10 शत्रु नाशक उपाय और शत्रु को सजा देने के टोटके

शत्रु नाशक उपाय बताओ और टोटके के बारे में, जानिये कुछ ऐसे प्रभावकारी शत्रु दूर करने के उपाय के बारे में, शत्रु की बुद्धि ख़त्म करना, शत्रु का मुंह सुजाना, शत्रुता का भाव ख़त्म करना आदि के बारे में.

आप इन उपायों के प्रयोग से अपनी शत्रुता को ख़त्म कर सकते है. चाहे आपकी किसी से भी कैसी भी, कितनी ही पु रानी शत्रुता क्यों न हो वह ख़त्म हो जाएगी.

आज कल शत्रुता सिर्फ सामने से ही नहीं बल्कि छुप कर भी की जाने लगी है, लोग मुंह पर तो अच्छे और पीठ पीछे बुरे हो जाते है. ऐसे लोगों से बचने के लिए आपको यह प्रयोग जरूर अपनाने चाहिए.

आइये शुरू करते है आपके सवाल के जवाब में gupt shatru nashak totke bataye kya hai shatru khatam karne ke upay के बारे में इन Hindi भाषा में.

Shatru Nashak Upay Batao in Hindi

शत्रु नाशक टोटके बताये क्या है ?

सबसे पहले आपको शत्रु उच्चाटन मंत्र में यह प्रयोग बताते है. ” ॐ नमो क्षेत्रपाल विकराला मम शत्रु उच्चाटन-उच्चाटय हूँ फैट स्वाहा।

  • इस मंत्र को 108 बार बोलकर चावल मंत्र कर शत्रु के घर के बिच में फेंक दें. इसको फेंकने के साथ ही शत्रु के घर के सभी लोगों का उच्चाटन हो जायेगा. आपकी शत्रुता बिलकुल ख़त्म हो जाएगी.

एक और शत्रु उच्चाटन उपाय बताते है, जिससे की आपके शत्रु का ध्यान आपसे बिलकुल ही हट जायेगा. ” श्रीं श्रीं श्रीं अमुक शत्रु उच्चाटन स्वाहा “ इस मंत्र में से अमुक की जगह पर अपने शत्रु का नाम लिख दें और फिर मंत्र को पड़ें.

इस मंत्र से उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में कुंकुम की सात अंगुल लम्बी लकड़ी को 108 बार पढ़कर शत्रु के दरवाजे पर गाड़ दें. इस प्रयोग को करने से सिर्फ एक सप्ताह के अंदर आपकी उस व्यक्ति से शत्रुता बिलकुल ही ख़त्म हो जाएगी.

शत्रु की बुद्धि नष्ट करने का उपाय

अगर आप अपने किसी शत्रु की बुद्धि नष्ट करना चाहते है तो आप इस मंत्र ” ॐ नमो भगवते शत्रूणां बुद्धि स्तम्भन कुरु कुरु स्वाहा ” इस मंत्र का 1008 पर जप करे तो आपके शत्रु की बुद्धि नष्ट हो जाएगी, उसकी बुद्धि ब्र्हम खाने लगेगी.

शत्रु दूर करने का छोटा सा उपाय

जब कोई शत्रु बेवजह परेशान करता रहता है, तो ऐसे में आप एक भोजपत्र का टुकड़ा लें और उस पर लाल चन्दन से परेशान करने वाले शत्रु का नाम लिख दें.

नाम लिखने के बाद इस भोजपत्र के टुकड़े को शहद की एक डिब्बी में अंदर डालकर उसे शहद में डुबो दें. इस छोटे से प्रयोग से शत्रु पर विजय मिलती है, शत्रु शांत करने का उपाय है.

शत्रु नाशक टोटके में एक और उपाय बताते है इसके लिए आप एक मौर का पंख लें. अब किसी शनिवार या मंगलवार की रात में स्नान कर के हनुमान जी के मंदिर जाए और हनुमान जी के शीश पर चढ़े हुए सिंदूर से इस मौर के पंख पर अपने शत्रु का नाम लिख दें.

अब इसे घर ले आये और अपने घर में जहा पूजा करने का स्थान हो वहां पर पूरी रात रखा रहने दें फिर सुबह जल्दी उठकर इस पंख को बहते हुए पानी में छोड़ आये. इस टोटके से शत्रु शांत होगा. यह बहुत ही आसान दुश्मनी ख़त्म करने का उपाय है.

अगर आपका शत्रु बड़ा हिंसक है और आपको उसके आक्रमण का भय लगा रहता है तो आप इस मंत्र का जप करे “ॐ ह्रीं: श्रीं चक्रेश्वरी मम रक्षम कुरु कुरु स्वाहा

इस मंत्र का रोजाना 108 बार जाप करे तो सभी तरह के शत्रु भय ख़त्म हो जायेगा. इस प्रयोग को करने के बाद आपका शत्रु आप पर किसी भी तरह का आक्रमण नहीं करेगा, इस प्रयोग से आपकी आत्मरक्षा होगी.

शत्रु का मुंह सुजाने का उपाय

अगर आप अपने शत्रु को सजा देना चाहते है तो हम आपको एक ऐसा प्रयोग बता रहे है जिसको करने पर आ अपने शत्रु का मुंह सुजा और मुंह फुला सकते है यानी आप अपने शत्रु को कष्ट दे सकते है.

इसके लिए आप बताये जा रहे इस यन्त्र को बनाये. इस यन्त्र को सफ़ेद कागज पर रविवार के दिन शत्रु का नाम सरसों के तैल से लिखें और जमीं में गाड़ दें तो शत्रु के मुंह पर सूजन आ जाती है.

इस यन्त्र को सफ़ेद कागज़ पर लोहे की कलम से बकरी के दूध से शत्रु का नाम लिखकर जूता मारे तो शत्रु का मुंह फूल जायेगा. इन दोनों प्रयोग में से आप चाहे जिसे कर सकते है.

गुप्त शत्रु नाशक टोटका

इस प्रतिस्पर्धात्मक युग में जाने कितने नए नए जाने अनजाने शत्रु बन ही जाते है. इनमे से कुछ शत्रु सामने से और कुछ पीछे से वार करते है. इनसे सावधान और इनसे बानी शत्रुता को ख़त्म करने के लिए आप यह आसान प्रयोग जरूर करे.

आप किसी खेत या अच्छी जगह पर नीम, आम, बादाम, बैर, कटहल, तुलसी, काला धतूरा इन को लगाए और इनकी देख रेख करे.

इनमे रोजाना पानी डाले पानी डालते वक्त मानसिक रूप से शत्रु का नाम लेते रहे इस छोटे से प्रयोग से आपकी शत्रुता धीरे धीरे ख़त्म होने लगेगी.

इस प्रयोग से भविष्य में दूसरे लोगों से शत्रुता भी कम हो जाती है, फिर आपके शत्रु बहुत ही कम रह जाते है.

  • इस यन्त्र को बनाने के लिए एक विशेष प्रकार की स्याही की जरूरत पड़ती है. इस स्याही को बनाने के लिए नीम का गोंद, नमक, ऊसर की मिटटी, चित्रक नामक वृक्ष की थोड़ी सी लकड़ी के कोयले, ये कोयले चित्रक की मोटी लकड़ी को जलाकर बनाये जा सकते है इसके अलावा कुंकुम यह सभी पदार्थ लें. कहीं से भी इनको मगवाये.
  • अब इन सभी पदार्थों को थोड़े पानी में डालकर उसे अच्छे से घोट लें. इस तरह से होते की यह स्याही जैसा बन जाए. अब एक सफ़ेद कागज पर चित्रक की ही कलम से इस स्याही से बताये गए यन्त्र को बना लें.
  • इस यन्त्र को जो व्यक्ति बनाये उसे ऊनि आसान पर बेथ कर पश्चिम दिशा की तरफ मुंह रख कर यह यन्त्र बनाना है. इस यन्त्र को बनाकर इसे अगरबत्ती की धुआँ दिखाकर इस लेकर किसी बहेड़े वृक्ष के निचे गद्दा खोदकर गाड़ दें.
  • जिस समय इसे गाड़ें उस समय यही भावना करें की मेरे अमुक शत्रुओ का शमन करे.
  • इसे गाड़कर घर लौट आएं. इसके प्रभाव से तत्काल कुछ ही दिनों ने शत्रुता नष्ट हो जाएगी और आपका शत्रु आपको परेशां करना बंद कर देगा. यन्त्र के बिछे में जहाँ पर साध्य लिखा है वहां पर आप अपने शत्रु का नाम लिखे.

  • इसके अलावा शत्रुता और शत्रु द्वारा किये गए नुकसान से बचने के लिए आप हनुमान जी की आराधना करे. इसके लिए रोजाना हनुमान चालीसा और बजरंगबाण का पाठ जरूर करे साथ ही हनुमान जी को लाल फूल और बूंदी का भोगा भी लगाए.
  • इस तरह रोजाना हनुमान जी की भक्ति करने से आपको और भी के लाभ होंगे शत्रुता तो ख़त्म होगी ही इसके अलावा हनुमान जी आपके निष्ट को भी दूर करेंगे.

शत्रु को दबाने का टोटका

अगर आप अपने शत्रु को दबाने चाहते है ताकि वह आपको तंग न करे और आपका कहना माने तो इसके लिए आप यह छोटा सा प्रयोग जरूर करे.

एक भोजपत्र ले, उसक एक छोटा सा टुकड़ा करे और उसके ऊपर लाल चन्दन से अपने शत्रु का नाम लिखे. अब इस टुकड़े को शहद से भरी एक डिब्बी में डालकर डुबो दें. इस छोटे से प्रयोग से आपका शत्रु आप पर हावी नहीं होगा.

शत्रु ख़त्म करने के उपाय

एक और बहुत ही सरल उपाय बताते है, जब भी शौच करने के लिए जाए तो वही बैठे-बैठे पानी से अपने दुश्मन का नाम लिखे अब इसके बाद अपने बाए पैर से आपने जिस जगह पर नाम लिखा है उस जगह पर तीन बार पैर मारे. इस तरह ऐसा करने से आपका शत्रु विचलित होगा और आपको परेशान नहीं करेगा.

किसी भी तरह के दुश्मन से जो आपको परेशान किये जा रहा हो उससे छुटकारा पाने के लिए मंदिर या कहीं भी खुली जगह पर जाए और वहां एक गड्डा खोदे उस गड्डे में 40 दाने चावल के और काली उड़द के 38 दाने डाल कर उस गड्डे को मिटटी से वापस भर दें. अब एक निम्बू को काटकर इस गड्डे के ऊपर निचोड़ दें. इस नीबू को निचोड़ते वक्त अपने शत्रु का नाम लेते रहें. इस छोटे से प्रयोग से शत्रुशमन होता है है.

तो यह थे gupt shatru nashak upay bataye in Hindi, शत्रुत्रा दूर करने के उपाय हमने इसमें सबसे ज्यादा प्रभावकारी टोटके बताये है. आप इन्हे बताये गए नियम अनुसार पूरी श्रद्धा और पवित्रता से करे तो आपको लाभ जरूर मिलेगा जिससे आपका शत्रु शांत होगा और आपको परेशान नहीं करेगा. इसके अलावा हमने शत्रु को ख़त्म करने के बारे में और भी पोस्ट दिए है आप उन्हें भी पड़ें हमसे जुड़े रहे.

कर्ज उतारने के उपाय 101% कर्ज से मिलेगी मुक्ति ‘रामबाण’

कर्ज मुक्ति के रामबाण उपाय
कर्ज मुक्ति के उपाय बताओ क्या है और टोटके जिनके प्रयोग से आप अपने लिए गए कर्ज से जल्दी मुक्ति पाई जा सके.  कर्ज एक ऐसी समस्या है जिसका समाधान बहुत कठिन होता है.
क़र्ज़ एक तरह का दलदल होता है, जिसमे एक बार फंस जाए तो फिर व्यक्ति धीरे-धीरे ओर फंसता जाता है. किसी के पैसे चुकाने के लिए व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से ब्याज पर पैसे लेता है फिर ब्याज चुकाने के लिए वह दूसरे से पैसा लेता है.
ऐसे में दिनोदिन व्यक्ति की हालत बुरी होती जाती है. इसी वजह से कई लोग या तो शहर छोड़कर भाग जाते है या आत्महत्या कर लेते.
लेकिन अब आप इस Post को देख ही रहे है तो आप जरा भी चिंता न लें, हम आपको क़र्ज़ उतारने के उपाय  बहुत ही प्रभावी प्रयोग बताने वाले जिससे आपको किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी. आप इस जानकारी सबसे तेज असरकारी कर्ज से मुक्ति पाने के उपाय, karz mukti remedies in Hindi को पूरा जरूर पड़ें.
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ज़िंदगी में हर एक व्यक्ति कभी न कभी तो कर्ज़दार बनता ही है, इससे कोई नहीं बच पाता. यह जानकारी ज्योतिष यानी कुंडली को देख कर भी पता लगाई जा सकती है की व्यक्ति का जीवन कर्जदारी से परेशान होगा या नहीं. हमसे कई मित्रों द्वारा आग्रह किया गया की कर्ज से छुटकारे के उपाय बताओ, टोटका बताये आदि तो आज हम ऐसे ही कर्ज मुक्ति रामबाण उपाय बताने जा रहे है.
आज की दुनिया में कई कर्ज़दार लोग है, तो में चाहूंगा की आप इस Post को ज्यादा से ज्यादा लोगों भेजे और फेसबुक व्हाट्सप्प पर सभी जगह पर शेयर करे ताकि यह हर कर्ज़दार तक पहुँच जाए और वह इसका लाभ ले सके. तो चलिए अब आगे कर्ज उतारने के उपाय के बारे में जानते है. 
इन उपायों को करते वक्त इनमे आप पूरी श्रद्धा रखे, अपने पुरे मन से यह उपाय करे. अधूरे से मन से किया गया कोई भी प्रयास असफलता ही दिलाता है इसलिए आप पवित्रता और दृढ़ता दोनों बनाये रखे.

कर्ज मुक्ति के उपाय बताएं

कर्ज मुक्ति के रामबाण उपाय

Karz Se Mukti Ke Upay Batao Kya Hai

सबसे पहले बाजार से सरसों का तेल, चमेली का तेल, तिल का तेल, अरंडी का तेल और जैतून का तेल ले आए. अब इन सभी तेलों को क्रमशः यानी की बारी बारी 4: 1: 3 : 4 के अनुपात में मिला लें यानी कि अगर आप इनमें सरसों का तेल 40 मिलीलीटर ले रहे हैं तो चमेली का तेल 10 मिलीलीटर ले, तिल का तेल 30 मिलीलीटर, अरंडी का तेल 30 लीटर ले और सरसों का तेल 40 मिलीलीटर ले.
यह एक अनुपात है अब इसमें आप 5 हरी इलायची, एक या दो बड़ी इलायची, थोड़ी सी जावित्री और नमक की एक डल्ली  मिला दे. अब इस पूरे मिश्रण को रखा रहने दे रोजाना इस मिश्रण में से थोड़ा सा तेल एक पीतल के दीपक पर ले और उस दीपक में रुई की एक गोल बत्ती बना कर डुबो दें रोजाना इस दीपक को संबंधित व्यक्ति यानी कि जो व्यक्ति कर्जदार है वह अपने बेडरूम में जलाएं.
ऐसा नियमित रूप से रोजाना कुछ दिनों तक करने से वह कर्जदार व्यक्ति जो कि कर्जदार है उस व्यक्ति का कर्ज धीरे धीरे उतरने लगता है. यह दीपक रोजाना 5 से 10 मिनट तक जरूर चलना चाहिए इस बात का विशेष ध्यान रखें. यह बहुत ही सरल उपाय है जो कि कर्ज मुक्ति कराता है. इस प्रयोग को लम्बे समय तक करे और मन में विश्वाश रखे की आपका कर्ज जल्द उतर जायेगा.
जिस व्यक्ति को कर्ज से परेशानी (karj se pareshan) हो उसे रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए. आप जो जल सूर्य देव को चढ़ाएंगे उसमें पहले लाल मिर्च के 21 दाने भी डाल दें.
इस प्रयोग में जल चढाने के बाद सूर्य देवता से हाथ जोड़कर कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें. लगातार कुछ दिनों तक इस प्रयोग को करने से सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगता है और व्यक्ति के कर्ज में भी कमी आने लगती है. इसे आप नियमित रूप से रोजाना सुबह स्नान करने के बाद करें.

