी भाग जैसी मनोरम है, वह लक्ष्मी जी की अधखुली आँखों की दृष्टि पल भर के लिए कुछ मुझ पर पड़े॥

शेषनाग पर सोने वाले विष्णु की पत्नी लक्ष्मी जी का नेत्र मुझे ऐश्वर्यदायक हो, जिसकी पुतली और बरौनिया कामवश हो, अधखुली किन्तु एकटक दृष्टि से देखने वाले आनंद-मूल श्री मुकुंद को अपने पास पाकर तिरछी हो जाती है॥

जो मधु असुर को जितने वाले श्री विष्णु के कौस्तुभ मणि से शोभित वक्ष:स्थल पर इंद्रनीलमयी हारावली जैसी शोभा पाती है और जो भगवान के भी मन में काम को उत्पन्न कर देती है, कमलालया लक्ष्मी की वह कटाक्ष माला मेरा कल्याण करे॥

जैसे बादलों में बिजली चमकती है, वैसे ही जो कैटभासुर के शत्रु श्री विष्णु के काली मेघमाला के समान श्याम वारं सुन्दर वक्ष पर प्रकाशित होती है और जो सभी लोको की माँ है, उन भार्गव नन्दनी लक्ष्मी की पूजनीया मूर्ति मेरा कल्याण करे॥

मगरों के निवास स्थान समुद्र से उत्पन्न कन्या (लक्ष्मी) की वह मंद, अलसायी हुई, मन्थर और अधखुली दृष्टि, जिसके प्रभाव से कामदेव ने माग्डलमय मधुसूदन श्री विष्णु के हृदय में पहले-पहल स्थान पाया था, इस संसार में मुझ पर पड़े॥

श्री नारायण की प्रेयसी लक्ष्मी का नेत्ररूपी बादल, दयारूपी अनुकूल हवा से चलता हुआ, दुष्कर्मरूपी धुप को सदा के लिए दूर कर दुःख में पड़े हुये मुझ दरिद्र-रूपी पक्षी-शिशु पर धन रूपी जलधारा की वर्षा करे॥

विशेष बुद्धिमान लोग जिनके भक्त होकर उनकी दयालु दृष्टि के प्रभाव से देव-पद को सहज ही पा लेते है, उन कमलासन लक्ष्मी की खिले हुये कमल की भीतरी भाग जैसी शोभावली दृष्टि मुझे अभीष्ट पोषण प्रदान करे॥

जो सृष्टि के समय सरस्वती, स्थिति-काल में गरुड़-ध्वज श्रीविष्णु- पत्नी लक्ष्मी और प्रलय-लीला के समय चंद्रशेखर श्रीशिव-प्रिया दुर्गा (शाकम्भरी) के रूप में स्थित होती है, उन त्रिभुवन के एकमात्र गुरु भगवान नारायण की सदा युवावस्था में रहने वाली प्रिया श्री लक्ष्मी को नमस्कार है॥

शुभ कर्मो का फल देने वाली श्रुति को नमस्कार है, मनोहर गुण-सागरा रति को नमस्कार है, कमल-वासिनी शक्ति को नमस्कार है, पुरुषोत्तम की प्रिया पुष्टि को नमस्कार है ॥

पद्यानना लक्ष्मी को नमस्कार है, क्षीर सागर से जन्मी श्री को नमस्कार है, चन्द्रमा और अमृत की बहन लक्ष्मी को नमस्कार है, नारायण की प्रिया को नमस्कार है॥

स्वर्ण-कमल की पीठ पर विराजमान लक्ष्मी को नमस्कार है, भूमण्डल की स्वामिनी कमला को नमस्कार है, वेदों पर दया करने वाली लक्ष्मी को नमस्कार है, शाङ्ग-शस्त्र-धारी श्रीविष्णु की प्रिया को नमस्कार है॥

भृगु ऋषि को आनंदित करने वाली देवी को नमस्कार है, श्री विष्णु के वक्ष पर स्थित रहने वाली लक्ष्मी को नमस्कार है, कमलवासिनी लक्ष्मी को नमस्कार है, दामोदर प्रिया को नमस्कार है॥

कमल-नेत्रा कान्ति को नमस्कार है, भुवनों की जननी विभूति को नमस्कार है, देवादि सभी के द्वारा पूजित लक्ष्मी को नमस्कार है, नन्द-पुत्र श्रीविष्णु की प्रिया को नमस्कार है॥

हे कमल-नयना पूजा माँ! आपकी स्तुतियाँ संपत्ति देनी वाली, सभी इन्द्रियों को आनंददायिनी, साम्राज्य-वैभवकारिणी, पापों को दूर करने वाली हैं, वे मुझे सदा ही अपनाएं (मैं सदा ही आपकी स्तुतियां करता रहूं)॥

जिनकी कृपा-दृष्टि की उपासना-विधि भक्त को सभी अर्थ और संपत्ति-दायिनी हैं, उन्हीं विष्णु-प्रिया लक्ष्मी को मैं वाणी, शरीर और मन से भजता हूं॥

हे भगवती विष्णु प्रिये! कमल-वासिनी, कमल-हस्ते ! उज्जवल-वस्त्र-गन्ध-मालाधारिणी ! मनोरमे ! त्रिलोकैऐश्वर्यदायिनी ! मुझ पर प्रसन्न हो॥

दिग्गजों द्वारा स्वर्ण-कलशों के मुख से गिराए गए आकाश-गंगा के स्वच्छ सुन्दर जल से अभिषिक्त शरीर वाली जगज्जननी को, जोसभी लोगों के स्वामी विष्णु की गृहणी और सुधा-सागर की पुत्री हैं, मैं प्रातः काल नमस्कार करता हूं॥

हे कमले ! कमल-नेत्र-विष्णु-प्रिये ! दिनों मैं अग्रगण्य मैं दया का वास्तविक अधिकारी हूं। मुझे आप अपनी करुणापूर्ण दृष्टि से देखें॥

उक्त स्तुतियों से जो प्रतिदिन वेद-त्रय-स्वरूपा त्रेलोक्य-जननी लक्ष्मी की स्तुति करते हैं, वे पृथ्वी पर अति गुणी, बहु-भाग्यशाली होते हैं और विज्ञ भी उनके विचारों को मानते हैं॥

कनकधारा स्त्रोत संस्कृत भाषा में..

kanakdhara strotam

 

kanakdhara strotam part 2

इस तरह से आप सुबह स्नान करने के बाद पवित्र स्थान पर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके सूती आसान पर बैठ जाए और लक्ष्मी जी को मानसिक प्रणाम करे फिर इस कनकधारा स्त्रोत का 3 बार पाठ करे, आप एक बार भी कर सकते हैं. लेकिन तीन बार करना अति शुभ होता हैं.

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धन आने के उपाय वीडियो इन हिंदी (Video)

दोस्त धन पाने के लिए और भी उपाय है, लेकिन यह सबसे सरल और प्रभावी है. यह आपको जरूर फल देगा, हम खुद इसका नियमित प्रयोग करते है.

उम्मीद करते है आपको यह dhan aane ke upay bataye in Hindi, धन आने के टोटके के इस पोस्ट को पढ़कर अच्छा लगा होगा और उम्मीद है की आप इसे करेंगे, भरपूर लाभ प्राप्त करेंगे. हमसे जुड़े रहे ताकि आपको और भी जानकारी मिलती रहे.

धन आने के मार्ग खोलने के लिए आप इस स्त्रोत का पाठ करना शुरू करे, यह बहुत ही शक्तिशाली हैं.