शत्रु विनाशक मंत्र 101% सजा देना और दुश्मनी के आसान मंत्र

dushmani vinashak shabar mantr

शत्रु नाशक मंत्र बताये क्या होते है ? जाने कुछ ऐसे मन्त्रों के बारे में जिनके प्रयोग से जल्द ही आपके शत्रु का नाश हो जायेगा, वह आपके आगे झुक जायेगा और फिर कभी परेशान नहीं करेगा.

आज के समय में किसी से शत्रुता होना कोई बड़ी बात नहीं है. शत्रुता तो राह चलते हुए भी हो जाती है, अच्छी उन्नति करने पर लोग जलने लगते है और वह हमारे पीठ पीछे शत्रु बन जाते है.

यहाँ दिए जा रहे शत्रुता ख़त्म करने का मंत्र का अगर आप नियमित रूप से प्रयोग करते है तो आपकी शत्रुता बिलकुल नष्ट हो जाएगी.

हम यहाँ पर सभी तरह के शत्रु नाशक शाबर मंत्र और अन्य तरह के मंत्र बताने वाले है, जैसे की शत्रु को परेशान करना, शत्रु को मारना या शत्रु को भारी से भारी कष्ट देना आदि.

आपको प्रयोग करते वक्त धैर्य और आत्मविश्वाश बढ़ाये रखना होगा, सकारात्मक रहते हुए किये गए सभी कर्म सकारात्मक फल देते है इसलिए आप इन मन्त्रों से प्रयोग करते समय तन मन से पवित्र और सकारात्मक बने रहे तो आइये अब आगे जानते है shatru vinashak mantra in Hindi, दुश्मन का नाश करने वाले प्रभावी प्रयोग.

Sarv Shatru Nashak Mantra in Hindi

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शत्रु विनाशक मंत्र बताओ क्या है

चलिए शत्रु का उच्चाटन करने का मंत्र यानी शत्रु को उखाड़ कर फेंक देने वाला शक्ति शाली मंत्र के बारे में बताते है.

#1.

ॐ एक ही आदि है जगधारा। सदा स्मरण करूं ओंकारा। ओंकार से मैं काम चलाऊं। ठहरे पर्वत में हिलाऊं। ओंकार से उपजी वायु। वायु का बेट है हनुमान। तेरा हूं मैं एक ही दासा। सदा रहो रघुवर के पासा। पान बीड़ा तुझे चढ़ाऊं। देवदत्त को मैं भगाऊं। मेरा भागा न भगे। रामचंद की दुहाई। सीता सतवंती की दुहाई। लक्ष्मण यति की दुहाई। गौरा पार्वती की दुहाई। शब्द सांचा, पिंड काचा। फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

रामनवमी के दिन हनुमान जी की सिद्धि के लिए विशेष रूप से विधिवत पूजा कर रोजाना चालीस दिनों तक एक हजार मंत्र जप करे. जपकाल में विचित्र अनुभूति होने पर धैर्य रखें, भयभीत न होये तथा ब्रह्मचर्य का पूरी तरह से पालन करे और सात्विक भोजन करें.

मंत्र सिद्ध हो जाने पर काले उड़द अभिमंत्रित कर शत्रु पर मारने से उसका उच्चाटन हो जाता है. यह बहुत ही तेज़ शक्तिशाली शत्रु नाश करने का मंत्र  (shatru nashak) है.

#2.

ॐ तंगु स्फुलिंग बक्रिम चर्चिका विक्षहन मांथ बने सफर सफर ॐ ठः ठः अमुकं।

रविवारसीय या मंगलवारसिय की,  यानी रविवार के दिन की या मंगलवार के दिन की अमावस्या को आधी रात को ऊंट की चमड़ी के आसान पर बैठकर गुंजा की माला से दस माला जप करे.

अमुकं के नाम पर शत्रु के नाम का उच्चारण करने से अवश्य ही शत्रु का उच्चाटन हो जाता है. यह दुश्मन ख़त्म करने का मंत्र भी बहुत प्रभावी है.

#3.