कर्ज उतारने का यन्त्र

बताए गए इस यंत्र को एक पीले कार्ड पर लाल स्याही से किसी भी दिन शुभ मुहूर्त में बना लें. इसके बाद इसे लैमिनेट यानी कि लेमिनेशन करवाकर कर्ज से पीड़ित व्यक्ति अपनी शर्ट की जेब में या फिर अपने कार्यस्थल पर रखें. रात के समय यह यन्त्र शर्ट में ही रखा रहने दें. इसको रखने से भी अभीष्ट फल की सिद्धि होती है और कर्जदार व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति (karz se mukti) मिलती है.
शुक्लपक्ष में किसी भी मंगलवार के दिन मगंल यन्त्र की स्थापना अपने घर के पूजा स्थान पर करे और फिर शुद्ध घी का दीपक जलाये. यन्त्र पर कुमकुम का तिलक लगाए और फूल, फल, मिठाई बूंदी के दाने या लड्डू का भोग लगाकर इस मंत्र ” ॐ क्रां क्रीं क्रों सः भौमाय नमः ” जा रोजाना नियमित रूप से जप करे. जप करने के बाद यन्त्र को चढ़ाई गई प्रसाद सबसे पहले किसी कन्या को और पशु पक्षियों को डालकर फिर स्वयं और परिवार वालो को बांटें.
अगर आप किसी वजह से रोजाना यह प्रयोग नहीं कर सके तो हर मंगलवार के दिन यह प्रयोग अवश्य करे. क़र्ज़ मुक्ति के लिए यह बहुत ही प्रभावशाली प्रयोग है इसे भी जरूर करे. अपने नजदीकी किसी पंडित से जानकारी ले की शुक्लपक्ष कब आने वाला है फिर इस प्रयोग का शुभारम्भ करे.
प्रत्येक शनिवार को सुबह के समय मीठा पानी पीपल के पेड़ की जड़ों में डालें और शाम के समय सरसों के टेल का दीपक जलाये या सरसों के तैल में सिक्का डालकर अपना चेहरा देखें और फिर उस सिक्के को किसी डकौत  को दे दें.

कर्ज उतारने के उपाय बताओ क्या है ?

एक नारियल लें अब सिंदूर को चमेली के तैल में मिलाकर उस नारियल पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाये. इसके बाद थोड़ी प्रसाद लें और हनुमान जी के मंदिर जाए और उनके चरणों में नारियल और प्रसाद दोनों रखे. फिर ऋणमोचक मंगल स्त्रोत का पाठ करे. इस प्रयोग से बहुत ही जल्दी ऋण से मुक्ति मिलती है.

इसके अलावा किसी भी शनिवार आपकी लम्बाई के बराबर एक काला धागा लें और उस धागे को एक नारियल पर लपेट दें फिर इस नारियल का सामान्य पूजन करे और फिर बहते हुए पानी में इसे प्रवाहित कर दें. यह प्रयोग करते वक्त मानसिक रूप से भगवान से प्राथना करते रहे की हे परमात्मा मुझे ऋण कर्ज से मुक्ति दिलाये.

बताये गए ऋणमोचक मंगल स्त्रोत का पाठ रोजाना करे, इसकी शुरुआत शुक्लपक्ष के पहले मंगलवार से करे और फिर नियम से रोजाना करे तो बहुत ही लाभ प्राप्त होगा.

गायत्री मंत्र से कर्ज मुक्ति

पांच पुरे खिले हुए फूल लें, डेढ़ मीटर सफ़ेद कपड़ा ले. अब इस कपडे को बिछाकर इन पाँचों फूलों को रख दें और 21 बार गायत्री मंत्र पड़ें और फिर इस कपडे को बांध दें और खुद जाकर बहते हुए पानी में इसे प्रवाहित कर दें.

अत्यधिक कर्ज होने पर उसे उतारने का रामबाण उपाय

अगर कोई व्यक्ति कर्ज में डूबता ही जा रहा हैं तो लगातार 6 शनिवार तक यह उपाय करे. सबसे पहले ऐसा शमशाम देखे जहाँ उसके पास कुवा हो. अब आपको लगातार 6 शनिवार को इस कुवे से पानी भरकर किसी पीपल के पेड़ की जड़ों में डालना हैं. इस प्रयोग से आश्चर्यजनक लाभ मिलते हैं.[/wps_box]

कर्ज मुक्ति के टोटके में एक और टोटका बताते हैं. इसे अब शुक्लपक्ष के पहले शनिवार के दिन शाम के समय करना हैं इसके अलावा शनिश्चरी अमावस्या को भी यह उपाय कर सकते हैं.

अपनी दोनों मुट्ठियों में काली राई रख लें. अब किसी चौराहे पर पूर्व दिशा की तरफ अपना चेहरा कर के अपने राइट हैंड की राइ को लेफ्ट हैंड की तरफ फेंक दें और लेफ्ट हैंड की राइ को राइट हैंड की तरफ फेंक दें. इसके बाद चौराहे पर मिट्टी के दिए में सरसों का तैल डालकर दो मुंह वाला दीपक बनाकर उसे वही चौराहे पर जला दें. पवित्रता और पुरे मन श्रद्धा से किया गया यह “karz mukti ka upay ‘totka” बहुत ही प्रभावकारी परिणाम देता हैं.

कर्ज की किश्त का आरंभ पहले मंगलवार से करना चाहिए.
कर्ज की पहली किश्त देने से पहले श्री हनुमान मंदिर में दोपहर के समय कुछ प्रसाद, चमेली के शुद्ध तेल का दीपक, चंदन की अगरबत्ती और गूगल की धूप के साथ पीले फूल की माला उनको चढ़ाएं. साथ ही प्रभु से कर्ज से शीघ्र मुक्ति दिलवाने का निवेदन करने के बाद कर्ज की पहली किश्त देने जाएं (karj kisht se chutkara paane ka upay hai yah).
  • कर्ज लेकर आने के बाद सबसे पहले मंदिर में जाकर कर्ज के लिए गए पैसों में से कुछ पैसों से भगवान को प्रसाद लाकर चढ़ाएं और उन से निवेदन करें कि मैने मजबूरी में कर्ज लिया है, प्रभु इस कर्ज से मुक्ति दिलाने की कृपा करें.
  • जब तक कर्ज मुक्त ना हो जाए तब तक नियमित रूप से ऋणहर्ता श्री गणेश स्त्रोत ऋणमोचक मंगल स्तोत्र और कवच का पाठ करते हैं. इसके प्रभाव से आप बहुत जल्द ही ऋण मुक्त यानी कि कर्ज मुक्त हो जाएंगे.
धनतेरस के दिन ऋण लेना बहुत ही अच्छा होता है. इस दिन लिया गया ऋण यानी कि कर्ज बहुत ही जल्दी समाप्त हो जाता है और लक्ष्मी आगमन के मार्ग भी खुलते है.
  • अगर आप अपने निवास के निर्माण के लिए यानी घर बनाने के लिए कर्ज लेते हैं तो मकान के निर्माण के समय विधिवत अभिमंत्रित श्री यंत्र, वास्तु दोष निवारक यंत्र और श्री मंगल यंत्र को मकान में स्थान जरूर दें.
  • जब आप किसी भी तरह के कर्ज की पहली किश्त का भुगतान करें तो उस दिन श्री हनुमान जी के नाम से दो गरीबों को भोजन भी करवाएं.
कर्ज़ की पहली किश्त मंगलवार को ही देना चाहिए, इसके अलावा उस दिन सवा मीटर लाल कपड़े में 900 ग्राम लाल मसूर बांधकर किसी को दान करें. यह लगातार तीन मंगलवार को करें, यह ध्यान रखें कि दाल ऐसे गरीब व्यक्ति को दे जो मंगलवार के दिन ही उसे बनाकर अपने परिवार को खिलाएं. इससे उपाय अधिक प्रभावी होगा और आपको बहुत लाभ मिलेगा.
  • अगर आप व्यवसाय के लिए लोन लेना चाहते हैं या व्यवसाय के लिए ले चुके है, तो सबसे पहले किसी विद्वान पंडित को अपनी जन्म कुंडली दिखाएं कि आपकी कुंडली में व्यवसाय योग है या नहीं. अगर है तो किस प्रकार के व्यवसाय में सफलता मिलेगी, अगर आपकी कुंडली में व्यवसाई योग नहीं है तो फिर लेने से भी कोई लाभ नहीं है.
  • व्यवसाय में आपको सफलता ही मिलेगी, जिसके कारण आप किश्त वापस करने में असमर्थ हो जाएंगे लेकिन आप उदास ना हो परिवार के किसी अन्य से सदस्य की कुंडली दिखाए और जी की कुंडली में व्यवसाय का योग हो उस के नाम से कर्ज लें और उसी के नाम से व्यवसाय शुरू करे तो अच्छी सफलता मिलेगी.
  • इसके अलावा आप प्रत्येक मंगलवार को ऋणमोचक मंगल स्त्रोत का पाठ करे, जल्द ही कर्ज से मुक्ति मिलेगी, यह बताये गए कर्ज उतारने के उपाय में बहुत ही प्रभावी है. अगर आप इस स्त्रोत का पाठ अभिमंत्रित मनगल यन्त्र को सामने रख कर करते है तो कुछ ही समय में ऋण से मुक्ति पाई जा सकती है.

  • अगर मंगल यंत्र को हनुमान जी की तस्वीर के साथ रखा जाए और फिर पाठ करते समय चमेली का तैल और गुग्गुल की धुप जलाई जाए तो यह और भी अधिक प्रभावशाली हो जाता है, जिससे क़र्ज़ मुक्ति में बहुत लाभ होता है. यह ऋणमोचक मंगल स्त्रोत कुछ इस तरह से है जो की आप देख सकते है.
तो इस तरह से अगर आप इन बताये गए karz mukti ke upay in Hindi कर्ज उतारने के उपाय के बताये गए नियम अनुसार प्रयोग करते है तो आपका कर्ज ज्यादा समय तक नहीं रहेगा.
इसके लिए आप प्रयोग करते वक्त श्रद्धा, पवित्रता जरूर रखे. अगर आप इन कर्ज के ज्योतिषी उपायों को जैसा बताया गया है वैसे ही करते है तो आपको पुराने से पुराना कर्ज भी खत्म होंगे लगेगा.
लेकिन सिर्फ उपाय करके ही न रह जाए, अपना व्यवसाय भी करते रहे आपको किसी न किसी तरह से सहायता मिलती रहेगी नए नए रस्ते खुलेंगे. इसी तरह की जानकारी पाते रहने के लिए हमसे जुड़े रहे.

100% पैसा कमाने के उपाय 10 चमत्कारी प्रयोग

पैसे कमाने के उपाय सरल

रुपए पैसा कमाने के उपाय ज्योतिष के कुछ ऐसे टोटके जो की पैसे आने के योग बनाएंगे, इस पोस्ट में हम आपको सरल और ज्योतिषी और घरेलु उपाय बताने वाले अगर आप उन्हें पवित्रता और नियमित रूप से करते है तो आपके पास पैसो की कभी कमी नहीं रहेगी. हमने पिछले Post में भी कई उपाय दिए है आप उन्हें भी देखे ताकि आपको सभी उपाय के बारे में जानकारी हो जाए.

किसी भी उपाय को करने से पहले उसमे श्रद्धा, पवित्रता और दृढ़ता जरूर रखे इनके बिना सब उपाय अधूरे होते है. हम यहाँ आपको चुनिंदा कुछ उपाय जो की रुपए कमाने के लिए बहुत प्रभावकारी है उनके बारे में बता रहे है, यह चुनिंदा कुछ उपाय आपको बहुत लाभ देंगे इनको करने से धन के नए नए मार्ग खुलेंगे. जो भी व्यक्ति सोच रहे हो की पैसे कमाने के लिए क्या करे तो उनको ज्योतिष के यह प्रयोग जरूर करना चाहिए, जल्द ही कहीं न कहीं से रास्ता निकलेगा.

पैसा कमाने के उपाय बताएं

पैसे कमाने के उपाय सरल

Paise kamane ke upay Batao in Hindi

#1.

अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति से खुश नहीं है और ज्यादा मेहनत करने के बाद भी कम पैसा कमा पाते हैं तो किसी भी महीने में शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार को 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र लेकर घर में पूजा करने के स्थान पर मां लक्ष्मी की तस्वीर के नीचे लाल रेशमी कपड़े पर स्थापित करें.

फिर रोली से तिलक करके मां लक्ष्मी से अपनी समृद्धि और धन के लिए प्रार्थना करें. इसके बाद फिर कमलगट्टे की माला से “श्रीं श्रिययै नमः ” मंत्र की तीन माला जप करें.

इस तरह सवा महीने तक जप करने के बाद आखरी दिन 9 साल से कम उम्र की कन्याओं को भोजन करवाकर दक्षिणा देकर विदा करें कुछ समय में आप अपनी आई वृद्धि के साथ आर्थिक स्थिति में परिवर्तन महसूस करेंगे.

यह प्रयोग बहुत ही प्रभावकारी है इसको करने पर आपको पैसा की प्राप्ति होने लगेगी. चलिए आगे जानते है ऐसे ही और jaldi paise kamane ka upay bataye or totke in Hindi भाषा में.

#2.

अगर आपके व्यवसाय में अचानक ही अधिक हानि हो रही है तो पहले किसी भी महीने के सोमवार को 21 अभिमंत्रित गोमती चक्रों को पिले रेशमी कपड़ों पर लाल रेशमी कपडा बिछाकर रखें.

इन सभी गोमती चक्रों पर हल्दी से तिलक करें और शिव जी का स्मरण करके कपडे को पोटली का रूप दे दें, यानी उस कपडे की पोटली बना दें.

फिर उसको लेकर सारे घर और व्यवसाय स्थल में घूमते हुए घर के बाहर आकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें.

इस प्रयोग को करने से व्यापार में बार बार हानि आना और व्यापार में कम पैसा आना आदि ऐसी समस्याए ख़त्म हो जाएंगी, जिससे आप पर्याप्त मात्रा में पैसा कमा पाएंगे. पैसा कमाने का यह सरल उपाय भी बहुत मददगार साबित होता है.

पिछले पोस्ट में हमने कई चमत्कारी प्रयोग बताये थे, इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप उन्हें भी जरूर पड़ें. धन प्राप्ति के टोटके और उपाय और अगर कभी अचानक पैसे चाहिए तो इसके लिए अचानक धन प्राप्ति के उपाय . ऐसा कई लोगों के साथ होता है की वह कमाते तो है, पैसा आता है लेकिन ठहरता नहीं, बहुत खर्च हो जाता है तो इसके लिए आप यह पोस्ट जरूर पड़ें स्थिर लक्ष्मी के उपाय .

#3.

हर घर में रोजाना पूजा की जाती है, अगर पूजा के दीपक की बत्ती को बदलकर उसकी जगह पर कलावा यानी जिसे मौली भी कहते है उसका प्रयोग किया जाए तो लक्ष्मी जी बहुत प्रसन्न होती है.

इस प्रयोग को करने से धन की प्राप्ति में वृद्धि होती है. इसलिए आप कलावा लाकर उसका प्रयोग शुरू करे और रोजाना सामान्य दीपक की जगह उसका प्रयोग करे. यह बहुत ही सरल प्रयोग है जो की आपको रोजाना करना चाहिए.

पैसों के लिए आसान सरल उपाय

#4.

अगर कोई व्यक्ति रोजाना नियमित रूप से सिद्ध श्रीयंत्र के सामने श्रीसूक्त या बीजयुक्त श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ करे, ऐसे व्यक्ति को कभी भी आर्थिक समस्या नहीं आती और ना ही कभी धन की कमी आती है. ऐसे व्यक्ति पर माता लक्ष्मी जी की विशेष कृपा होती है.

अगर आप इसे रोजाना नहीं कर सकते तो शुक्रवार के दिन यह प्रयोग जरूर करे लेकिन अगर आप चाहते है की आप पर लक्ष्मी जी की कृपा जल्दी हो तो इसे रोजाना करे. अगर आपके पास सिद्ध श्रीयंत्र नहीं है तो लक्ष्मी जी की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक लगाकर भी यह प्रयोग कर सकते है.

#5.

पैसे कमाने के सरल उपाय में एक और लक्ष्मी स्त्रोत हम आपको बताते है जिसके प्रयोग से आपको ढेर सारे धन की प्राप्ति होगी, खूब पैसा आएगा और कभी भी धन, पैसों की किसी भी तरह से कमी नहीं होगी.

यह मां लक्ष्मी का एक छोटा सा स्त्रोत है, लेकिन यह अत्यधिक प्रभावी है. इसलिए आप इसका नियमित रूप से जप करके मां लक्ष्मी को जल्द ही प्रसन्न कर सकते है.

जब यह स्त्रोत कंठस्त हो जाए तो आप जब भी बैंक जाए या कोई भी धन से जुड़ा काम करे तो इसका मानसिक जप करते रहें, फिर चमत्कार देखें.

अगर आप इस स्त्रोत का 11 बार रोजाना पाठ करते है तो कुछ ही समय में आप पर मां लक्ष्मी जी की कृपा हो जाएगी. यह बहुत ही प्रभावी है इसे आप जरूर करे.

यह स्त्रोत है :

यथा त्वमचलाकृष्णे तथा भव मयि स्थिरा।

ईश्वरी कमला लक्ष्मीश्चला भूतिर्हरिश्रया।

पद्मा पद्मालया संपदुच्चे: श्रीं: पद्मधारिणी॥

द्वादशैतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्य य: पठेत।

स्थिरा लक्ष्मी: भवेतस्व पुत्रदारादिभिः सह॥

रोजाना करे किसी भी लक्ष्मी मंत्र की कुछ माला

#6.

अगर किसी भी लक्ष्मी जी के मंत्र का रोजाना जप किया जाए तो इससे माता लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके लिए आप लक्ष्मी जी के किसी भी मंत्र का जप पांच, सात या ग्यारह माला जप नियमित रूप से करे.

इसके लिए आप स्नान करने के बाद घर में पूजा के स्थान पर जाए लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र जो भी हो उसका पूजन करे और एक घी का दीपक जलाये.

