यह प्रयोग किया तो खुद हनुमान जी दर्शन और वरदान देंगे

आज हम आपको श्री हनुमान जी के एक ऐसे मंत्र प्रयोग के बारे में बताने वाले है जिसमे आप स्वयं साक्षात् हनुमान जी के दर्शन करेंगे और आपके सवालो, समस्या का समाधान बताएंगे, आपको यह सुनकर यकीन नहीं हो रहा होगा की हनुमान जी ऐसे कैसे दर्शन दे सकते है लेकिन यह सच कह रहे है.

हम जो प्रयोग बताने वाले है उससे कई लोगों ने लाभ उठाया है और भगवान् के दर्शन किये है.आप इस प्रयोग को कर के अपनी चाहे कैसी भी समस्या हो उसका समाधान पूछ सकते है, कोई सा भी सवाल हो उसका जवाब पा सकते है.

बस शर्त यह है की आपको 21 दिनों तक यह प्रयोग शुभ पवित्र रहकर और पूरी आस्था, सच्चे मन से करना होगा फिर हनुमान जी के दर्शन आपको स्वप्न में अवश्य होंगे. आपको ऐसा लगेगा जैसे की आप किसी लोक में पहुँच गए है यह बहुत ही अद्भुत और दुर्लभ है.

प्रयोग बताने से पहले कहना चाहूंगा की अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो इसे फेसबुक और व्हाट्सअप पर sharing buttons पर click कर के ज्यादा से ज्यादा share करे.

ताकि सभी तक आसानी से पहुँच जाए और सभी इसका लाभ उठा सके यह हनुमान जी का प्रयोग है आप जितना शेयर करेंगे उतना ही अच्छा होगा और कमेंट में अपनी आस्था अनुसार जय बजरंगबली भी लिखे तो चलिए अब आगे शुरू करते है.

तो प्रयोग के लिए एक फुट का लाल चन्दन का टुकड़ा लें और फिर इसके टुकड़े के ऊपर हनुमान जी की प्रतिमा खुदवाये. आप मूर्ति बनाने वाले व्यक्ति से लाल चन्दन के टुकड़े पर हनुमान जी की मूर्ति खुदवा सकते है.

यानी की उस टुकड़े पर हनुमान जी की आकृति बनवा ले, फिर इसके बाद इस प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा षोडशोपचार पूजन ब्राह्मण द्वारा करवाए और यह कार्य मंगलवार को ही करवाए.

अगर आपको कोई ब्राह्मण न मिले या किसी कारणवश आप ब्राह्मण को नहीं बुला सकते तो आप फिर ऐसा करे. पूजा में प्रयोग में लाइ जाने वाली सुपारी पर लाल धागा लपेटकर प्रतिमा के पास रख दें.

फिर उनके ऊपर बारी-बारी से क्रमशः गंगाजल, अक्षत (चावल), फूल बेलपत्र और तुलसी के पत्ते, चन्दन आदि श्रद्धा पूर्वक चढ़ाये.सिंदूर भी चढ़ाये और प्रसाद के रूप में वहां पर गुड़ या चूरमा रखें.

यह प्रसाद सारे दिन प्रतिमा के सामने ही रखा रहने दें.रात के समय प्रतिमा के सामने शुद्ध घृत का दीपक और अगरबत्ती जलाकर चन्दन की माला पर आगे लिखा मंत्र ग्यारह सौ बार जपें. साधना काल में पवित्र व स्वच्छ रहे, और साधना पवित्र स्थान पर ही करे.

साधना करने से पहले स्नान करे. इसके बाद लाल वस्त्र पहनकर ही साधना में बैठे और मंत्र का जप करे. यह मंत्र है : ऊँ नमो हनुमन्ताय आवेशय आवेशय स्वाहा

फिर अगले दिन प्रसाद उठा ले और नयी प्रसाद चढ़ाये. इसके बाद अगर आपकी कुंडलिनी में छठा भाव और पांचवा भाव खाली है तो आप पुराणी प्रशाद को रोजाना ही पृथ्वी के अंदर दबा दें और अगर आपकी जन्म कुंडली में पांचवे या छठवे भाव में कोई गृह है या किसी गृह का प्रभाव इन भाव पर हो तो यह प्रसाद किसी भिखारी को दान करे.

इस तरह आपको 21 दिनों तक लगातार ऐसा करना है और ब्रह्मचर्य का पालन भी करना है. फिर 21 वे दिन रात में पूजा करने के स्थान पर ही साक्षात् हनुमा जी आपको आशीर्वाद और वर देने आएंगे.

अगर आपकी भावना में कमी होगी तो भी वह आपके प्रश्नो का जवाब स्वप्न में आकर बता देंगे. आप इस प्रयोग को पुरे तन मन से करे कई व्यक्तियों ने इस प्रयोग से हनुमान जी के दर्शन प्राप्त किये है आप भी कर सकते है.