ॐ नमो अमुकास्याय अमुकस्यग्रहे उच्चाटन कुरु कुरु स्वाहा।

इस मंत्र को एक हजार बार जप करके सिद्ध कर लें. प्रयोग करने के लिए मंगलवार के दिन जिस जगह पर गधा लेता हो वहां की मिटटी आप अपना मुंह उत्तर दिशा की तरफ करके मिटटी उठा लाये और फिर उस मिटटी को इक्कीस बार बताये गए मंत्र से अभिमंत्रित करके शत्रु के घर में डाल दें.

ऐसा करने से निश्चित ही उच्चाटन होता है. आपकी उस व्यक्ति से शत्रुता बिलकुल ही ख़त्म हो जाती है.

शत्रु को बांधने का प्रयोग, इस प्रयोग को करने से शत्रु आपके वश में हो जायेगा.

#4.

ॐ काली काली महाकाली ब्रह्मा की बेटी इंद्र की साली खावे पान बजावे ताली जा बैठी पीपल की डाली बांध अमुक को बांध परिवार समेत बांध, ना बांधे तो तुझे गोरखनाथ की आन।

बताये गए इस मंत्र को अमावस्या की रात को काली देवी के मंदिर में जाकर महाकाली का पूजन करें. पूजन में देशी घी और कच्ची घानी के तैल का दीपक जलाये.

फिर काले कम्बल के आसान पर बैठकर दस माला इस मंत्र की जप करे सिद्ध कर लें. जब कभी शत्रु या किसी व्यक्ति को बांधना हो तो जरा सी मिटटी लेकर इकत्तीस बार मंत्र का उच्चारण करके उस मिटटी को एक ही फंक में उड़ा देने से शत्रु साधक के बंधन में बांध जाता है. अमुक के नाम पर साध्य व्यक्ति का नाम लेवे.

शत्रु नाशक मंत्र प्रयोग

#5.

एक बहुत ही आसान और प्रभावी शत्रु वशीकरण मंत्र बताते है, जिसके प्रयोग से शत्रु आपके वश में हो जायेगा. इसका प्रयोग आप गुरुवार या शनिवार के दिन से शुरू करे, इसके लिए सबसे पहले सफ़ेद कागज़ पर लाल रंग के पैन से अपने शत्रु का नाम लिखे. इसके बाद ॐ क्षों क्षों भैरवाय नमः इस मंत्र का जप करें.

आप इस प्रयोग को घर में पूजा के स्थान या भैरव मंदिर पर भी कर सकते है. इस मंत्र का प्रयोग लगातार 21 दिनों तक करना है. एक माला रोज करना जरुरी है.

21 दिन के बाद कागज़ पर जो शत्रु का नाम लिखा था उसे आप एक शहद से भरी शीशी के अंदर रख कर डुबो दें. और इस शीशी को भैरव मंदिर की मूर्ति के पीछे जमीन में गाड़ दें. यह आसान उपाय शत्रु को वश में करता है जिससे वह आपको फिर कभी परेशान नहीं करता.

#6.

गायत्रीएक और आसान प्रयोग बताते है, इसके लिए आप रोजाना सुबह के समय सूर्य निकलते वक्त एक हरा नीबू लें अब दुश्मन का मन ही मन नाम लेते हुए इस नीबू के चार टुकड़े करे.

अब 108 बार इन नीबू के टुकड़ों को हाथ में रख कर गायत्री मंत्र का जप करे और फिर किसी चौराहे पर जाकर इन चारों दिशाओं में नीबू के एक-एक टुकड़ों को फेंक दें. इस प्रयोग से आपके दुश्मन का ध्यान आप से हट जायेगा, वह आपको तंग नहीं करेगा.

#7.

ह्रीं क्रां क्रीं क्रों क्रं: नमः

एक और शक्तिशाली माँ काली का मंत्र बताते है, यह मंत्र ऊपर दिया गया है. इसके प्रयोग से कैसा भी शत्रु हो वह शांत हो जाता है, पहले दिन से ही शत्रु ठंडा पड़ जाता है.