अब आप इन दिए गए मंत्र में से किसी भी एक मंत्र को चुन लें और फिर उसी मंत्र से रोजाना जप करे. यह छोटे मंत्र है आपको जप करने में भी बहुत आसानी होगी.

  • ॐ श्रीं नमः
  • ॐ श्रियै नमः
  • ॐ कमलाये नमः
  • ॐ ह्रीं श्रीं नमः

#7.

अगर आपको अपने व्यापार, व्यवसाय या धन से जुड़े किसी भी क्षेत्र में असफलता मिल रही है तो आप यह ज्योतिष का सरल उपाय जरूर करे.

पहले तो पूजा करने के स्थान पर एक तरफ गाय के गोबर से थोड़ी जगह को लिप ले, और एक मूंगा रत्न पहले खरीद लाये.

फिर किसी भी दिन शाम के समय अंधेरा हो जाने पर स्नान कर के पूजा के आसान पर बैठ जाए और फिर अपने सामने गोबर से लिपि हुई जमीन पर चावलों की एक ढेरी बनाये और फिर इस ढेरी पर मूंगा का रत्न रख दें.

अब आप इस मंत्र ” ॐ ह्रीं श्रीं मानस सिद्धिकारी ह्रीं नमः ” का जप करे, आपको पांच दिन के अंदर सवा लाख यानी एक लाख पच्चीस हजार बार करना है.

इस मंत्र के प्रयोग में किसी भी लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र की जरुरत नहीं है बस आपको यह मंत्र बोलते समय अपनी नज़रे मूंगे पर केंद्रित रखनी है.

जब पांच दिन में यह मंत्र पूरा हो जाए तो छठवे दिन उस मूंगे को सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण कर लें.

इस अंगूठी को आप किसी भी हाथ की किसी भी उंगली में पहन सकते है और इस अंगूठी को आप किसी भी स्थिति में न निकाले, यह किसी भी काम को करने से अपवित्र नहीं होती इसलिए के बार पहनने के बाद इसे नहीं निकाले.

इस तरह इस अंगूठी को पहनने पर धन से जुड़े सभी कामो में अच्छी सफलता मिलती है और पैसों की कोई कमी नहीं आती. यह अंगूठी धन, रुपए पैसों को अपनी और आकर्षित करती है जिससे धन के नए नए मार्ग खुलते है.

सुबह पर रुपए आने का सरल उपाय

#8.

रुपे कमाने का उपाय में इक और प्रयोग बताते है इसके लिए रोजाना सुबह उठने के बाद अच्छे से दांत साफ़ कर के स्नान कर लें और फिर इस मंत्र ” ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं क्लीं लक्ष्मी माम गृहे धन पूरय चिन्ता तुरय स्वाहा “ का जप किसी भी शुक्रवार के दिन से शुरू करे और फिर रोजाना नियमित रूप से करे.

आपको इस मंत्र का जप रोजाना 108 बार करना है, इसका नियमित रूप से रोजाना प्रयोग करने से सिर्फ एक डेढ़ महीने में ही व्यापार में या किसी भी स्त्रोत से धन की प्राप्ति होने लगेगी. यह भी बहुत ही छोटा सा और सरल उपाय है, जरूर करे.

#9.

अगर आप कोई व्यापार, व्यवसाय या किसी भी तरह का धंधा या संस्थान चलाते है तो उसमे तेज सफलता पाने के लिए यह प्रयोग जरूर करे. इसके लिए आप इस मंत्र का जप 108 बार अपना व्यवसाय, व्यापार या कोई संस्थान खोलने से पहले करे. यह मंत्र है

श्री शुक्ले महाशुक्ले कमलदल निवासे महालक्ष्म्यै नमः लक्ष्मी माई सत्य की सवाई आवो माई करो भलाई, ना करो तो समुद्र की दुहाई रिद्धि सिद्धि खावो मिट नौ नाथ चौरासी की दुहाई।

इस मंत्र को आप को सिद्ध करने की कोई जरुरत नहीं है, बस अपना व्यापार व्यवसाय करने से पहले इस मंत्र का 108 बार जप कर लें. इस प्रयोग को करने से आपका व्यवसाय, व्यापार, संस्थान बहुत चलेगी.

इससे आपको बहुत लाभ होगा, बहुत सफलता मिलेगी. इसके अलावा जब यह मंत्र आपको कंठस्त हो जाए तो अपने व्यवसाय के द्वार खोलते समय भी इस मंत्र का मानसिक रूप से जप करते रहे.

इस तरह यह थे पैसा कमाने के सरल उपाय, paise kamane ke upay kya hai in Hindi जो की बहुत ही सरल और प्रभावी है. इनमे आपको कोई विशेष प्रयोग नहीं दिए है यह बहुत ही सरल है आप इन्हे कर सकते है.

आप जो भी धन से जुड़ा कार्य कर रहे होंगे उसमे आपको बहुत सफलता मिलेगी, आपके धन स्त्रोत से आपको तेजी से पैसे मिलने लगेंगे और इन प्रयोगो को रोजाना करते रहने से आपको कभी भी धन की कमी नहीं आएगी.

 

किस घर में लक्ष्मी जी निवास करना पसंद करती है : अभी जाने

laxmi ji kahan rahti hai

हमारे शास्त्रों में उल्लेख है की स्वयं भगवती लक्ष्मी जी ने किसी वाक्य में यह कहा था की श्री कृष्णचन्द्र की महारानी रुक्मणि देवी तथा देवराज इंद्र को बताना की मुझे मेरे निवास स्थान से धाता, विधाता कोई भी नहीं हटा सकते लेकिन में स्वयं उन घरों को तुरंत छोड़ देती हूं. आइये जानते है लक्ष्मी जी के निवास स्थान के बारे में, घर में लक्ष्मी जी कहां रहती है ?

ऐसी बहुत सी बाते है, अशुभ आदते है जिनके कारण लक्ष्मी जी किसी के घर में निवास नहीं करती, इस तरह धीरे-धीरे उस घर में धन की कमी होने लगती है और ऐसे भी कई लोग है जो की सभी तरह के उपाय करते है लेकिन इन बताई जा रही बातों पर ध्यान नहीं देते.

जिससे लाख उपाय करने पर भी उनके घर में लक्ष्मी जी वास नहीं करती. तो आइये जानते है की लक्ष्मी जी किन घर में रहना पसंद करती है और किन घरो को वह तुरंत त्याग देती है. यह बाते स्वयं मां लक्ष्मी द्वारा शास्त्रों में बताई है है जो की इस प्रकार है.

Lakshmi Ji Ka Niwas Sthan Kaha Hota Hai

laxmi ji kahan rahti hai

घर में लक्ष्मी जी कहा रहती है निवास स्थान

  • जिस परिवार में विवाह के बाद पुत्र अपने वृद्ध माता पिता का पालन पोषण नहीं करते और उनका अनादर करते है में उस घर को त्याग देती हूं.

जिस घर में बहु सास ससुर आदि पूज्यजनो का कहना न मान कर मनमानी करती है. गृह स्वामिनी बनकर भी स्वयं घर का काम न कर के सास से घर का काम करवाती है.

अपने स्वामी पर तथा घर के अन्य पूज्य सम्बन्धियों पर शासन चलाती है. उन्हें उनका नाम ले लेकर पुकारती है. ऐसे घर को छोड़ कर में दूर चली जाती हूं.

  • जिस परिवार में छोटे अपने से बड़ो का सम्मान नहीं करते. अपने माता पिता वृद्ध, आचार्य और अतिथि या गुरु का सम्मान नहीं करते ऐसे घर से में विदा हो जाती हूं.
  • जिस घर में पिता अपनी दूसरी पत्नी के कहने पर क्रोध के आवेश में अपनी पहली पत्नी के किसी पुत्र को उसका उचित भाग न देकर उसे अलग कर देता है और उसे भोग से वंचिर कर देता है. उस घर में निवास कभी नहीं करती.
  • जो कन्या-विक्रय, आत्म-विक्रय, वेद-विक्रय, विद्द्या-विक्रय तथा देव-पूजा विक्रय करता है. उस घर से में तुरंत चली जाती हूं.

जहां गृहणी, मन, वाणी और कर्म से शुचिता पवित्रता का पालन नहीं करते है. धर्म की मर्यादा तोड़ कर मन माना आचरण कर जूते पहन कर भोजन बनाया जाता है. अभक्ष्य भोजन मांस अंडा आदि परोसा जाता है.

उस घर में में कभी नहीं ठहरती. जिस घर में भोजन ढंका हुआ नहीं रहता, चूहे और बिल्ली आदि खाने पिने की वस्तुए को झूठा करते हो, इधर उधर सामान बिखरा रहता है ऐसे घर को में त्याग देती हूं.

  • जिस घर में झूठे मुंह और हाथों से चीजों को छुआ जाता है. दूध आदि को ढंक-कर नहीं रखा जाता वहां में वास नहीं करती.
  • जिस घर में बड़े बूढ़ों और पोष्य वर्ग को भोजन कराये बिना आप अकेले भोजन कर लेते है. अपने लिए उत्तम भोजन तथा अन्य पौष्टिक खाद्द्य पदार्थ छोटे-छोटे बालकों के देखते ही स्वयं अकेले ग्रहण कर लेते है या छिपा लेते है ऐसे घर से में चली जाती हूं.
  • जिस घर में सूर्योदय होने के बाद बिस्तर से उठते हैं और सूर्योदय होने के बाद मल त्याग करते हैं सूर्य की की और मुंह करके लघु शंका और पेशाब करते हैं. उस घर में मेरा वास नहीं होता.
  • जिस घर में पुरुष स्त्रियों का वेश धारण करती हैं और स्त्रियां पुरुषों का वेश धारण किए हुए फिरती हैं मैं वहां से जल्द ही चली जाती जाती हूं.

  • जिस घर में घर की दीवार गिर जाने पर भी उसे तुरंत यानी जल्द ही नहीं बनवाया जाता तो उस घर को मैं छोड़ कर कहीं और चली जाती हूं.
  • जिस घर में पशुओं को आंगन में बांधकर उनको दाना, घास, भूसा और पानी आदि समय पर नहीं दिया जाता वहां पर मेरा वास नहीं होता है.
  • जिस परिवार में फैशन के नशे में आकर स्त्रियां अशुभ सूचक अपने बाल कटवा कर तथा काले और सफेद कपड़े आदि से अशुभ वेश धारण करती है मैं वहां नहीं ठहरती हूं.
  • जिस घर में ऋण लेकर चुकाया नहीं जाता तथा ऋण देकर एक-एक के तीन, चार चार लेने पर भी खाता बंद नहीं किया जाता, ऐसे स्थान से मैं चली जाती हूं.
  • जिस घर में बर्तन सुव्यवस्थित रूप में नहीं रखे जाते और रात का भोजन करने के बाद झूठे बर्तनों को मांज कर साफ करके नहीं रखा जाता और झूठे और अशुद्ध बर्तन रात भर रसोई में पड़े रहते हैं, ऐसे घरों को मैं छोड़ कर चली जाती हूं.

  • जिस घर में महिलाएं सोते समय अपने गहने संभाल कर नहीं रखती और इधर उधर कहीं भी रख देती है उस घर में मेरा वास नहीं होता.
  • जिस घर में रात में दही और सत्तू खाते हैं मैं उस घर को तुरंत छोड़ देती हूं.
  • जिस घर में धर्म मर्यादा का उल्लंघन कर मन माना आचरण किया जाता है, वहां मेरा वास नहीं होता.
  • जिस घर में टूटे बर्तन ,टूटी खाट, फटे आसन और वस्त्र तथा बर्तन इधर-उधर बिखरे रहते हैं वहां मेरी बड़ी बहन दरिद्रता का वास होता है.
  • जिस घर में चतुरता, सरलता, उत्साह, परम सौहार्द, क्षमा, सत्य, दान, तप, पवित्रता, नम्रता, दया, कोमल वाणी तथा मित्रों से प्रगाढ़ प्रेम आदि सब सद्गुण नहीं होते मैं वहां कभी वास नहीं करती.

  • जो भिक्षु को भिक्षा अतिथि को भोजन और देवताओ को निवेदन किए बिना भोजन कर लेता है वह मेरी बड़ी बहन दरिद्रता का निवास होता है.
  • मेरी ही विभूति गृह लक्ष्मी का जहां तिरस्कार किया जाता है, दू-व्यवहार किया जाता है अथवा वह मारी पीटी जाती है ऐसे घर में मेरा वास कैसे हो सकता है.
  • जिस परिवार में निद्रा, आलस्य, अप्रसन्नता, दोष, दृष्टि, विवेक, संतोष, निषाद और कामना आदि दोष रहते हैं वहां में वास नहीं करती.
  • जिस घर में स्त्रियां चाकू, हँसिया, संदूक, आटा, कांसे के बर्तन खाद पदार्थ द्रव्यमान आदि वस्तुओं को संभाल कर नहीं रखती उस घर को भी मैं छोड़ कर चली जाती हूं.
  • जिस घर में दिन-अनाथ, वृद्ध दुर्बल रोगी बालक और स्त्रियों पर दया नहीं की जाती यहां भी मैं वास नहीं करती और ना ही ठहरती हूं.
  • जिस घर को रोजाना साफ नहीं किया जाता वहां मेरी बहन दरिद्रता रहने लगती है. मैं उस घर को छोड़ देती हूं.
  • जिस घर में पित्र श्राद्ध नहीं किया जाता वहां भी मेरा वास नहीं होता है.

जो दिन में अपनी पत्नी से मैथुन करता है, गिले पांव नंगा होकर सोता है, सूर्योदय के समय और शाम के समय सोता है, नहाने के बाद सूर्य को अर्ध्य नहीं देता है मैं उस घर में वास नहीं करती हूं, वहां से चली जाती हूं मेरे जाने पर वहां से आशा, श्रद्धा, शांति, समृद्धि यह सब चली जाती है और इनके जाने से उस घर में दरिद्रता, कलह, अशांति, असंतोष और कई तरह की विपत्तियां आने लगती है.

  • इसके बाद भगवती लक्ष्मी जी कहती है, भगवान् नारायण द्वारा श्री ब्रह्मा जी और अन्य देवताओ को बताना की वरदा, पुत्रदा, धनदा, सुखदा, मोक्षप्रद, सम्पूर्ण मंगलो को भी मंगल प्रदान करने वाली मेरी प्राण प्रिय लक्ष्मी उस स्थान, घर और परिवार में निवास नहीं करती है.
  • जहां शंख की ध्वनि नहीं होती है, जहां मेरी परम प्रिय तुलसी का निवास नहीं होता है, जहां ब्राह्मणों को भोजन नहीं कराया जाता है, जिस घर में मेरे भक्तों की निंदा होती है. वहां रहने वाली मां लक्ष्मी के मन में अपार क्रोध उत्पन्न हो जाता है और वह उस स्थान को छोड़कर चल देती है.

  • जिस घर में लक्ष्मी नारायण की उपासना नहीं होती है, जिस घर में एकादशी और जन्माष्टमी आदि शुभ व्रतों पर अन्न भक्षण होता है, उन व्यक्तियों के घर से लक्ष्मी चली जाती है.
  • जो मेरे नाम का और अपनी कन्या या अपनी बहन का विक्रय करता है, जहां अतिथि भोजन नहीं पाता है उस घर को मेरी लक्ष्मी जी तुरंत त्याग कर चली जाती है.

जो कायर व्यक्तियों का अन्न खाता है, अपने नाख़ून से पृथ्वी कुरेदता रहता है, जो व्यक्ति सुबह होते वक्त और शाम होते वक्त भोजन करता है या इस समय पर सोता है, दिन में सोता है और मैथुन करता है, जो दुराचारी होता है ऐसे मनुष्य के घर को भी लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है.

  • जो व्यक्ति भीगे पैर और नंगा होकर सोता है, नग्न होकर स्नान करता है उसके घर में लक्ष्मी का वास नहीं होता है.
  • जो सिर पर तेल लगा कर उसी से दूसरे अंगों को स्पर्श करता है, अपने सिर का तेल दूसरे को लगाता है और अपनी गोद में बाजा लेकर उसे बचाता है. उस घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है.

  • जिस घर में शिवलिंग, शालिग्राम, महालक्ष्मी, महासरस्वती और महादुर्गा आदि का रोजाना पूजन नहीं होता है, वहां भी लक्ष्मी का वास नहीं होता है.
  • जिस परिवार में रोजाना प्रभु का भजन कीर्तन नहीं होता वहां महालक्ष्मी कभी नहीं रुकती है.
  • जिस कुटुंब के सदस्य सत्य, दान, तप, शील और धर्म परायण नहीं होते वहां भी लक्ष्मी जी बिलकुल वास नहीं करती है.

तो इस तरह बताई गई बातों का विशेष ध्यान रखे, घर में लक्ष्मी जी का निवास स्थान, laxmi ji ka niwas sthan in Hindi यही होता है, जिस घर में इन सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है, वह दिनों दिन तरक्की करता है और धन की भी कोई कमी नहीं आती.

कई लोग इन बातों पर ध्यान नहीं रखते इसीलिए उनके घर में धन स्थिर नहीं रहता, दरिद्रता आती रहती और वह शांति से जीवनयापन भी नहीं कर पाते. अब आप भी अपनी गलतियों को सुधारे और इन बातों का ध्यान रखे. साथ ही इस वीडियो को सभी तक पहुंचाए ताकि सभी यह जानकारी हासिल करे सके.