इसके लिए अमावस्या की रात को ग्यारह बजे के लगभग स्नान करके साफ़ कपड़े पहने और पूजा स्थान में जाकर माँ काली की पूजा करे, घी का दीपक लगाए.

अब काली माँ को लाल कपडे, लाल सिंदूर, लाल फूल, चन्दन, केसर मिठाई और सुहाग का सामान चढ़ाये. इसके बाद कुश के आसान पर बेथ जाए और रुद्राक्ष की माला से ऊपर दिए गए से जप करे.

आपको 11 माला करना है और आज ही से 21 दिनों तक रोजाना 11 माला करना है. इस मंत्र के प्रभाव से शत्रु आपसे दोस्त जैसा व्यव्हार करने लगेगा, वह आपके वश में आजायेगा.

शत्रु का नाश करने वाला मंत्र

#8.

ऐसा ही एक और आसान और प्रभावी प्रयोग बताते है. इसके लिए आप किसी भी शनिवार के दिने अपने पूजा स्थान में आसान पर बैठ जाए, अपने हाथ में थोड़ा सा पानी लें और ईश्वर से प्राथना करे – है परमात्मा मेरा नाम (अपना नाम बोले) मेरा गोत्र है (अपना गोत्र बोले) अपने शत्रु (शत्रु का नाम बोले) से छुटकारा व विजय प्राप्त करने के लिए मंत्र की एक माला का जप कर रहा हु, मेरी रक्षा करे और आशीवार्द में सफलता प्रदान करे. इतना कहने के बाद अपने हाथ में लिया हुआ पानी जमीन पर छोड़ दें और ॐ श्री विष्णु 3-4 बोले.

#9.

मंत्र है : ॐ नमो आदेश हनुमन्त का, फारि विदारी उदारी तने. हनुमान जू शत्रुन को तुम खावो एक न छाड़हु द्रोहीन को जग में जग द्रोहीन को तुम पावो आदेश तने राजा राम का, मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा॥

यह शाबर मंत्र है, आपको शनिवार के दिन से यह प्रयोग करना है और लगातार 5 शनिवार तक रोजाना एक माला का जप करना है.

5 शनिवार पुरे होने पर आपको एक छोटा सा हवन करना है इस हवन में मंत्र की आहुति देना होती है.

यह हवन आप किसी पंडित से मिलकर करवा सकते है. आप पहले 5 शनिवार तक रोजाना इस मंत्र की एक माला करे. इस प्रयोग से शत्रुता ख़त्म होती है, यह आसान शत्रु नाशक मंत्र है.

#10.

ॐ नमो भगवते रुद्राय हूं द्रंष्ट्राकरालाय अमुकं सुपुत्र बांधवे: सह हन हन दह दह पच पच शीघ्रं उच्चाटय उच्चाटय हूं फट स्वाहा ठं: ठं:।

यह एक और मंत्र है जिससे शत्रुता ख़त्म की जा सकती है. ऊपर दिए गए मंत्र का उच्चारण करते हुए कौए या उल्लू के पंख से जिसका भी नाम लेकर 108 बार हवन किया जाए उसका निश्चित ही उच्चाटन हो जाता है.

जिस व्यक्ति का नाम लिया जाए वह आपके रस्ते से बिलकुल हट जाता है, आपको कभी नहीं सताता. अगर आप इस विधि को करने में हिचकिचाते है तो किसी पंडित से मिलकर फिर यह प्रयोग करे तो आपको किसी भी तरह का संदेह नहीं रहेगा.

शत्रु नाशक शाबर मंत्र

#11.

ॐ श्रीं श्रीं श्रीं अमुक शत्रुं उच्चाटनं स्वाहा |

उत्तरफाल्गुनी नक्षत्र में सात अंगुल लम्बी कुमकुम की लकड़ी लेकर, उसे एक सौ आठ बार अभिमंत्रित करके शत्रु के घर के दरवाजे पर दबा दें.

ऐसा करने से एक सप्ताह के अंदर ही शत्रु का उच्चाटन हो जायेगा. वह आपके रस्ते से बिलकुल हट जायेगा, आपको ज़रा भी परेशान नहीं करेगा.

#12.

ॐ ह्रीं दंडीनीं ह्रीं महादंडी नमस्ते ठः ठः।

ऊपर दिए गए इस मंत्र को पहले एक हजार बार जप करके सिद्ध कर लें. फिर प्रयोग करने के लिए सात अंगुल लम्बी मनुष्य की हड्डी को एक सौ आठ बार अभिमंत्रित कर जिसके घर में गाड़ा जाए उसका उच्चाटन हो जाता है. यह प्रयोग भी काफी शक्तिशाली है.

#13.

ॐ लोहिते मुख स्वाहा।

ऊपर दिए गए इस मंत्र को किसी भी दिन दस माला जप करके सिद्ध कर लें. फिर प्रयोग करते समय चार उंगुल चित्रक वृक्ष की टहनी को पुनर्वसु नक्षत्र में लाकर सात बार अभिमंत्रित करके जिसके घर में डाली जाएगी उसी का उच्चाटन हो जायेगा. आपकी उस व्यक्ति से शत्रुता बिलकुल ख़त्म हो जाएगी.

#14.

ॐ धूं धुति ठः ठः स्वाहा[

एक और आसान सा उच्चाटन प्रयोग बताते है. इस मंत्र को एक हजार आठ बार जप करके सिद्ध कर लें. फिर प्रयोग करते समय अरुवा वृक्ष की टहनी को एक सौ आठ बार अभिम्नतरित करके जिसके घर में डालेंगे उसके घर में उच्चाटन हो जायेगा.

उस घर के व्यक्ति आपके प्रति कैसा भी बुरा भाव नहीं रखेंगे, वह ऐसे हो जायेंगे जैसे आपकी उनसे कभी दुश्मनी थी ही नहीं.

अगर आपके शत्रु ने आपको बहुत परेशान किया है और बदले में आप भी उसे तड़पाना चाहते है तो यह प्रबल उच्चाटन प्रयोग करे.

लेकिन ध्यान रहे यह प्रयोग बहुत ही अधिक शक्तिशाली है इसलिए सोच समझकर करे. इससे किसी निर्दोष व्यक्ति का बुरा नहीं करना चाहिए.

#15.

ॐ वीर वीर महावीर सात समुद्र का सोखा नीर, देवदत्त के ऊपर चौकी चढ़ हियो फोड़ चोटी। चढ़े सांस न आवे षडयो रहे कायामाही जीव, रहे लाल लंगोट तेल सिंदूर पूजा मांगे महावीर। अंतर कपडा पर तेल सिंदूर हजरत वीर की चौकी, रहे ॐ नमो आदेश। आदेश!! आदेश!!

यह एक अत्यंत घातक प्रयोग है. इसका प्रयोग बहुत सोच विचारकर करना चाहिए. देवदत्त की जगह साध्य का नाम लेना है. मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में रात को जाकर सिद्धि करें.

हनुमान मंदिर किसी चौराहे पर होना चाहिए. सिद्धि के लिए किसी भी कपडे पर तेल, सिंदूर लगाकर शत्रु का चित्र बनाये और प्राण प्रतिष्ठा करके उसे कपडे को हंडिया में रख कर उसका मुंह बंद करके जमीन में दबा दें.

इससे शत्रु के स्वाशों का उच्चाटन होगा, यानी शत्रु को सांस लेने में दिक्क्त आएगी. जब भी शत्रु को स्वस्थ करना हो तो हंडिया को बाहर निकाल लें.

कंटीली या धारदार वस्तु का प्रयोग न करें वर्ण शत्रुत की मृत्यु भी हो सकती है. इस तरह आप इस प्रयोग को सोच विचारकर ही करे, संदेह होने पर किसी पंडित या तांत्रिक की सलाह भी लें.

दुश्मन नाशक मंत्र बताइए

एक मंत्र ओर ऐसा बताते है जिसको सिद्ध करने पर आप अपने जिस शत्रु को हाथ लगाएंगे वह शत्रुता ही भूल जायेगा और आपसे अच्छे से रहेगा. यह मंत्र कुछ इस तरह है.