38 उपाय जरुरी बातें : धन प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए

laxmi prapti ke liya kya karna chahiye

धन प्राप्ति के लिए क्या करे और क्या नहीं करना चाहिए यानी ऐसी बाते जो रोजाना आपको ध्यान में रखना चाहिए. क्योंकि कई बार ऐसा होता है की जानकारी नहीं होने से हम गलत काम करते रहते है जिससे हमे नुकसान होता है. इसीलिए कुछ बाते ऐसी हम बता रहे है जो की लक्ष्मी प्राप्ति करने के लिए आपको ध्यान में रखना चाहिए.

होता ये है की कई बार व्यक्ति सभी तरह के ज्योतिषी उपाय कर लेता है, जप अनुष्ठान करवा लेता है लेकिन फिर भी उसे लाभ नजर नहीं आता. इस का कारण हमारी जीवन शैली और चीजों को व्यवस्थित न रखना, घर में व्यस्थित काम न होना होती है.

कई चीजे ऐसी होती है जिनको ठीक से न किया जाए या चीजों को सही जगह पर न रखा जाए तो वह नकारात्मक परिणाम देने लगती है. इसीलिए हम हम यहाँ कुछ छोटे छोटे और कारगर dhan prapti ke liye kya karna chahiye upay in Hindi में बताने जा रहे है आप इस जानकारी को पूरा आखिरी तक जरूर पड़ें.

laxmi prapti ke liya kya karna chahiye

Dhan Prapti Ke Liye Kya Kare in Hindi

Laxmi Prapti Ke Liye Kya Karna Chahiye

#1

अगर आपकी कोई दुकान है, तो दुकान की तिजोरी के पास में गणेश जी की तस्वीर लगाए. दुकान खोलते ही मन ही मन लक्ष्मी जी की पूजा करके बैठे. इस तरह रोजाना करने से धन का आगमन अच्छे से होगा.

#2

बाजार से धार्मिक भंडार की दुकान से 11 कौड़िया ले आये, फिर इन्हे शुद्ध कर लें. शुद्ध करने के लिए आप इन्हे गंगाजल या गौ मूत्र से भी धो सकते है. इसके बाद शुद्ध केसर से इन 11 कौड़ियों को रंग दें, केसर इनपर लगा दें, फिर एक पिले कपडे में इनको लपेटकर आप घर में जहाँ अपना धन रखते है वहां पर रख दें. ऐसा करने से धन के आगमन के स्त्रोत बढ़ते है, लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है.

  • जानिये सबसे प्रभावकारी उन मन्त्रों के बारे में जिनके प्रयोग से धन की प्राप्ति जल्दी होती है, यह बहुत ही असरकारी है पड़ें यह पोस्ट – DhanLaxmi Mantra in Hindi

#3

आप अपने घर में जब पूजा करते समय दीपक जलाते है तो उस दीपक में रुई के स्थान पर कलावा का प्रयोग करे. क्योंकि लक्ष्मी जी को लाल रंग बहुत ही प्रिय होता है. इस प्रयोग से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और धन का आगमन भी होता है.

#4

अगर पूजा करते वक्त कोई मेहमान आ जाये तो यह बहुत शुभ होता है. उस मेहमान को पानी जरूर पिलाये. अगर शाम के समय पूजा के वक्त कोई सुहागिन स्त्री घर में आ जाये तो इसे आपने सौभाग्य समझे, यूँ समझे की खुद लक्ष्मी जी आपके घर चलकर आई है. ऐसे वक्त में आये मेहमान का स्वागत और सेवा जरूर करे.

#5

हर एक पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष पर सुबह 10 बजे मां लक्ष्मी जी का फेरा लगता है. जो भी व्यक्ति आर्थिक रूप से या धन की कमी से परेशान हो उस व्यक्ति को इस दिन बताये गए समय पर पीपल के वृक्ष और मां लक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए. पीपल को घी का दीपक लगाए और लक्ष्मी जी का भी ध्यान करे.

  • जानिये सबसे प्रभावकारी ज्योतिषी प्राचीन उपाय के बारे में जिनको करने से धन यश की प्राप्ति होती है यह बहुत ही चमत्कारी है अभी पड़ें  : धन प्राप्ति के उपाय और टोटके

#6

हर शुक्रवार को किसी भी प्रसिद्द लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर सुंगंधित चन्दन आदि अगरबत्ती अर्पित करे. ऐसा करने से लक्ष्मी जी की कृपा सदा बनी रहती है, इसके अलावा इस प्रयोग को लगातार करते रहने से व्यक्ति जो भी धन से जुड़ा काम करता है उसे उसमे पूरी सफलता मिलती है.

#7

अगर आपके घर की स्थिति अच्छी नहीं है, धन की कमी है बार बार कोई परेशानी आती रहती है तो आप किसी शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से यह उपाय शुरू करे और लगातार तीन शुक्रवार तक इसे करे.

इसके लिए आप शाम के समय किसी भी लक्ष्मी नारायण जी के मंदिर जाए और नौ साल से कम उम्र की कन्याओं को खीर के साथ मिश्री का भोजन करवाए इसके अलावा भोजन कराने के बाद उन्हें उपहार में लाल कपड़े या लाल रुमाल उपहार में दें.

इस प्रयोग को करने से जल्द ही आपकी स्थिति में सुधार आएगा और धन से जुडी समस्या भी हल होगी. घर की स्थिति दिन प्रतिदिन अच्छी होती जाएगी.

#8

जिस घर में नियमित रूप से या हर शुक्रवार के दिन श्रीसूक्त या श्रीलक्ष्मी जी का सूक्त पाठ होता है वहां धन लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करने लगती है. ऐसे घर में धन की कोई कमी नहीं होती.

  • कई लोगों के घर में धन बचता नहीं, धन की बरकत नहीं होती तो धन स्थिर करने के लिए आप यह उपाय जो करे :  स्थिर लक्ष्मी के उपाय

#9

खच्चर के गधे के दांत के टोटके का ऐसा माना जाता है की अगर इसके ऊपरी दांत को कोई व्यक्ति हमेशा उसके पास रखे तो ऐसे व्यक्ति को धन से जुडी कभी कोई समस्या नहीं आती.

ऐसे व्यक्ति के पास धन का आगमन होता रहता है. अगर आप भी कहीं से खच्चर गधे के ऊपरी दांत को प्राप्त कर सके तो अपने पास जेब या पर्स में जरूर रखे. इससे कई लोगों को लाभ हुआ है.

#10

धन प्राप्त करने के लिए पीपल के अखंडित पत्ते पर राम लिखे और कुछ मिष्ठान साथ में ले अब इन दोनों को किसी हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा आये. इस प्रयोग से धन प्राप्ति के योग बनते है.

इसके अलावा जब आप रोजाना अपने घर के मंदिर में पूजन करे तो लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र की पूजा करने के साथ साथ उनको लाल फूल चढ़ाये और दूध से बने मीठे पदार्थ चढ़ाये. इस प्रयोग को करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#11

एक और पीपल के पत्ते का प्रयोग बताते है जिसको करने से आपका बटुआ यानी पर्स कभी धन से खाली नहीं रहेगा. इसके लिए आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास जाये उसे प्रणाम करे और एक अच्छा पत्ता तोड़ ले जो की कहीं से खंडित न हो.

फिर इसे गंगाजल से धोकर थोड़ी सी हल्दी और दही ले अब इन दोनों को आपस में मिलाकर अच्छा घोल तैयार करे फिर इस पीपल के पत्ते पर अपनी अनामिका उंगली को इस दही और हल्दी के घोल में मिलाकर पीपल के पत्ते पर ” ह्रीं ” यह शब्द अपनी अनामिका उंगली से लिखे.

इसके बाद लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और अगतबत्ती जलाये. अब इस पत्ते को अगरबत्ती का धुआँ और दीपक की रौशनी दिखाए फिर इसे मोड़कर अपने पर्स में रख लें.

ध्यान रखे यह पत्ता आपको हर शनिवार को बदलना है, और वापस वैसे ही क्रिया करके इसे पर्स में रखे. पुराने पत्ते को पवित्र स्थान पर छोड़ आये या पानी में बहा दें. इस छोटे से प्रयोग को करने से धन से पर्स कभी खाली नहीं रहता, उसमे कहीं न कहीं से पैसे आते ही रहते है.

#12

अमावस्या का दिन बहुत ही शुभ होता है, धन प्राप्ति के लिए यह करे इस दिन कई देवीय शक्तिया और अन्य शक्तिया सक्रीय रहती है. इस दिन पुरे घर की सफाई करे और घर के पूजा मंदिर में धुप और दीपक जलाये. इस प्रयोग को करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है, लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#13

एक और बहुत ही प्राचीन और प्रचलि उपाय है जो की धन प्राप्ति के लिए करना चाहिए जब भी आपको अचानक धन की जरूरत लगे तो किसी भी मंदिर के पास के बरगद के पेड़ के पास जाए और अपनी मनोकामना कहते हुए बरगद की जटा में गाँठ लगाते जाए.

फिर जब आपकी मनोकामना पूरी हो जाए तो वापस आकर इन जटाओ में लगाई गई गांठ को खोल दें. इस प्रयोग को करने से अचानक से धन की प्राप्ति होने के योग बनते है.

#14

एक और अद्भुत प्रयोग है इसे आप याद रखे जब भी कोई हिजड़ा आपसे कुछ मांगने आइये तो आप उसे मना नहीं करे और आपकी क्षमता-अनुसार उसे धन दें. धन देने के बाद आप उस हिजड़े से निवेदन करे की वह उसके पास से आपको कुछ सिक्के दे दें.

फिर जो सिक्के हिजड़ा दें वह सिक्का आप अपने घर या दुकान में धन रखने की जगह पर रख दें. अगर किसी बुधवार के दिन आपसे कोई हिजड़ा ऐसे मांगने आ जाये तो यह बड़े ही सौभाग्य की बात होती है.

यूँ मानो की खुद लक्ष्मी जी आपके पास चलकर आई है. अगर बुधवार को हिजड़ा पैसे मांगे तो भी आपको जो बताया है वही करे. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है, धन का स्त्रोत बढ़ता है.

#15

अगर आपको आर्थिक रूप से कई समस्या आ रही है तो लक्समी प्राप्ति के लिए और आर्थिक समस्या, धन की कमी को खत्म करने के लिए आप लगातार 21 शुक्रवार को नौ साल से कम उम्र की 5 कन्याओं को खीर और मिश्री या मिष्ठान का प्रसाद बांटें. इस प्रयोग से आपकी आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार आएगा, धन की कमी भी पूरी होगी.

#16

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का होता है, अगर इस दिन कोई व्यक्ति सुहागिन स्त्री को लाल कपडे, लाल रुमाल या लाल रंग से जुडी कोई वस्तु या सुहाग से जुडी कोई सामग्री दान में दें तो ऐसे व्यक्ति पर लक्ष्मी जी की कृपा होती है. इस प्रयोग को करने से धन के आगमन के मार्ग खुलते है.

#17

इसके अलावा अगर कोई विवाहित स्त्री शुक्रवार के दिन आपको अपने घर पर चाय पानी करने के लिए बुलाये तो आप उसे इंकार नहीं करे, चाहे आप कितने ही व्यस्त हो थोड़े समय के लिए चले जाए लेकिन जाए जरूर. क्योंकि इस आमंत्रण को ठुकराना धन के आगमन घोतक होता है.

#18

अगर आप धन के साथ साथ अपनी परेशानियों से भी मुक्ति चाहते है तो कच्ची घानी के तैल के दीपक में फूलदार लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें. ऐसा करने से सभी तरह के अनिष्ट दूर होंगे और धन की प्राप्ति भी होगी.

#19

जल्दी लक्ष्मी प्राप्ति के लिए क्या करे ? अगर आपको किसी वजह से अचानक धन की जरुरत लग जाए तो इसके लिए माता लक्ष्मी के मंदिर जाय और वहां सुगन्धित धूपबत्ती और गुलाब की अगरबत्ती का दान करे. अचानक धन पाने के लिए यह उपाय शुक्लपक्ष में शुक्रवार के दिन यह प्रयोग किया जाए तो शीघ्र सफलता मिलती है.

#20

अगर आपके तिजोरी में धन स्थिर नहीं रहता, कहीं न कहीं उठ जाता है तो आप किसी भी शुभ दिन शुभ समय में एक लाल रेशमी कपडे में अभिमंत्रित की हुई हत्थाजोड़ी को बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें. इस प्रयोग से धन में स्थिरता आती है और धन का स्त्रोत भी बढ़ता है.

#21

अगर धन आने के मार्ग अवरुद्ध हो गए हो तो आप शुद्ध केसर का तिलक माथे पर लगाए. धन आने के स्त्रोत खुलेंगे. यह टोटका शुक्लपक्ष में बुधवार के दिन करे तो लाभ शीघ्र होगा.

#22

अगर आपके पास धन भी बहुत आता है और फिर भी वह इकठ्ठा नहीं हो पाता तो आप शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल में चुपड़ी हुई रोटी खिलाये. इस प्रयोग से धन में स्थिरता आएगी.

#23

अगर आपकी आर्थिक स्थिति सही नहीं चल रही तो किसी सुहागिन स्त्री को गुरुवार के दिन सुहाग से जुडी सामग्री दान करे. इस प्रयोग से आर्थिक समस्या ख़त्म होगी और धन आदि की प्राप्ति होगी.

#24

जब भी घर से बाहर जाए तो वापस घर आते वक्त खाली हाथ नहीं आये, अगर आप कुछ लाने की स्थिति में नहीं है तो रस्ते में कहीं से एक कागज का टुकड़ा ही उठा ले आये. इस प्रयोग से धन के आगमन का मार्ग खुलता है. आप चाहे तो बच्चों के लिए कुछ चॉकलेट ले आये करे लेकिन घर खाली हाथ कभी न आये.

#25

कई घर में नमक को खुला रखा जाता है, जो की नकारात्मक होता है. घर में नमक को कांच या चीनी की डिब्बी में रखना चाहिए और उसका ढक्कन भी बंद रखना चाहिए. नमक खुला रखने से धन की हानि होती है.

#26

अगर पूजा करते वक्त घर में कोई बच्चा रोये तो यह बहुत ही अशुभ होता है. ऐसा होने पर किसी ग्यानी या पंडित व्यक्ति से मिले और उनसे सलाह लें. इसका सामान्य कारण यह हो सकता है की आपके घर में कोई नकारात्मक ऊर्जा है जो की धन में वृद्धि होने से रोक रही है.

#27

अगर किसी दिन घर का कोई बच्चा सुबह उठते ही कुछ खाने को मांगे या बिना कारण के ही रो पड़े तो उसे दिन घर के सभी व्यक्तियों को सावधान रहना चाहिए. क्योंकि यह अशुभता व धन हानि का सूचक होता है.

#28

जिस घर में नियमित रूप से रोजाना पहले रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को दी जाती है उस घर में धन के आगमन को कोई नहीं रोक सकता, ऐसा घर आर्थिक रूप से संपन्न होता है और धन भी आता रहता है.

#29

जब भी किसी को दान दें तो याद रखे की उसे घर की देहरी में न आने दें और आप घर की देहरी में अंदर रहकर ही दान दें. जो व्यक्ति ऐसा करता है उसे धन की प्राप्ति होती रहती है और जो नहीं करता उसके लिए हानिकारक होता है.

#30

इसके अलावा हर शनिवार को घर में लगे मकड़ी के जाले, रद्दी, कागज, टूटी फूटी चीजे घर से निकाली जाए, इन चीजों की सफाई की जाए तो घर में लक्ष्मी जी का वास होता है और धन का आगमन भी होता है.

#31

किसी भी शुक्रवार के दिन कमल का फूल लाये और उसे लाल कपडे में लपेटकर अपने धन रखने की जगह पर रखे या इसे आप अलमारी में भी रख सकते है. इस प्रयोग को करने से बड़ी आसानी से धन प्राप्ति के योग बनते है.

#32

रोजाना सुबह के समय उठने से पहले दोनों हाथों की हथेलियों को देखे और फिर उन्हें चूमे फिर अपने चेहरे पर चार पांच बार फिराए ऐसा करने से धन आने के मार्ग खुलते है. यह काफी प्राचीन तरीका है, इससे और भी कई स्वास्थ्य लाभ होते है साथ ही साथ धन प्राप्ति के योग में भी सायक होता है.

#33

अगर आप चाहते है की आपके घर में आर्थिक रूप से सुख शांति बनी रहे तथा आप आर्थिक रूप से समर्थ रहे तो हर अमावस्या को पुरे घर की पूरी सफाई करे.

जितना भी फालतू का सामान इकठ्ठा हो उसे कबाड़ी को बेच दें या घर से बाहर फेंक दें. सफाई के बाद पांच अगरबत्ती घर के पूजा करने के स्थान में लगाए.

#34

इसके अलावा धन पाने के लिए घर में जब भी आप पोंछा लगाए तो पोंछे लगाने के पानी में थोड़ा नमक डाले और फिर उस पानी से घर में पोंछे लगाए ऐसा करने से घर में सकारत्मक ऊर्जा बढ़ती है और धन से जुडी समस्या भी नहीं आती.