#16.

  • ॐ हस्तअली हस्तौ का सरदार, लगी पुकार, करो स्वीकार। हस्तअली तेरी फ़ौज चली, भुत प्रेतों में मची खलबली। हस्त अली मेरे हाथों के साथ तेरे भुत प्रेत करे मेरी सत्ता स्वीकार। पाक हस्त की सवारी, तडफता हुआ भागे जब मैंने चोट मारी। आकाश की ऊंचाइयों में, धरती की गहराइयों में लेना तू खोज खबर, सब पर जाए तेरी नजर। इन हाथों पर कौन बसे, नाहर सिंह वीर बसे। जाग जागरे नाहर अली, हस्त अली की आन चली। मारुं जब भी मैं चोट, भुत-प्रेत किये कराये लगे लगाए अला वला की खोट। जादू गुड़िया, मंत्र की पुड़िया, शमशान की खाक, मुरदे की राख, सभी दोष हो जाए खाक। शब्द साँचा, पिंड कांचा। फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

इस मंत्र को सूर्य-ग्रहण के समय लगातार जप करते रहें. उसी रात को लोबान जलाकर चमेली के फूल पास में रखें तो मंत्र सिद्ध हो जाता है. सिद्धि साधक के हाथों में आ जाती है. फिर साधक अपने हाथ को ही मंत्र से अभिमंत्रित करे.

इस तरह वह जिसे भी मारेगा, उसके दोषों का उच्चाटन हो जायेगा. अगर ऐसे व्यक्ति का हाथ जिसे भी छू देगा तो वह शत्रुता भूल जायेगा.

इस तरह सिर्फ एक दिन सूर्यग्रहण के समय इसे सिद्ध कर लें इसकी सिद्धि मिलने पर आपको कोई शत्रु परेशान ही नहीं कर पायेगा.

शत्रुता मिटाने के लिए मंत्र

अब हम आपको शत्रु को मारने के मंत्रो के बारे में बताते है, इन मन्त्रों के प्रयोग से शत्रु की मृत्यु हो जाती है. आप इन मंत्रो का प्रयोग नहीं करे, क्योंकि यह सीधा व्यक्ति को मार देते है और हम नहीं चाहते की कोई किसी का बुरा करे.

#17.

ॐ डं डां डिं डीं डुं डूं डें डैं डों डौं डे ड: अमुकं ग्रहण ग्रहण हुं हुं ठः ठः।

इस मंत्र के प्रयोग से व्यक्ति को बुखार आता है और उसी बुखार से उसकी मृत्यु हो जाती है.

इसके लिए मनुष्य की हड्डी लाये और उसकी कील बनाकर इस मंत्र से एक हजार बार अभिमंत्रित कर किसी जलती हुई चिता में डालने से शत्रु असाध्य बुखार से पीड़ित होकर मर जाता है.

अगर मनुष्य की हड्डी को इसी मंत्र से एक हजार बार अभिमंत्रित कर शत्रु के घर या शमशान में दबा दिया जाए तो शत्रु के पुरे परिवार का नाश हो जाता है.

  • शत्रुओ के बारे में हमने पिछले पोस्ट में भी कई उपाय बताये थे, उन उपायों के बारे में भी आप जरूर पड़ें इसके लिए यहाँ पर क्लिक करे – 10 शत्रु नाशक उपाय

इस तरह आप इन बताये गए sarva shatru nashak mantra in Hindi, शत्रु विनाशक मन्त्रों से अपने शत्रु को ख़त्म कर सकते है, इसमें हमने आपको सभी तरह के मंत्र बताये है. आपको जो आसान और सही लगे उसका प्रयोग करे और अपने शत्रु का नाश करे.

यह सभी बहुत ही आसान और प्रभावकारी है. प्रयोग के दौरान तन और मन शुद्ध, पवित्र रखे और सकारात्मक रहे तो आपको पूरा पूरा लाभ मिलेगा, साधना में धैर्य सबसे आवश्यक होता है इसलिए जल्दबाजी भी न करे और किसी भी प्रयोग को अधूरा न छोड़े, एक बार शुरू कर दे तो फिर उसे पूरा करे.