#35

अगर घर की स्त्री गृहलक्ष्मी सबसे पहले घर के मुख्य द्वार पर एक लोटा पानी डाले तो धन के आगमन के मार्ग खुलते है, धन से जुडी समस्या ख़त्म होती है, घर में लक्ष्मी जी का वास् होता है.

#36

एकाक्षी नारियल वैसे तो बहुत दुर्लभ होता है, लेकिन जिस घर में यह हो उस घर में कभी धन की कमी नहीं आती. अगर आप कहीं से एकाक्षी नारियल प्राप्त कर सकते है तो इसे अपने पूजा स्थल पर जरूर रखे.

#37

अपने घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी का एक चित्र लगाए जिसका मुंह घर के अंदर की तरफ हो. इस प्रयोग को करने से घर में लक्ष्मी जी का वास् होता है. यह प्रयोग हर तरह से शुभ फलदाई होता है.

तो इस तरह आपने जाना की धन प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए, dhan prapti ke liye kya kare in hindi इन सभी प्रयोगो को ध्यान में रखते हुए जीवन यापन करने से व्यक्ति के जीवन में धन से जुडी कभी कोई समस्या नहीं आती, घर में खुशहाली बनी रहती है और धन के मार्ग भी जगह जगह से खुलते है.

इसलिए आप इन बताये गई बातों पर ध्यान जरूर दें. इनको करने से आर्थिक समस्या और अन्य पारिवारिक समस्याओं का भी निदान होता है, परिवार खुश रहता है, घर में सकारात्मक ऊर्जा का बहाव रहता है, उम्मीद करते है आपको धन पाने के लिए क्या करे इस बारे में जानकर अच्छा लगा होगा.

100% स्थिर लक्ष्मी के उपाय 6 : घर में पैसे रोकने के टोटके

sthir laxmi ke upay totke

Sthir laxmi ke upay in Hindi आमदनी से ज्यादा पैसे खर्च हो जाते है, लक्ष्मी स्थिर नहीं रहती, पैसा नहीं टिकता तो आप यह पोस्ट पूरा जरूर पड़ें, इसमें आप पाएंगे पैसे रोकने के उपाय टोटके के बारे में जिनके प्रयोग से घर में पैसा टिकेगा, तिजोरी कभी खाली नहीं रहेगी.

कई व्यक्तियों को इस बात की विशेष परेशानी रहती है की वह जितना कमाते है उससे कहीं ज्यादा खर्च हो जाता है, यानी बचत बिलकुल भी नहीं होती.

लक्ष्मी जी बहुत अधिक चंचल होती है. वे एक स्थान पर अधिक समय तक टिक कर नहीं रहती. आज इस घर तो कल उस घर में चली जाती है. लेकिन कुछ तरीके व लक्समी स्थिर करने के उपाय है जिनके जरिये पैसो की कमी नहीं आती, तिजोरी हमेशा भरी रहने लगती है.

लक्ष्मी जी की चंचलता के कारण ही की समय के साथ-साथ अमीर से गरीब और गरीब से अमीर बनने का क्रम चलता रहता है. यह एक ऐसी वास्तविकता है जिसे बदला नहीं जा सकता लेकिन फिर भी हर एक इंसान चाहता है की उनके पास लक्ष्मी स्थिर रहे. लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त करने के लिए हमारे प्राचीन ग्रंथों में अनेक लक्ष्मी जी को स्थिर करने के उपायों का उल्लेख किया गया है.

sthir laxmi ke upay totke

Paise Rokne Ke Upay in Hindi

Shthir Laxmi Ke Upay Bataye

यह ऐसे उपाय है जिनका प्रयोग काफी समय से होता आ रहा है और यह कभी निष्फल नहीं होते है.

यहाँ पर हम ऐसे ही कुछ सरल और प्रभावी उपायों के बारे में बताने जा रहे है. इनके प्रयोग से आपके घर में लक्ष्मी का वास निरंतर बना रहेगा, धन स्थिर रहेगा. तो चलिए अब आगे शुरू करते है.

#1

इस प्रयोग में बुधवार के दिन किसी भी देसी गाय का थोड़ा सा गोबर ले आएं. देसी गाय का गोबर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में किसी भी गाय का गोबर काम में लिया जा सकता है.

इस गोबर को किसी स्वच्छ एवं झीने वस्त्र में बाँध कर लटका दें. इससे गोबर का पानी निकल जायेगा और सिर्फ गोबर ही रह जायेगा. अब इस शुद्ध गोबर से श्री गणेश जी की मूर्ति बनाये.

इस मूर्ति को एक स्वच्छ पवित्र लकड़ी के पाटे पर रख कर धुप में रख दें, ताकि यह मूर्ति सुख जाए.फिर उसी दिन शाम को इस मूर्ति को वहां से उठा लाये और पूजा स्थल पर रख दें.

अब शाम को पूजा के समय पर थोड़े से सिंदूर में घी मिला लें और इससे इस गणेश जी की मूर्ति पर अभिषेक कर दें और इस पर चांदी के अर्क जो की बाजार में आसानी से मिल जाते इस अर्क को लाकर गणेश की मूर्ति पर चिपका दें.

स्थिर लक्ष्मी के उपाय

इसके बाद एक, तीन या पांच माला ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जप करे. इसके बाद हर बुधवार को निष्ठापूर्वक एक माला इस मंत्र का जप करना है. जप करने से पहले शुद्ध घी का दीपक लगाए और गुग्गुल की धुप भी करे.

जो व्यक्ति रोजाना इस गोबर के बने गणेश जी का पूजन-अर्चन करता है तथा समय समय पर इनका अभिषेक करके श्रृंगार करता है, उसे उत्तम लक्ष्मी प्राप्त होती है, उसके यहाँ लक्ष्मी स्थिर रहती है, ऐसे व्यक्ति के पास धन की कभी कमी नहीं रहती.

बस आपको हर गणेश चतुर्थी पर बताई गई विधि अनुसार नई मूर्ति गोबर से बनानी है और शाम के समय उसकी स्थापना करनी, बाकी पुरानी मूर्ति को बहते हुए पानी में विसर्जित कर दें.

इसके अलावा दीपावली को लक्ष्मी जी की पूजन के समय इस गणेश जी की प्रतिमा का भी पूजन करे. इस तरह धीरे-धीरे इस मूर्ति के भीतर शक्ति का पुंज स्थापित हो जाता है.

इस प्रयोग से धन की प्राप्ति भरपूर मात्रा में होगी और धन स्थिर भी रहेगा यह बहुत ही सरल और दिव्य चमत्कारी प्रयोग है (sthir laxmi) पैसे रोकने के टोटके में यह बेहतरीन आसान तरीका है. .

आमतौर पर गणेश जी की मूर्ति का स्थान घर के मुख्य द्वार के ऊपर होता है लेकिन इस गोबर से बनी मूर्ति को पूजा स्थल में रखा जा सकता है.

  • धन से जुडी और भी कई जानकारी हमने दी है, आप उन्हें भी जरूर पड़ें जो की इस तरह है.  धन प्राप्ति के उपाय और टोटके आपको इन्हे जरूर देखना चाहिए काफी चमत्कारी और सरल प्रयोग दिए है.
  • कई बार जीवन में हमे अचानक धन की आवश्यकता लग जाती है, इसके लिए भी हमने उपाय दिए है जिनको करने से कुछ ही समय में किसी न किसी रास्ते से पैसो का इंतजाम हो जाता है. आप इसके लिए पोस्ट जरूर पड़ें  . अचानक धन प्राप्ति के उपाय 8 मंत्र और टोटके देखे..

#2

एक और लक्ष्मी स्थिर करने के लिए प्रयोग बताते है, अत्यंत प्रभावी उपाय है. इस उपाय को अगर दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन के साथ किया जाए तो बहुत अच्छा है.

अगर आप दीपावली की प्रतीक्षा नहीं करना चाहते है तो शुक्लपक्ष के किसी भी प्रथम शुक्रवार को यह प्रयोग कर सकते है.

इसके बाद दीपावली आये तो पुनः इस प्रयोग को किया जा सकता है. इसके लिए आपको एक दक्षिणावृत्ति शंख, एक मोती शंख, एक चांदी का सिक्का, तीन कौड़ियां और एक ताम्र पत्र पर उत्कीर्ण श्रीयंत्र की जरुरत होगी.

आप इन सभी चीजों को धार्मिक स्थलों पर मौजूद धार्मिक दुकानों पर से खरीद सकते है. इन सभी चीजों की व्यवस्था हो जाने पर प्रयोग के समय सुबह स्नान आदि करके स्वच्छ कपडे धारण करे.

किसी भी एकांत कमरे में उत्तर दिशा की दिवार के पास का स्थान गंगाजल के छींटे देकर शुद्ध कर ले. इसके बाद उस स्थान पर एक बाजोट बिछाए, उसके ऊपर सवा मीटर लाल रेशमी वस्त्र चार तह करके बिछा दें.

एक बड़े पात्र में स्वच्छ पानी भरकर उसमे कुछ गंगाल डाल दें. इस पानी में दोनों शंख, कौड़ियां, चांदी का सिक्का और श्री यन्त्र डाल कर अच्छी तरह से स्वच्छ करके एक अलग थाली में रख दें.

अब एक दूसरी थाली ले. इसको स्वच्छ करके बाजोट पर स्थान दें. रोली से इसके बीच-मे स्वस्तिक बनाये. अब शुद्ध घी का दीपक तथा गुग्गुल की धुप लगाए.

घर में धन रोकने के उपाय बताएं

मानसिक रूप से किसी भी लक्ष्मी यन्त्र का जप करते रहे. अब सबसे पहले दक्षिणवर्त्ती शंख को उठा कर थाली में बनाये स्वस्तिक के दायी तरफ स्थान दें.

मोती शंख को बायीं तरफ स्थान दें. दोनों के बिच श्री यन्त्र स्थापित करे. उनके आगे कोडियां तथा चांदी का सिक्का रखें. अब किसी भी लक्ष्मी मंत्र की 5-11 या 21 माला का जप करे.

जप के बाद प्रणाम करके उठ जाए. जब तक दीपक जलता रहे तब तक सब कुछ ऐसे ही रहने दें. दीपक ठंडा होने पर थाली की सारी सामग्री को प्रणाम करे. अब पहले दक्षिणवृत्ति शंख को अपने पूजास्थल में रख दे.

इसके बाद मोती शंख को भी पूजा स्थल में रख दे चांदी का सिक्का, कौड़िया और श्री यन्त्र को अपने धन रखने के स्थान पर रख दें. इससे आपका धन रखने का स्थान कभी भी खाली नहीं रहेगा, वह हमेशा भरा रहेगा.

अगर आप यह उपाय अपने व्यवसाय स्थल पर करना चाहते है तो वहां भी कर सकते है. यह उपाय अत्यंत प्रभावी तथा आसानी से किया जा सकता है.

बस प्रयोग में पवित्रता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखे.घर में लक्ष्मी की पर्याप्त आवक हो, व्यवस्या में आय अधिक तथा व्यय कम हो तथा लक्ष्मी स्थिर रहे, इसके लिए एक दिव्य और सरल प्रयोग है.

  • जानिये ऐसे असरकारी मंत्रो के बारे में जो की धन की वृद्धि करवाते है, धन प्राप्ति करवाते है. कुबेर और अन्य लक्ष्मी मंत्र के लिए आप यह जरूर पड़ें –  DhanLaxmi Mantra in Hindi

#3

इस प्रयोग को करने का समय साल में एक बार ही आता है. यह प्रयोग केवल गुड़ी पड़वा यानी हिन्दू नव-वर्ष के दिन ही किया जाता है. इस प्रयोग में अशोक के वृक्ष की जरूरत पड़ती है.

इस वृक्ष में अग्नि वर्ण के लाल पुष्पों का गुच्छा वर्ष में एक बार दिसंबर जनवरी के महीने में लगता है.

प्रयोग के मुताबिक जिस दिन गुड़ी पड़वा हो उस दिन 11 बजकर 45 मिनट और 12 बजकर 15 मिनट इस समय के बिच में अशोक वृक्ष के पास जाए, जब आप इसके लिए घर से निकले तो किसी से रस्ते में न बोले और ना ही आते वक्त किसी से बोले.

वहां पहुँच कर अशोक वृक्ष की जड़ों में जल चढ़ाये और वृक्ष को नमन करे और प्राथना करे की है अशोक वृक्ष देवी माँ सीता की शक्ति से प्रभावित आपके अक्षय भण्डार में से मात्र आपके 7 पत्रों को में ले जा रहा हूं.

आप मेरा सर्वाथ कल्याण करना. ऐसी प्राथना कर उसके 7 पत्र तोड़कर चुपचाप घर ले आये. इन्हे किसी पुस्तक में सहेज कर रख दें तथा वह पुस्तक तिजोरी में रख दें.

इस प्रयोग से लक्ष्मी जी की असीम कृपा होती है और धन धान्य की बिलकुल कमी नहीं आती, धन स्थिर रहता है.

#4

धन स्थिर नहीं रहने पर आप इस छोटे से आसान पर प्रभावी उपाय को भी कर सकते है.

अपने घर या दुकान में धन रखने की जगह पर लाल कपडा बिछाये इसके अलावा आप तिजोरी में गूंजा के बीज भी रखे तो इससे भी धन स्थिर रहता है.

लक्ष्मी वृद्धि और धन स्थिर करने के लिए एक और सरल प्रयोग बताते है. इस प्रयोग के लिए हमे नीली विष्णुकांता की बेल की जरूरत पड़ेगी.

यह बेल अपराजिता, कोयल अथवा गोकर्णी के नाम से भी जानी जाती है. दीपावली के पहले जो भी गुरुवार पड़े उस दिन इस बेल की दो चार पकी हुई फलिया तोड़ लें.

इन फलियों को अगरबत्ती का धुआं देकर सहेज कर रख लें. इन्हे जहां पैसे अथवा जेवर रखते हो, वहां रखना ज्यादा अच्छा है.

फिर जिस दिन दीपावली हो उस दिन एक गमले में अच्छी साफ़ मिटटी भर कर उसमे इसके कुछ बीज अमृत अथवा लाभ के चौघड़िए में डाल दें. एक से अधिक गमले भी बना सकते है. इन्हे रोजाना पर्याप्त पानी पिलाते रहे.

थोड़े ही दिनों में बीज अंकुरित होकर बेल में बदल जायेंगे. इस बेल के घर में होने से घर की सुख समृद्धि बढ़ती है, घर में अमन चैन रहता है धन धान्य की कभी कमी नहीं आती है.

धन को स्थिर करने के लिए हम एक ऐसे स्त्रोत के बारे में बताने जा रहे है जिसका पाठ अगर आप रोजाना करते है तो आपके धन में स्थिरता आएगी यह बहुत ही दिव्य प्रयोग है.

  • जानिए ऐसे उपायों के बारे में जिनको करने से 21 दिनों के भीतर धन आने लगता है, यह बहुत ही सरल प्रयोग है, जानने के लिए यह जरूर पड़ें – धन आने के उपाय

घर में पैसा रोकने के उपाय की विधि

#5

आपको सिर्फ इस पाठ को करने में 5-6 मिनट का समय लगेगा. यह पाठ है लक्ष्मी द्वादशनाम स्त्रोत, यह परम प्रभावी है. इसके लिए सुबह स्नान करने के बाद इसका अपनी मर्जी अनुसार जितनी बार हो सके पाठ करे.

शुद्ध घी का दीपक जलाकर लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने रखे, उन्हें प्रणाम करे और फिर यह स्त्रोत का पाठ करे. यह स्थिर लक्समी के उपाय में यह भी बहुत ही सरल है.

लक्ष्मी द्वादशनाम स्त्रोत की पुस्तक आती है छोटी सी वह आप धार्मिक शॉप से खरीद ले आसानी से मिल जाएगी, फिर आप बताये गई बातों को ध्यान में रखते हुए इसका पथ शुरू करे.

यह बहुत ही लाभदायक है, अच्छे शुद्ध मन से ऐसे पाठ करे जैसे आपके सामने ही लक्ष्मी जी बैठकर सुन रही हो, जितनी तल्लीनता से आप पथ करेंगे उतने ही जल्दी लक्ष्मी जी प्रसन्न होगी.

#6

लक्ष्मी द्वादशनाम स्त्रोत के साथ-साथ या इसके अलावा आप कनकधारा स्त्रोत का पाठ भी कर सकते है. कनकधारा स्त्रोत भी बहुत ही शक्तिशाली होता है, यह दोनों ही बहुत असरकारी है.

कनकधारा स्त्रोत श्री आदिशंकराचार्य जी ने स्थापित किया था, इसके पीछे भी एक कहानी है जो हमने पिछले पोस्ट में बताई थी. यह स्त्रोत धन के साथ साथ वैभव देता है, आर्थिक समस्याओं का अंत करता है.

इसलिए हम आपको कनकधारा स्त्रोत का पाठ करने की सलाह भी दे रहे है, आप दोनों को भी कर सकते है और दोनों में से किसी एक को भी कर सकते है.

कनकधारा स्त्रोत का एक यन्त्र भी आता है, अगर यन्त्र को सिद्ध करके उसकी रोजाना पूजा की जाए और उसके सामने बैठकर कनकधारा स्त्रोत का पाठ किया जाए तो यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. धन की कभी कमी नहीं आती, आर्थिक उन्नति होती है.