यह प्रयोग किया तो खुद हनुमान जी दर्शन और वरदान देंगे

आज हम आपको श्री हनुमान जी के एक ऐसे मंत्र प्रयोग के बारे में बताने वाले है जिसमे आप स्वयं साक्षात् हनुमान जी के दर्शन करेंगे और आपके सवालो, समस्या का समाधान बताएंगे, आपको यह सुनकर यकीन नहीं हो रहा होगा की हनुमान जी ऐसे कैसे दर्शन दे सकते है लेकिन यह सच कह रहे है.

हम जो प्रयोग बताने वाले है उससे कई लोगों ने लाभ उठाया है और भगवान् के दर्शन किये है.आप इस प्रयोग को कर के अपनी चाहे कैसी भी समस्या हो उसका समाधान पूछ सकते है, कोई सा भी सवाल हो उसका जवाब पा सकते है.

बस शर्त यह है की आपको 21 दिनों तक यह प्रयोग शुभ पवित्र रहकर और पूरी आस्था, सच्चे मन से करना होगा फिर हनुमान जी के दर्शन आपको स्वप्न में अवश्य होंगे. आपको ऐसा लगेगा जैसे की आप किसी लोक में पहुँच गए है यह बहुत ही अद्भुत और दुर्लभ है.

प्रयोग बताने से पहले कहना चाहूंगा की अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगे तो इसे फेसबुक और व्हाट्सअप पर sharing buttons पर click कर के ज्यादा से ज्यादा share करे.

ताकि सभी तक आसानी से पहुँच जाए और सभी इसका लाभ उठा सके यह हनुमान जी का प्रयोग है आप जितना शेयर करेंगे उतना ही अच्छा होगा और कमेंट में अपनी आस्था अनुसार जय बजरंगबली भी लिखे तो चलिए अब आगे शुरू करते है.

तो प्रयोग के लिए एक फुट का लाल चन्दन का टुकड़ा लें और फिर इसके टुकड़े के ऊपर हनुमान जी की प्रतिमा खुदवाये. आप मूर्ति बनाने वाले व्यक्ति से लाल चन्दन के टुकड़े पर हनुमान जी की मूर्ति खुदवा सकते है.

यानी की उस टुकड़े पर हनुमान जी की आकृति बनवा ले, फिर इसके बाद इस प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा षोडशोपचार पूजन ब्राह्मण द्वारा करवाए और यह कार्य मंगलवार को ही करवाए.

अगर आपको कोई ब्राह्मण न मिले या किसी कारणवश आप ब्राह्मण को नहीं बुला सकते तो आप फिर ऐसा करे. पूजा में प्रयोग में लाइ जाने वाली सुपारी पर लाल धागा लपेटकर प्रतिमा के पास रख दें.

फिर उनके ऊपर बारी-बारी से क्रमशः गंगाजल, अक्षत (चावल), फूल बेलपत्र और तुलसी के पत्ते, चन्दन आदि श्रद्धा पूर्वक चढ़ाये.सिंदूर भी चढ़ाये और प्रसाद के रूप में वहां पर गुड़ या चूरमा रखें.

यह प्रसाद सारे दिन प्रतिमा के सामने ही रखा रहने दें.रात के समय प्रतिमा के सामने शुद्ध घृत का दीपक और अगरबत्ती जलाकर चन्दन की माला पर आगे लिखा मंत्र ग्यारह सौ बार जपें. साधना काल में पवित्र व स्वच्छ रहे, और साधना पवित्र स्थान पर ही करे.

साधना करने से पहले स्नान करे. इसके बाद लाल वस्त्र पहनकर ही साधना में बैठे और मंत्र का जप करे. यह मंत्र है : ऊँ नमो हनुमन्ताय आवेशय आवेशय स्वाहा

फिर अगले दिन प्रसाद उठा ले और नयी प्रसाद चढ़ाये. इसके बाद अगर आपकी कुंडलिनी में छठा भाव और पांचवा भाव खाली है तो आप पुराणी प्रशाद को रोजाना ही पृथ्वी के अंदर दबा दें और अगर आपकी जन्म कुंडली में पांचवे या छठवे भाव में कोई गृह है या किसी गृह का प्रभाव इन भाव पर हो तो यह प्रसाद किसी भिखारी को दान करे.

इस तरह आपको 21 दिनों तक लगातार ऐसा करना है और ब्रह्मचर्य का पालन भी करना है. फिर 21 वे दिन रात में पूजा करने के स्थान पर ही साक्षात् हनुमा जी आपको आशीर्वाद और वर देने आएंगे.

अगर आपकी भावना में कमी होगी तो भी वह आपके प्रश्नो का जवाब स्वप्न में आकर बता देंगे. आप इस प्रयोग को पुरे तन मन से करे कई व्यक्तियों ने इस प्रयोग से हनुमान जी के दर्शन प्राप्त किये है आप भी कर सकते है.

चमत्कारी सट्टा जितने का मंत्र : इसने बदली कई लोगो की जिंदगी

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यहां हम आपको “सट्टा जितने का मंत्र इन हिंदी यानि टोटका को सिद्ध करके सपनो से सट्टा का नंबर बनाना” के बारे में बताएंगे। इस मंत्र यानी सट्टा नंबर साधना को सिद्ध कर लेने पर आपको सिर्फ इस मंत्र को अपने तकिये के निचे रख कर सोना है, आप इस मंत्र को किसी दूसरे व्यक्ति को भी दे सकते वह भी इसे अपने तकिये के निचे रख कर सोयेगा तो उसे भी पूरा लाभ होगा।

इस साधना के जरिये कई लोगों ने लाभ पाया है, हम बस इतना कहना चाहेंगे आप इस साधना से कोई गलत काम न करे न ही जीते हुए पैसो का गलत जगह इस्तेमाल करे, यह साधना मुस्लिम तंत्र की है आइये आगे पड़ते है lottery number satta nikalne ka mantra or totka in Hindi के बारे में।

यह मंत्र हम जानकारी के लिए बता रहे है, आप इसे अपनी सुविधा-अनुसार करे।

Fukrey जैसे फिल्मे देख कर अक्सर लोगों के दिमाग में आता है क्या ऐसा सच में हो सकता है, की हमे स्वप्न में सट्टे के नंबर पता चल जाए, हां आप सही सोच रहे है ऐसा हो सकता है। बस यह हर किसी के बस का नहीं होता, लेकिन यहां हम जो साधना बता रहे है इसमें आप सफल हो कर इस अपनी सोच को हकीकत में बदल सकते है, आगे पढ़िए सपने में सट्टे के नंबर कैसे पता करे तरीका जाने.]

सट्टा सिद्ध करने के मंत्र बारे में बताने से पहले हम पहले आपको बता देना चाहते है की यह साधना 21 दिनों की है, इस बिच आपको 21 दिनों तक जो हम मंत्र बताएंगे उसकी माला करनी है।

21 दिनों तक लगातार साधना करने के बाद 22 वे दिन आपको फल मिलेगा, वह आगे हम आपको बताएंगे की उस मंत्र से सट्टा का नंबर कैसे निकाले व पता करे इसका पूरा तरीका हम बताएंगे।

देखिये, यह साधना ठोस, यानि मजबूत दिल वाले लोगों के लिए है, क्योंकि साधना के बिच आपको लगेगा जैसे आपको कोई बुला रहा है, आपको लगेगा मौसम बिगड़ रहा है, आपको तरह-तरह के दृश्य दिखेंगे तो इस बिच आपको साधना तोडना नहीं है चाहे जो भी हो।

ऐसे में आप बस साधना करते हुए अपनी माला जपते रहे आपको कुछ नहीं होगा, बाकी साधना से उठकर डर कर भागना मत। तो चलिए अब “satta ka mantra” यानी सट्टा नंबर निकालने का मंत्र के बारे में बताते है।