कनकधारा स्त्रोत की भी आप पुस्तक खरीद सकते है, पुस्तक से पाठ करना ज्यादा फायदेमंद होता है. इसलिए हम यहाँ पर स्त्रोत का उल्लेख नहीं कर रहे, शायद पिछेल पोस्ट में हमने उल्लेख किया था. बाकी आप धर्मी स्थल से पुस्तक खरीद लें और रोजाना स्त्रोत का पाठ करे.

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इस लक्ष्मी द्वादशनाम स्त्रोत और कनकधारा स्त्रोत का पाठ करने से लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है sthir laxmi mantra, सुख समृद्धि और वैभव प्राप्त होता है, बुद्धि प्रखर होती है, मेधा शक्ति में वृद्धि होती है, इसके साथ साथ मानसिक शांति और आत्मबल भी बढ़ता है किसी भी विपरीत स्थिति में व्यक्ति दृढ़ता के साथ उसका सामना कर पाने में सफल हो जाता है. इसलिए इस स्त्रोत का पाठ रोजाना करना चाहिए, धन स्थिर होगा, धन आगमन भी बढ़ेगा.

इस तरह अगर कोई व्यक्ति बताये गए इन धन स्थिर लक्ष्मी के उपाय टोटके, paise rokne ke upay totke in Hindi को करता है तो उसके घर में धन की कभी कमी नहीं आती और धन का आगमन भी बढ़ता है, कम खर्चे होते है लक्ष्मी स्थिर होने लगती है. आप खुद इनमे से किसी भी उपाय को करके देख सकते है. बस पवित्रता के साथ रोजाना नियम से इन उपायों का प्रयोग करे. लक्समी स्थिर रहेगी.

101% धन प्राप्ति के 42 चमत्कारी उपाय और टोटके

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धन प्राप्ति के उपाय टोटके बताये क्या है लक्समी प्राप्ति के लिए ? यहां हम आपको ऐसे ज्योतिषी उपाय, टोटके बताने वाले है जिनके प्रयोग से आपके घर में धन आना शुरू हो जायेगा.

धन आगमन के नए नए मार्ग खुलना शुरू हो जायेंगे. हम यहाँ इस Post में आसान से उपायों के बारे में बताने वाले है, आप इसे पूरा और आराम से पड़ें.

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हमारे पास बहुत से उपाय थे तो हमने उनको अलग-अलग पोस्ट में बाँट दिया वह प्रभावी मंत्र और उपाय है, जो की धन की प्राप्ति करवाते है.

वह आसान भी है अगर आप उनको रोजाना करेंगे तो आपको धन से जुडी कोई भी परेशानी जिंदगी में नहीं आएगी. इस पोस्ट को पूरा पड़ने के बाद आप उन्हें भी जरूर पड़ें.

धन प्राप्ति के उपाय

Dhan Prapti Ke Totke in Hindi

#1

प्रत्येक शुक्रवार को किसी भी लक्ष्मी नारायण जी के मंदिर में जाकर सुगंधित चन्दन आदि अगरबत्ती अर्पित करें.

इससे धन यानी लक्ष्मी (laxmi) जी की कृपा आप पर सदा बनी रहेगी और धन से जुड़े जो भी कार्य करेंगे उसमे भरपूर सफलता मिलेगी. इसके अलावा अगर आप वही मंदिर में बैठकर लक्ष्मी जी के इस मंत्र ॐ ह्रीं श्रीं नमः से 108 बार जप भी कर सकते है इससे लक्ष्मी जी प्रसन्न होगी. यह चुनिंदा (laxmi) dhan prapti ke totke in Hindi में से एक है.

धन आगमन के साथ-साथ अगर आप आर्थिक उन्नति भी चाहते है तो शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से यह उपाय शुरू करके लगातार तीन शुक्रवार तक करे.

किसी भी प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में शाम के समय नौ साल से कम उम्र की 11 कन्याओ को खीर के साथ मिश्री का भोजन करवाए तथा उपहार में लाल वस्त्र उन कन्याओं को दें.

इस उपाय से जल्द ही धन के आगमन बढ़ेंगे और आर्थिक उन्नति भी होगी. आप शुक्लपक्ष का पहले शुक्रवार कब आने वाला है इस बारे में किसी भी पंडित से जानकारी प्राप्त कर सकते है.

#2

धन प्राप्ति के टोटके में खच्चर गधे के ऊपरी दांत को अपने पास रखने से चमत्कारी लाभ होता है, ऐसे व्यक्ति के पास जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं आती.

#3

पुष्प नक्षत्र आने से पहले किसी दिन शंखपुष्पी के पौधे के पास जाए, उसे प्रणाम करे और कहे की में आपकी जड़ों में से थोड़ी सी जड़ निकाल कर ले जा रहा हूं, मुझ पर अपनी कृपा बनाये रखे.

इसके बाद जब पुष्प नक्षत्र आये तब शंखपुष्पी की जड़ को चांदी की डिब्बी में रख कर एवं धुप आदि देकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए श्रद्धा भाव से तिजोरी में रख दें. ऐसा करने से धन की वृद्धि होती है, तिजोरी में दिनों दिन धन बढ़ने लगता है.

#4

जब भी आप बैंक में पैसे जमा करने जाए तो पश्चिम की दिशा की तरफ मुंह करके सभी कार्य करे, जैसे की पैसे जमा करने का फॉर्म भरना आदि जो भी कार्य करे उस समय पश्चिम दिशा की तरफ खड़े हो जाए.

इसके अलावा मन में मानसिक रूप से लक्ष्मी के मंत्र ॐ श्रीं श्रीं श्रीं | का जप करते रहें. इस तरह बैंक में यह प्रयोग करने से धन की प्राप्ति होती रहती है, धन से जुडी किसी भी तरह की परेशानियां जीवन में नहीं आती.

#5

इसके अलावा धन प्राप्ति के उपाय में आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास जाए उसे प्रणाम करे और एक अखंडित पत्ता तोड़कर लाये, अखंडित यानी ऐसा पत्ता जिसमे किसी भी तरह की खरोंच न रहे उसे तोड़कर ले आये, फिर उसे गंगाजल से धोकर उसके ऊपर हल्दी तथा दही के घोल से अपने right hand की अनामिका उंगली से एक वर्ग के भीतर “ह्रीं” लिखें.

यानी अपनी अनामिका उंगली से इस शब्द ह्रीं को पीपल के पत्ते पर लिखे. इसके बाद एक घी का दीपक लगाए और गुग्गुल की धूंप भी जलाये पहले इस पत्ते को दीपक के सामने घुमाये इसके बाद पीपल के पत्ते को धूंप का धुआं दिखाए.

इसके बाद आप उस पत्ते को मोड़कर अपने बटुए में रख लें, यह प्रयोग करने से आपका बटुआ कभी धन से खाली नहीं रहेगा. हर शनिवार को यह पत्ता बदलते रहे, पुराने पत्ते को किसी पवित्र स्थान पर डाल दें.

और नए पत्ते पर वापस वही क्रिया करे और फिर बटुए में रखे. तो इस टोटके से धन प्राप्ति होती रहेगी, लक्समी प्राप्ति के लिए टोटके में यह भी बहुत आसान है.

#6

हर एक अमावस्या के दिन अपने पुरे घर की सफाई करे, इसके बाद घर के मंदिर यानी आप घर में जहाँ पूजा करते है उस स्थान घी का दीपक जलाये और धुप आदि करे.

इससे घर में लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है साथ ही और भी कई अन्य लाभ होते है. घर में सकारात्मक ऊर्जा का बहाव बढ़ता है. जिससे आर्थिकी स्थिति में भी सुधार आता है.

#7

अगर धन खर्च ज्यादा होता है, आप धन को इकठ्ठा नहीं कर पा रहे हो तो घर के पैसों की तिजोरी में लाल वस्त्र बिछाए इसके साथ ही तिजोरी के अंदर गूंजा के बीज भी रखे. इन दोनों प्रयोग से धन की प्राप्ति होती है और धन स्थिर भी रहता है. यह बहुत ही छोटे और प्रभावी उपाय है, जरूर करे.

#8

अगर आपको अचानक धन की आवश्यकता पड़ी है, तो किसी मंदिर में लगे बरगद के पेड़ के पास जाए उसे प्रणाम करे और अपनी धन की मनोकामना करते हुए उसकी जटाओं में गांठे लगाए.

फिर जब आपको धन की प्राप्ति हो जाए तो वापस आकर इन गांठों को खोल दें. यह प्रयोग से धन का आगमन कराता है, यह उपाय धन प्राप्ति के लिए आसान भी है.

Laxmi Prapti Ke Upay Or Totke

#9

काली हल्दी को सिंदूर और धुप देकर लाल वस्त्र में लपेटकर एक दो मुद्राओं सहित तिजोरी में रखें. इससे धन की वृद्धि होती है.

#10

धन प्राप्ति करने के लिए आप ग्यारह कोडिया लाये और उन्हें शुद्ध कर ले. गौ मूत्र व गंगाजल से आप उन्हें शुद्ध कर सकते है, इसके बाद शुद्ध केसर से इन कौड़ियों को रंग दें.

फिर पिले वस्त्र में इन कौड़ियों को बांध कर धन के स्थान पर रखें यानी इसे दुकान की तिजोरी या घर की तिजोरी में रख सकते है. कौड़िया धन प्राप्ति करवाती है इस प्रयोग से धन का आगमन होता है.

#11

अगर आपका कोई व्यापार है, दुकान है तो आप यह प्रयोग जरूर करे. सबसे पहले नवार्ण प्राण-प्रतिष्ठायुक्त श्री लक्ष्मी कवच को सर्वार्थ सिद्ध योग में धारण करे.

यह कवच आपको धार्मिक स्थलों पर यानी धार्मिक दुकानों पर मिल जायेगा, वहां से खरीद कर इस कवच की किसी पंडित से प्राण प्रतिष्ठा करवाए और फिर आप इसे धारण कर लें.

इसके बाद फिर जंगल में जाकर आम के पौधे को दोनों हाथों से स्पर्श करके अपनी दुकान या व्यापार का नामोल्लेख करे अपने व्यापार का नाम ले और साथ ही महालक्ष्मी का ध्यान करें. इस उपाय, टोटके से व्यापार में काफी धन लाभ होगा.

#12

चमत्कारी “dhan prapti ke upay” में एक और बताते है जिसको करने पर आपके धन का भण्डार कभी खाली नहीं रहेगा, हमेशा तिजोरी धन से भरी रहेगी.

एक नए चमकीले पिले कपडे में नागकेसर, हल्दी, पूजा की सुपारी, एक सिक्का, ताम्बे का टुकड़ा और अक्षत रख कर पोटली बना लें, यानी इन सभी चीजों को चमकीले पिले कपड़े में रख कर बांध कर पोटली बना दें.

अब इस पोटली को श्री महालक्ष्मी के सामने रख कर धुप और घी का दीपक जलाये और पूजा करे, एक माला लक्ष्मी जी के किसी भी मंत्र की करे इसके साथ ही लक्ष्मी जी का थोड़ी देर ध्यान भी करे.

फिर इस पोटली को तिजोरी में रख दें तो तिजोरी कभी धन से खाली नहीं रहेगी, आप चाहे तो इसे अपनी दुकान की तिजोरी में भी रख सकते है.

#13

धन प्राप्ति के लिए किसी भी महीने के पहले गुरुवार को 3 अभिमंत्रित गोमती चक्र, 3 धनकारक पिली कौड़िया और हल्दी की 3 गांठे इन सभी को एक साथ किसी पिले कपडे में बांध कर तिजोरी में रख दें, तो इस धन प्राप्ति के टोटके से तिजोरी के धन में वृद्धि होती है. पैसे आने लगते है.

#14

laxmi prapti लक्ष्मी देवी जी की कृपा बनी रहे इसके लिए जब भी कोई हिजड़ा कुछ मांगने आये तो उसे अपनी क्षमता अनुसार धन दें. फिर उससे निवेदन करें की वह अपने पास से एक सिक्का आपको दे दें.

वह सिक्का आप अपने धन रखने की जगह पर रख दें. अगर वह दिन बुधवार का हो तो यह बहुत ही सौभाग्य की बात है.

हिजड़ों द्वारा दिया गया सिक्का धनप्रदायक (dhanpradayak) होता है. इसलिए अगर आपको ऐसा अवसर मिले तो आप जरा भी मत चूकियेगा.

धन की प्राप्ति के टोटके सरल और चमत्कारी

#15

अगर आप आर्थिक रूप से समस्याग्रस्त है, धन की कमी है, सुख की कमी है तो आप इस बताये जा रहे धन की प्राप्ति करने के उपाय को जरूर करे.

21 शुक्रवार तक नौ वर्ष से कम उम्र की पांच कन्याओं को खीर और मिश्री की प्रसाद बांटें. आपकी आर्थिक समस्या शीघ्र ही दूर हो जाएगी और धन से जुडी समस्या भी ख़त्म होगी.

#16

shri chakra
श्री चक्र

प्रभावी धन प्राप्ति के टोटके में एक और सरल तरीका बताते है. घर में रखने के लिए सिद्ध श्रीयंत्र प्राप्त करे, ध्यान रखे सिद्ध श्री यन्त्र का ही प्रयोग करे, इसको आप बाजार से खरीद कर किसी पंडित से सिद्ध करवा लें.

फिर किसी भी शुक्रवार को लक्ष्मी मंदिर में स्फटिक श्री यन्त्र के साथ 11 या 21 श्री लक्ष्मी सहस्त्रनाम की पुस्तके लेकर जाए.

स्फटिक श्री यन्त्र को माँ लक्ष्मी की मूर्ति के चरणों में रख कर उनके सामने बैठ-कर एक बार श्री लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ करे. फिर एक पुस्तक तथा स्फटिक श्री यन्त्र वापस ले आये. बाकी पुस्तके वही छोड़ दें.

श्रीयंत्र को अपने पूजा स्थान में लाल कपडे पर स्थान दें. कुछ ही दिनों में आप धन-धान्य से पूर्ण हो जायेंगे, धन प्राप्ति के नए नए मार्ग खुलेंगे. यह बहुत आसान उपाय है जरूर करे.

#17

धन प्राप्ति के लिए प्रत्येक पूर्णिमा को सुबह के समय दस बजे पीपल के वृक्ष पर मां लक्ष्मी का फेरा लगता है. जो व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हो, उसे इस समय अवश्य ही पीपल के वृक्ष और मां लक्ष्मी की परिक्रमा करनी चाहिए.

इसके लिए पीपल पूर्णिमा को सुबह दस बजे पीपल के पेड़ की पूजा करे, दूध मिश्रित जल चढ़ाये, घी का दीपक लगाए और लक्ष्मी जी का ध्यान भी करे.

ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी बनेगी और धन का आगमन भी होगा. अगर किसी भी धार्मिक स्थान पर आपको कोई सिक्का या धन मुद्रा मिले तो आप उसे बिना किसी झिझक के उठा लें और उसको धन रखने के स्थान पर लाल या पिले रेशमी कपड़े में बांधकर रख दें.

इससे धन में वृद्धि होगी, आपके घर में धन का आगमन होता है रहेगा. यह बहुत ही दुर्लभ है, (laxmi prapti ke upay bataye) इसलिए आपको सिक्का या धन मुद्रा मिले तो यह प्रयोग जरूर करे.

#18

इसके अलावा अगर आपको किसी भी शुक्रवार के दिन किसी भी जगह पर से कोई सिक्का मिले या किसी भी तरह के हिसाब में आपको कोई व्यक्ति सिक्के ज्यादा दे दें तो आप उसे वापस न करें. वह सिक्का आप धन रखने के स्थान पर लाल रेशमी कपडे में लपेटकर रख दें.

इसके प्रभाव से धन का आगमन होता है, घर में धन की कोई कमी नहीं आती, तिजोरी हमेशा पैसो से भरी रहती है. किसी भी शुक्रवार के दिन सुहागिन स्त्री को लाल कपडे या सुहाग से जुडी सामग्री दान करने से भी धन लक्ष्मी के आगमन के मार्ग खुलते है.

#19

अगर शुक्रवार के दिन कोई विवाहित स्त्री आपको चाय-पानी के लिए बुलाये तो उनके बुलावे को न ठुकराए चाहे आप कितने ही अधिक व्यस्त क्यों न हो. यह धन के आगमन का घोतक है.

इसलिए खासकर शुक्रवार के दिन अगर कोई विवाहित स्त्री बुलाये तो जरूर जाए, चाहे थोड़े देर के लिए जाए लेकिन इंकार नहीं करे.

सरल उपाय और चमत्कारी फल

#20

अगर रस्ते में आपको कोई मोर नाचता हुआ दिखाई दे तो उसी समय उस स्थान की थोड़ी सी मिटटी उठाकर अपनी जेब या पर्स में रख लें. घर लौटकर उस मिटटी को धुप दिप दिखाकर चांदी के किसी तावीज में भरकर उसे तिजोरी में रख दें.

आपकी तिजोरी धन से कभी खाली नहीं रहेगी, कहीं न कहीं से धन आता ही रहेगा. यह बहुत ही अचूक उपाय है और दुर्लभ भी है.

इसलिए अगर आपको ऐसा मौका मिले तो आप बिलकुल भी न चुके.कच्ची घानी के तैल के दीपक में फूलदार लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करे, इससे अनिष्ट दूर होगा और धन की प्राप्ति भी होगी.

#21

किसी भी महीने के पहले शुक्रवार को लाल कमल के फूल ले आये. अब उस पर रोली से तिलक लगाकर लाल कपड़े के ऊपर रख कर धुप-अगरबत्ती दिखाए. फिर उसी कपडे में लपेटकर धन के स्थान पर इसे रख दें. ऐसा करने से धन लाभ होता है.

#22

श्री महालक्ष्मी का ध्यान करके अपने मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक लगाए. धन लाभ के समाचार मिलेंगे.

#23

घर के बाहर शुद्ध केसर से स्वस्तिक का निर्माण करके उस पर पिले पुष्प और अक्षत चढ़ाये. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जी का आगमन होता है. लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#24

श्री महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए चांदी से बने अभिमंत्रित लॉकेट में शुद्ध मोती तथा मूंगा जड़वाकर गले में धारण करे. ऐसा करने से धन से जुडी सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी और लक्ष्मी जी का आगमन होगा.

#25

दो पिले फूल श्री महालक्ष्मी को चढ़ाये, इससे धन लाभ जरूर होगा. अगर आपके आस पास लक्ष्मी जी का मंदिर है तो वहां दो पिले फूल रोजाना चढ़ाये, इसके अलावा घर में रखी लक्ष्मी जी की प्रतिमा आदि पर भी यह पिले फूल चढ़ा सकते है. इससे लक्ष्मी जी जल्दी प्रसन्न होती है.

इसके साथ ही गणेश जी को भी दूर्वा ओर मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाकर लक्ष्मी जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक लगाए. इन दोनों उपाय को साथ में करने से आपको धन की कमी कभी नहीं सताएगी.

#26

श्रीं अंकित कमलगट्टे को श्री महालक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र के सामने बासमती चावल की ढेरी पर स्थापित करें तथा श्री महालक्ष्मी जी के साथ इसकी भी पूजा करें. पूजन करने के बाद इसे अपने पास रखने से धन आता रहता है.

श्रद्धा से किये गए उपाय कभी असफल नहीं होते

#27

अगर आपको अचानक धन की अवश्यकता पड़ गई है तो अचानक धन लाभ के लिए माता लक्ष्मी जी के मंदिर में सुगंधित धूपबत्ती तथा गुलाब की अगरबत्ती का दान करें. अगर शुक्ल पक्ष में शुक्रवार के दिन यह टोटका किया जाए तो शीघ्र ही सफलता मिलती है और अचानक धन लाभ होता है.

#28

लक्समी प्राप्ति के लिए और धन को स्थिर करने के लिए, यानी अगर आप धन इकठ्ठा करना चाहते हो और वह नहीं हो पा रहा है तो आपको यह आसान सा प्रयोग जरूर करना चाहिए.

किसी भी शुभ दिन लाल रेशमी रुमाल में अभिमंत्रित हत्थाजोड़ी बांधकर अपने घर तिजोरी में रख दें. इस प्रयोग से धन इकठ्ठा होने लगेगा, धन के खर्चे कम हो जायेंगे.

#29

श्रवण मास में रोजाना 108 बिल्वपत्रों पर चन्दन से निम्न मंत्र लिखे. फिर इसी मंत्र को बोलते हुए 1-1 बिल्वपत्र शिवजी पर चढ़ाते रहें. ऐसा 31 दिनों तक करने से धन लाभ जरूर होता है.

मंत्र इस प्रकार है – ॐ नमः शिवाय . बस इस मंत्र से आपको बताया गया प्रयोग करना है यह बहुत ही सरल और असरकारी धन की प्राप्ति के उपाय है, श्रवण मास में इसे जरूर करे.

#30

अधिकतर मंदिर में कई भक्त चढ़ावे के रूप में रुपये पैसे अपने इष्टदेव की ओर उछालते है.

अगर सौभाग्य से किसी के द्वारा मंदिर में रुपये पैसे चढ़ाये समय कोई सिक्का आपकी झोली में या आपके ऊपर गिर जाए तो बिना किसी झिझक के उसे मां लक्ष्मी का प्रसाद मानकर अपने पास रख लें.

यह आपके लिए बहुत सौभाग्य की बात है. इसका अर्थ है की मां लक्ष्मी ने आपको धनवान बनाने का काम आरम्भ कर दिया है.

धन प्राप्ति के लिए उपाय बताएं

#31

अपने घर में नियमित रूप से पूजा करते समय जो दीपक जलाते है, उसमें रुई की बत्ती के जगह कलावा का प्रयोग करें क्योंकि मां लक्ष्मी को लाल रंग अधिक प्रिय होता है. इससे धनलक्ष्मी का आगमन होता है.

#32

एक और छोटा सा उपाय बताते है, गुरुवार को केले के वृक्ष पर सादा जल चढ़ाकर घी का दीपक लगाए और शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष में दूध मिला हुआ मीठा जल चढ़ाये इसके साथ ही सरसो के तैल का दीपक लगाए तो कभी भी आर्थिक रूप से परेशान नहीं रहेंगे और लक्ष्मी जी की सदा ही अनुकम्पा बनी रहेगी.

#33

अगर नियमित रूप से रोजाना घर की पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को दी जाए तो ऐसे घर में धन-आगमन होते रहने से कोई नहीं रोक सकता है. यह बहुत ही आसान प्रयोग है, इससे और भी कई लाभ होते है आप इसे अवश्य ही करे.

#34

किसी भी दिन रात के समय तीन से पांच बजे के बिच उठें और अपने घर के उस खुले स्थान में आ जाये जहाँ से आसमान खुला दिखाई दें.

अब पश्चिम दिशा की तरह मुंह करके अपने दोनों हाथ के पंजो को इस तरह से मिला लें, जैसे आप कुछ मांग रहे हो. इसके बाद आकाश की ओर देखते हुए धन लक्ष्मी से अपनी सम्पन्नता की भिक्षा मांगे.

फिर दोनों हथेलियों को अपने चेहरे पर फेर लें. कुछ ही दिनों में धन का आगमन होने लगेगा.

घर में लक्ष्मी जी का वास बनाये रखने के लिए सिर्फ शनिवार के दिन ही घर से मकड़ी के जले, रद्दी और टूटी फूटी सामग्री आदि हटाए. ऐसा करने से लक्ष्मी का वास घर में बना रहता है.

#35

किसी भी शुक्रवार के दिन कमल के फूल को लाकर उसे गंगाजल आदि से शुद्ध कर लें फिर लाल कपडे में लपेटकर अपनी तिजोरी या अलमारी में रख दें. धन बड़ी आसानी से प्राप्त हो जायेगा.

#36

घर के मुख्य द्वार पर रोजाना सरसों के तैल का दीपक लगाए. दीपक बुझ जाने पर बचे हुए तैल को पीपल के वृक्ष पर शाम के समय चढ़ा दें. इस तरह 7 शनिवार तक करने से घर में धन की कमी नहीं रहती, घर में लक्ष्मी का वास हो जाता है, धन प्राप्ति होती है.

#37

घर में पोंछा लगाते वक्त पोंछे के पानी में थोड़ा सा नमक भी डाल दें और फिर उस पानी से घर में पोंछे लगाए, ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा ख़त्म होती है और धन का आगमन भी निरंतर बना रहता है.

धन प्राप्ति के उपाय में यह छोटा सा प्रयोग भी बहुत सहयोगी साबित होता है, जब घर में सकारात्मक शक्ति का प्रवाह रहता है तो लक्समी जी प्रसन्न रहती है.

Laxmi Prapti (उपाय और टोटके)

#38

इसके अलावा आपके घर में कोई स्त्री जो विवाहित हो यानी गृहलक्ष्मी सबसे पहले घर का मुख्य द्वार खोले और उस पर एक लोटा जल डाले तो धन के आगमन के मार्ग खुलते है, धन की प्राप्ति होती रहती है.

#39

अगर आप जो व्यापार कर रहे है उसमे आपको लाभ नहीं हो रहा तो गोबर से एक जगह पर लिप-पोतकर शुद्ध करके उस पर एक त्रिकोण बनाये. फिर उस त्रिकोण में अपने व्यापार या दुकान का नाम लिखकर सिंदूर डालें.

अब उस पर कंबल रखकर बैठ जाए और रोजाना कम से कम 15 मिनट तक श्री महालक्ष्मी का ध्यान करें. इससे धन लाभ होना शुरू हो जायेगा.

#40

Laxmi prapti ke upay में आप स्फटिक श्री यन्त्र को पूजा स्थान में रख कर उसकी पूजा करें. फिर उसे लाल कपडे में लपेटकर तिजोरी में रख दें. इस टोटके से धन में वृद्धि होती है.अगर आपको एकाक्षी नारियल मिल जाए जो की बहुत दुर्लभ होता है तो यह बहुत धन प्राप्ति करवाता है.

#41

जिस घर में एकाक्षी नारियल होता है उस घर में लक्ष्मी स्वयं वास करने लगती है, धन से जुडी किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहती यह बहुत ही दुर्लभ उपाय है.घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा या चित्र को इस तरह लगाए की उनका मुंह घर के भीतर की तरफ हो इससे धन का आगमन होता है.

#42

आंवला एक बहुत प्रसिद्द वृक्ष है. अगर इस वृक्ष पर कोई बांदा दिखाई दे जाए तो इसे वृक्ष से अलग कर लें. फिर घर लाकर इसके ऊपर कोई सुगंधित इत्र लगाए और इसे बिना किसी विधि विधान के कैश बॉक्स में रख दें तो व्यक्ति को धन की तंगी कभी नहीं आती. यह बांदा नवरत्नों से भी अधिक दुर्लभ और प्रभावशाली सिद्ध हुआ है. यह बांदा धनदायक है.

इस बांदा को रामनामी के दिन केले के पत्ते में लपेटकर रखा जाये तो इसका प्रभाव अत्यधिक बढ़ जाता है. इसके अलाव गरीबी आने पर दक्षिणावर्ती शंक के पास में इस बांदा को रख कर इसकी पूजा की जाए तो व्यक्ति के आसपास गरीबी बिलकुल नहीं भटकती, कहीं न कहीं से धन आता है और उसके गरीबी ख़त्म हो जाती है.

dhan prapti upay video in Hindi

तो दोस्तों इस तरह बताये गए धन प्राप्ति के टोटके, laxmi dhan prapti ke upay in Hindi के इस पोस्ट को पढ़कर आपको बहुत अच्छा लगा होगा. धन की प्राप्ति करवाने वाले इन टोटको और उपायों को प्रयोग में लाने पर किसी भी तरह की धन की कमी नहीं रहती.

यह सभी उपाय बहुत ही प्रभावी है. इसके अलावा ऊपर जो पांच उपाय हमने दिए है आप उन्हें रोजाना जरूर करे तो आपको धन से जुडी किसी भी तरह की कमी नहीं आएगी.

10 धन के चमत्कारी मंत्र : 100% DhanLaxmi Mantra in Hindi

dhan prapti mantra

धनलक्मी मंत्र आइये जाने धन प्राप्ति के मंत्र के बारे में, हम यहां आपको मां लक्ष्मी के लिए कुबेर मंत्र और अन्य ज्योतिष से जुड़े हुए धन पाने के मंत्र बताएंगे.

अगर आप इन मंत्रो का नियम से प जप करेंगे तो निश्चित ही आपको ढेर सारे धन की प्राप्ति होगी, नए-नए धन प्राप्ति के योग बनेंगे, चारों दिशाओं से धन आने की प्राप्ति के योग बनेंगें आप अगर व्यापारी है या कोई व्यवसाय करते है तो उसमे भी यह मंत्र आपको चमत्कारिक लाभ देंगे.

आप अपनी पूरी श्रद्धा से पवित्रता से मन लगाकर मंत्र या किसी उपाय का प्रयोग करेंगे तो इससे आपको लाभ जरूर मिलेगा. जिस तरह स्कूल में से कुछ ही बच्चे परीक्षा में टॉप करते है उसी तरह यह बात यहाँ भी लागूं होती है.

इसके लिए आपको श्रद्धा भक्ति और सही तरीके से प्रयोग करना होता है तभी जाकर आप पर देवी की असीम कृपा होती है. तो आइये आगे जानते है kuber dhan prapti ke dhanlaxmi mantra in Hindi भाषा में.

dhan prapti mantra

#1.

धन कुबेर का मंत्र : ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय, धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा। इस मंत्र को एक सौ आठ बार रोजाना जपने से तीन महीने में ही किसी भी माध्यम से धन की प्राप्ति होने लगती है.

यह कुबेर का चमत्कारी मंत्र है, सुबह स्नान करने के बाद पवित्र स्थान या पूजा घर में बैठ कर इस मंत्र का जप जरूर करे.

इसके अलावा आप अगर चाहे तो “धनलक्ष्मी कौड़ी” को जप करते समय अपने सामने रख कर इस मंत्र का जप करे और फिर तीन महीने बाद इस धनलक्ष्मी कौड़ी को आप घर में जहाँ पैसे रखते है वहां पर रख दें.

तो इसके प्रभाव से आपके पैसो की तिजोरी कभी खाली नहीं होगी, किसी न किसी रूप में पैसे आते रहेंगे.

Dhan Prapti Mantra in Hindi

#2.

इसके अलावा माँ भगवती लक्ष्मी जी के सबसे सरल मंत्र बताते है, आप इन मंत्रो में से किसी भी एक मंत्र को चुन ले और फिर रोजाना पांच, सात या ग्यारह माला अपनी मर्जी के अनुसार उस मंत्र से माला जपे. ऐसा रोजाना करने से माँ लक्ष्मी की प्राप्ति होगी, विशेष कृपा प्राप्त मिलेगी.

आप चाहे तो सिर्फ यही उपाय करे और बाकी के ना करे तो भी आपको बहुत लाभ होगा. यह मंत्र है,

  • Mantra : 1 ॐ श्रीं नमः।
  • Mantra : 2 ॐ श्रियै नमः।
  • Mantra : 3  ॐ कमलायै नमः।
  • Mantra : 4  ॐ ह्रीं पदमे स्वाहा।
  • Mantra : 5  ॐ ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं।
  • Mantra : 6  ॐ ह्रीं श्रीं नमः।

बताये गए इन मंत्रो में से किसी भी एक मंत्र को चुन ले, ऐसा मंत्र चुने जिसका उच्चारण आप शुद्ध रूप से कर सके और फिर उसी मंत्र से रोजाना 5,7 या 11 माला जपे. माला आप कमलगट्टे की ले सकते है.

#3.

अगर आपके जीवन में धन का आभाव है, तो धन का आभाव दूर करने के मंत्र में आप यह करे. धन घटता बढ़ता रहता है, पैसे टिकते नहीं है, कमाए से ज्यादा खर्चे हो जाते है तो ऐसी अवस्था में आपको इस laxmi prapti mantra का प्रयोग भी जरूर करना चाहिए.

मंत्र है : ॐ ह्रीं नमः इस मंत्र का जप के साथ आप रोजाना लक्ष्मी जी के चित्र या तस्वीर की पूजा करे और अपनी एक माला या पांच माला रोजाना नियम से करे. माला का एक नियम बनाये और फिर रोजाना उतनी ही माला जपे.

Dhan Laxmi Mantra in Hindi

#4.

इस मंत्र के प्रयोग से दरिद्रता, धन का आभाव होना आदि संकटों से जल्द छुटकारा मिलता है. यह अद्वितीय धन प्राप्ति का मंत्र है. बेकारी, बेरोजगारी, धन का आभाव, हीनता, निराधार होना और अगर अपनी जीवनचर्या के लिए पर्याप्त धन नहीं कमा पा रहे हो ऐसे व्यक्ति को दरिद्रता का श्राप विक्षिप्त कर देता है वह या तो अपराधी जीवन की और बढ़ता है या आत्महत्या कर लेता है.

ऐसा व्यक्ति अगर रोजाना देवी लक्ष्मी जी की सामान्य पूजा करके इस मंत्र “ॐ नमो भगवती पदम् पदमावती ॐ ह्रीं श्रीं पूर्वाय, दक्षिणाय, पश्चिमाय, उत्तराय, अणुपूरय सर्व जन वश्यं कुरु स्वाहा। ”

की एक माला रोजाना जप कर ले, तो कुछ ही दिनों में वह व्यक्ति किसी भी कार्य व्यवसाय में लग जाता है, अगर कोई पहले से कार्य कर रहा है तो उसमे उसको सफलता मिलती है, यह धन प्राप्ति वशीकरण मंत्र है. इस तरह इस मंत्र के जप से उसकी निर्धनता ख़त्म होकर अच्छी अवस्था में आ जाती है.

#5.

एक ओर अद्भुत चमत्कारी सरल मंत्र बताते है. सबसे पहले आप अपने घर के पूजा स्थान के पास ही थोड़ी सी जगह को गौ मूत्र से लिप कर पवित्र कर ले. इसके बाद साधक किसी भी दिन.

किसी भी मौसम में स्नान कर के शाम के समय अच्छा अंधेरा हो जाने पर अपने घर के पूजा स्थान पर आसान लगाकर बैठ जाए और लिपे हुए स्थान पर चावलों की एक ढेरी बनाकर उस पर एक मूंगा रत्न रख दें, मूंगा रत्न आप पहले से ही मंगवा कर रख ले.