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Satta Jitne Ka Mantra batao in Hindi

सट्टे का नंबर निकालने का मंत्र बताएं

सबसे पहले एक ऐसी जगह चुने जहां कुआं हो और वह जगह वीरान यानी, ऐसी जगह जहां पर लोग आते जाते न हो, सुन-सान जगह। ऐसी जगह आपको खेत, गांव के क्षेत्र में बड़ी आसानी से मिल जाएगी।

फिर आपको गुरुवार (Thursday) जिसे संस्कृत में बृहस्पतिवार कहते है, इस दिन मुस्लिम लोग जुम्मा भी मनाते है। तो आपको गुरुवार के दिन से सट्टा नंबर निकालने का मंत्र की साधना शुरू करना है, ठीक रात 12 बजे। इसके बाद आपको रोजाना अगले 21 दिनों तक 12 ही बजे वहां जाना है।

ठीक समय पर पहुंचने पर एक जगह पर बैठ जाए और फिर असली लोबान जलाये, इसे आप किराने की दुकान से खरीद कर ला सकते है, लेकिन ध्यान रहे असली लोबान लाये। तो सबसे पहले लोबान को जलाना, ऐसे जलाये की इसकी खुशबु महकने लगे। (धुप करने के लिए आप गोबर के कंडे का उपयोग कर सकते है, हो सके तो आपआप गाय के गोबर के कंडे का इस्तेमाल करे)

अब निचे दिए जा रहे मंत्र को 108 उलटी माला पर उच्चारण करना है। यानि आपको माला उलटी फेरना है। बस आपको यह रोजाना 21 दिन तक करना है फिर 22 वे दिन एक बार और लोबान जलाकर, मंत्र का 108 बार उच्चारण करना है और फिर वही पर कुछ बिछाकर सो जाए।

सबसे बेहतरीन सट्टा जितने का टोटका, तरीका है यह :

22 वे दिन, आपको बिलकुल पवित्र होकर जाना है, और पवित्र बिस्तर को बिछाकर वही कुवे के पास ही सोना है। ध्यान रहे, बिस्तर पवित्र होना चाहिए। फिर आपको रात में स्वप्न में लाटरी, सट्टा का नंबर मालूम हो जायेगा। इस मंत्र से सैंकड़ों लोगों ने लाभ लिया है, इसलिए आप इसको मजाक न समझे।

उपरोक्त बताये गए सट्टा सिद्ध करने के मंत्र को सिद्ध करने के बाद वह व्यक्ति जिसने इसे सिद्ध किया है इस मंत्र को लिखकर, सिद्ध मंत्र से अभिमंत्रित कर किसी को दे देगा और वह लेने वाला व्यक्ति इस मंत्र को सिर के निचे रख कर सो जाए तो उसे भी स्वप्न में सट्टे, लाटरी का नंबर पता चल जायेगा, वह भी इसका पूरा लाभ ले सकेगा। यह काफी प्रभवशाली है।

“निचे Comment Box के जरिये Comment करके बताये आपको यह जानकारी कैसी लगी, आपकी कमेंट पढ़कर हमे अच्छा लगेगा”

NOTE : सावधान, इस सट्टा जितने का मंत्र से साधना करते वक्त, आप साधना न तोड़े, इस बिच आपको कई दृश्य दिखेंगे लेकिन आपको अपनी साधना नहीं रोकना है माला जपते रहे उधर बिलकुल भी ध्यान न दें।

दोस्तों इस जानकारी lottery satta nikalne ka mantra in Hindi (सिद्धि) को आप ज्यादा से ज्यादा SHARE करे whatsapp, facebook के Group में खूब SHARE करे क्योंकि कई लोग है जो पैसो के वजह से मरने का सोचते है, उनके लिए यह एक अमृत समान हो सकता है, यह उनकी जिंदगी बदल सकता है। इस सट्टा जितने का टोटका को सिद्ध करके चंद दिनों में लखपति बन सकते है, लेकिन सही उपयोग करे।