इस प्रयोग में किसी मूर्ति या चित्र की जरूरत नहीं होती सिर्फ मंत्र बोलते समय साधक की नज़रे मूंगे पर टिकी होनी चाहिए. यह मंत्र है : ॐ ह्रीं श्रीं मानस सिद्धिकरि ह्रीं नमः इस मंत्र से आपको पांच दिनों के अंदर सवा लाख जप करना है यानी एक लाख पच्चीस हजार बार जप पुरे करने है.

जब पांच दिन में मंत्र पूरा हो जाए तो छठवे दिन उस मूंगे को सोने की अंगूठी में जुड़वाकर अपने हाथ की किसी भी उंगली में धारण कर ले.

इस अंगूठी को आप किसी भी स्थिति में नहीं निकाले, शौच, पत्नी के साथ शयन करना आदि किसी भी स्थिति में इसे उंगली से नहीं निकाले यह अशुद्ध नहीं होती.

इस प्रयोग को करने पर अंगूठी पहन लेने से धन से जुडी सभी तरह की परेशानियां ख़त्म हो जाती है और धन से जुड़े सभी कामो में सफलता मिलती है. यह बहुत ही प्रभावी मंत्र प्रयोग है.

अगर आपको धन से जुड़े कामो में किसी भी तरह की बाधा आती रहती है तो आप इस dhan prapti ke mantra >  ॐ ह्रीं ऐं क्लीं श्रीं: का जप सवा लाख बार करे, इस मंत्र का सवा लाख जप आपको 5,7,11 दिनों के भीतर पूरा करना है.

किसी भी बुधवार के दिन से यह प्रयोग शुरू करे, सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर साधक लक्ष्मी जी के चित्र या मूर्ति को पूजा घर में स्थापित करे और उसकी सामान्य पूजन करे और फिर मंत्र का जप शुरू करे फिर 12वे दिन किसी ब्राह्मण-पुत्र या कुंवारी कन्या को भोजन कराकर उसे दक्षिणा और वस्त्रादि भेंट स्वरुप प्रदान करे इसके अलावा गणपति का विग्रह या मूर्ति अपने पूजा स्थान में स्थापित कर दें.

इस प्रयोग को करने से आर्थिक तंगी समाप्त होती है और धन से जुड़े कामो में किसी भी तरह की बाधा नहीं आती. यह छोटा सा प्रयोग बहुत सरल है और प्रभावी भी है आप इसका प्रयोग जरूर करे.

Money Vashikaran Dhanlaxmi Mantra Bataye

#6.

अगर आपको आने वाले समय में किसी काम के लिए धन की आवश्यकता पड़ने वाली है तो आप इस प्रयोग को जरूर करे.

रोजाना सुबह अच्छी तरह दांत साफ़ कर के स्नान आदि से निवृत्त होकर इस मंत्र ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं क्लीं लक्ष्मी माम गृहे धन पूरय चिन्तां तूर्य स्वाहा।

इस मंत्र का रोजाना 108 बार जप करे. रोजाना नियम से पवित्र होकर इस मंत्र का जप करने से एक-डेढ़ महीने के अंदर कहीं न कहीं से व्यापार या व्यवसाय किसी भी माध्यम से ढेर सारे धन की प्राप्ति का योग बनता है.

अगर आप व्यापारी है तो आपको इस मंत्र ” श्री शुक्ले महाशुक्ले कमलदल निवासे महालक्ष्म्यै नमः लक्ष्मी माई सत्य की सवाई आयो माई करो भलाई, न करो तो समुद्र की दुहाई ऋद्धि-सिद्धि खावो मिट तो नौ नाथ चौरासी की दुहाई “।

अगर व्यक्ति अपने रोजगार का काम शुरू करने से पहले अगर इस मंत्र का 108 बार उच्चारण करके दुकान खोले या संस्थान खोले या उसका कोई सा भी रोजगार का काम करे तो इससे उसकी बिक्री बढ़ती है.

दुकान व्यापार अच्छा चलता है. इस मंत्र को सिद्ध करने की कोई जरुरत नहीं होती बस रोजाना दुकान खोलने से पहले इस मंत्र का एक माला जप करना जरुरी है. यह बहुत प्रभावी है ग्राहकों की बिक्री बढ़ा देता है. ऐसा ही एक और मंत्र बताते है.

#7.

अपनी दुकान के पूजा स्थान या घर के पूजा स्थान में अगर एकाक्षी नारियल स्थापित कर रोजाना इस मंत्र का ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री महालक्ष्म्यै लक्ष्म्यै नमः का सिर्फ ग्यारह बार जप किया जाए तो दिनों दिन धन में वृद्धि होती है, ग्राहकों का तांता लग जाता है.

कुबेर के खजाने के सामान तिजोरी भरने लगती है. इसके लिए सबसे पहले एकाक्षी नारियल को प्राप्त कर तत्काल इसे बड़े कपडे में तीन गांठ लगाकर व्यक्ति जहां इसे स्थापित करना चाहे वहां पर स्थापित कर दें.

बस ध्यान रहे इस नारियल को जितने कम व्यक्ति देखेंगे उतना ही अधिक यह नारियल फल देगा.

एकाक्षी नारियल एक आँख वाला होता है, यानी जैसे की हर नारियल की खाल निकालने पर उसमे दो आंखें दिखाई देती है, गोल आकार में.

लेकिन एकाक्षी नारियल में सिर्फ एक गोल आकार की आँख होती है यह बहुत दुर्लभ होता है लेकिन आप धार्मिक स्थान या दुकान से इसे प्राप्त कर सकते है.

इस नारियल की तीनो गांठे एक साल में तीन बार ही खोल सकते है. दीपावली, महाशिवरात्रि, होली, रक्षाबंधन या किसी सोमवार या गुरुवार में शुभ मुहरत होने पर इसका कपडा बदला जा सकता है. पुराने कपडे को किसी नदी में प्रवाहित कर दें. इस प्रयोग से दिव्य लाभ होता है, व्यापार में दिनों दिन धन की वर्षा होने लगती है.

लक्ष्मी प्राप्ति के मंत्र सरल और चमत्कारी

#8.

धनलक्समी प्राप्ति के लिए अब हम आपको बताते है हनुमान जी के ऐसे मंत्र के बारे में जो की धन प्राप्ति, दुःख, दरिद्रता, शारीरिक कष्ट और शत्रुभय आदि इन सभी से छुटकारा दिलवाता है.

यह धन की प्राप्ति भी खुभ करवाता है. यह मंत्र है ” ॐ ऐं श्रीं नमो भगवते हनुमते मम कार्येषु ज्वल-ज्वल प्रज्वल प्रज्वल असाध्यं साधय-साधक माम रक्ष रक्ष सर्वदुष्टेभ्यो हूं फट स्वाहा “।

इस धन प्राप्ति के मंत्र के इष्टदेवता हनुमान जी है, इसलिए इसका जप मंगलवार के दिन से शुरू करके लगातार सात मंगलवार तक यानी 49 दिनों तक रोजाना एक निश्चित संख्या में जप करना है.

जप की पूर्णता हो जाने पर बंदरों को गुड़ और चने खिलाये. इसके प्रभाव से साधक के सभी क्लेश, दुःख आदि दूर हो जाते है और धन की प्राप्ति भी होती है.

#9.

आप जब भी बैंक में रुपये जमा करने जाए तो प्रयास करें की पश्चिम मुखी होकर ही कार्य करे और मानसिक रूप से माँ लक्ष्मी के किसी भी मंत्र का जप करते रहे.

अगर माँ लक्ष्मी का कोई मंत्र याद न हो तो आप इस मंत्र ॐ श्रीं श्रीं श्रीं का जप कर सकते है. इससे आपका धन सदैव बढ़ता रहेगा और बैंक बैलेंस भरपूर रहेगा, धन का आभाव कभी नहीं आएगा.

#10.

धन लक्ष्मी कुबेर मंत्र ” ॐ कुबेराय नमः ” कृष्णपक्ष की अष्टमी की रात को 12 बजे घर की छत पर खड़े होकर आकाश को देखते हुए इस मंत्र का तब तक जप करते रहें जब तक आप किसी पक्षी की आवाज न सुन लें.

आवाज़ सुनते ही मंत्र जप बंद कर दें. पश्चात् अपने शयन कक्ष में जाकर 108 बार मंत्र का उच्चारण करके सो जाए.

सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर लक्ष्मी नारायण के मंदिर में जाकर मूर्तियों को साष्टांग प्रणाम करे और फल, फूल पैसे चढ़ाये.

यह क्रिया लगातार सात अष्टमी करनी है, कुबेर भगवान् आप पर मेहरबान हो जायेंगे. यह चमत्कारिक फल देने वाला है. यह बहुत दिव्य प्रयोग है. प्रयोग करके देखें खुद ही जान जायेंगे.

Dhan Prapti Kuber Mantra Video in Hindi

इस तरह बताये गए लक्ष्मी जी धन प्राप्ति के मंत्र, dhanlaxmi mantra in Hindi के प्रयोग से आप लक्ष्मी जी की कृपा पा सकते है, इसमें धन प्राप्ति कुबेर मंत्र भी दिए है आप इन में से किसी भी प्रयोग को बारी बारी से करके देखे आप खुद इनका फल एहसास करने लगेंगे.

यह बहुत प्रभावकारी लक्समी प्राप्ति मंत्र है, बस शर्त है नियम अनुसार, पवित्र अवस्था में रोजाना के नियम से उसी समय मंत्र का जप करे तो आपको कृपा अवश्य प्राप्त होगी.

7 दिन में अचानक धन प्राप्ति के उपाय : 8 मंत्र और टोटके देखे

achanak dhan prapti mantra
अचानक धन प्राप्ति के उपाय और टोटके बताये जो की तुरंत, तत्काल धन पाने में समर्थ होते हो ? आइये जानते है आपकी इसी समस्या के समाधान के बारे में. ऐसे कई घरेलु उपाय, ज्योतिष के टोटके है जिनको करने से अचानक धन आने का योग बनता हैं.
कई बार ऐसी परिस्थित आ जाती हैं जिसमे हमे अचानक धन की जरुरत लगती हैं, ऐसी परिस्थिति में धन पाने के लिए बताये जा रहे उपाय जरूर करने चाहिए, यह उपाय लक्ष्मी जी को प्रसन्न करते हैं जिससे वह प्रयोग करने वाले के ऊपर कृपा करती हैं.
इनमे से किसी भी प्रयोग करने से पहले आप कुछ बाते ध्यान रखे, प्रयोग जितने दिन का हो उसे उतने दिन नियमित रूप से करे, प्रयोग स्वच्छ होकर करे, घर में पवित्र जगह पर प्रयोग करे.
खुद पर और ईश्वर पर विस्वाश रखे, ब्रह्मचर्य का पालन करे, सात्विक भोजन करे तो चलिए अब आगे जानते है अचानक धन प्राप्ति के मंत्र टोटके और उपाय बताइये क्या है, “तुरंत धन पाने के लिए सरल उपाय” के बारे में.

Achanak Dhan Prapti Ke Upay in Hindi

Achanak Dhan Prapti Ke Mantra Bataye

कुबेर की 7 दिन में शीघ्र धन प्राप्ति प्रयोग

#1.

इसे आप एकम से पंचमी तक की तिथि में न करे बाकी किसी भी तिथि में इसे कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले कुछ फूल ले आये, सभी रंग के इनमे ज्यादा फूल सफ़ेद और लाल रंग के होने चाहिए.

सभी फूल लेकर एक थाली ले उसमे इन फूलों को बिछा दें, अब इन फूलों पर पानी से भरा हुआ तांबे का लोटा रख दें. अपने मन को शांत करे, इधर उधर मन को भटकने न दें.

लोटे को रख देने के बाद आप हाथ जोड़कर आँखे बंद करके अपने इष्टदेव का ध्यान करे और उनसे कहे “हैं ईश्वर अपने इष्ट देव का नाम ले और फिर अपना नाम बोले, अपने पिता का नाम बोले, अपनी जाती बताये और आप जहां रहते हैं उस जगह का स्थान भी बताये और फिर कहे आज इस तिथि (जिस तिथि में आप यह प्रयोग कर रहे हो उस तिथि का नाम लें) को में कुबेर जी की आराधना कर रहा हूं आप गवाह के रूप में मेरे साथ रहना और कुबेर जी को प्रसन्न करने में मेरा साथ देना, कुबेर जी से मेरे लिए निवेदन करना.

achanak dhan prapti mantra or upay

इतना सब मन में अपने इष्ट देव को कहने के बाद 7 दिन के भीतर अचानक धन पाने के टोटके के इस प्रयोग में अब आगे आपको यह करना है की आप अपने सीधे हाथ की बिच की तीन उँगलियों को सामने रखे लोटे के अंदर डाल दें और बाकी की दो उंगलिया एक अंगूठा और एक सबसे छोटी उंगली इन दोनों को लोटे के बाहर ही रखे और उलटे हाथ को यानी लेफ्ट हैंड को अपने हृदय के पास यानी छाती से टिका कर रखे.

इसके बाद इस तत्काल धन प्राप्ति के मंत्र का जप करना शुरू करे – ॐ यक्षाय कुबेराय वेश्र्वानाय धन धान्यादी पतये धन धान्य स्मर्द्धि में देहि दापय स्वाहा – शुरुआत में एक बार इस मंत्र को बोलने के बाद अपनी उंगलियों को लोटे से बाहर निकालकर अपने सामने की जगह पर पानी के छींटे मारे.

उंगलियों से पानी निकल जाने पर इसे वापस लोटे में पहले की तरह डाल दें. अब आपको लगातार 85 मिनट तक बिना रुके इस मंत्र का जप करना हैं.

इसके बाद लोटे के पानी को स्वयं ग्रहण कर लें यानी उस पानी को खुद पि ले. ऐसा आपको लगातार सात दिनों तक रोजाना करना हैं. इस प्रयोग के पुरे होने पर अचानक धन के कई रास्ते खुल जायेंगे.

यह कई लोगों द्वारा प्रयोग किया हुआ मंत्र हैं, अचानक धन प्राप्ति के लिए यह बहुत ही प्रभावी हैं आप भी इसे कर के देखे. आकस्मिक धन प्राप्ति करने के लिए यह सामान्य और अद्भुत प्रयोग है.

इस बिच सात दिनों तक पवित्र रहे और सात्विक भोजन करे. यह प्रयोग आप रोजाना रात में ही करे, प्रयोग से पहले स्नान भी कर सकते हैं और प्रयोग को पूजा स्थल पर करे.

#2.

अचानक धन प्राप्ति के लिए सुबह स्नान करने के बाद एक लाल कपडा लें और उसमे चावल के 21 दाने, जो की खंडित न हो. ऐसे 21 दाने ले जिनमे किसी भी तरह की खरोंच न हो. इसके बाद 21 दानो को इस लाल कपड़े में बांध दें.

फिर लक्ष्मी जी के पास ही यह लाल कपड़े में बंधे चावल रख दें. अब पुरे मन से लक्ष्मी जी की पूजा करे, आप किसी भी लक्ष्मी जी के मंत्र का जप भी कर सकते हैं. पूजा पूरी होने के बाद इन 21 दाने जो की लाल कपड़े में बांधे हैं इनको ऐसे ही बंधे हुए अपने पर्स में रख लें.

इसे आप घर में जहां पर पैसे रखते हैं उस जगह भी रख सकते हैं. इस प्रयोग से अचानक धन की प्राप्ति होती हैं और धन की कभी कमी नहीं रहती, पर्स हमेशा भरा ही रहता हैं.

अचानक धन पाने के टोटके में सरल तरीका

#3.

ऐसा ही एक और बहुत ही प्राचीन और सरल चमत्कारी टोटके में से एक हैं. इसके लिए आप 5 कालीमिर्च के दाने लें और इन्हे अपने सिर से पैर तक 7 बार वार लें.

अब आप किसी चौराहे पर जाए और इन 5 दानो में से चार दानो को चारों दिशाओ में एक-एक कर के फेंक दें और पांचवे दाने को आकाश में ऊपर की तरफ फेंक दें. इसके बाद आप चुप चाप अपने घर आजाये और पीछे मुड़कर नहीं देखे.

इस प्रयोग को करने से चारों दिशाओं से अचानक धन प्राप्त होने के योग बनते हैं. बहुत ही प्रभावशाली अचानक धन पाने का टोटका हैं. जब भी मुसीबत आये या अचानक धन की जरूरत लगे तो यह सरल उपाय जरूर ही अपनाना चाहिए.

#4.

तुरंत धन प्राप्ति के लिए हर शुक्रवार को कमल गट्टे की माला से लक्ष्मी जी के किसी भी एक मंत्र से 108 बार जप करे और लक्ष्मी जी का ध्यान करे. आप इस उपाय को रोजाना भी कर सकते हैं.

गणेश जी को मोतीचूर का भोग लगाए, दूर्वा चढ़ाये इसके साथ ही लक्ष्मी जी के सामने घी का दीपक भी लगाए. आप इसे बुधवार के दिन जरूर करे, इसके अलावा रोजाना इस प्रयोग को करने से भी बहुत लाभ होता हैं, कहीं से भी चारों दिशाओं से अचानक धन की प्राप्ति होती हैं.

#5.

शीघ्र धन पाने के लिए और धन की कमी न रहे इसके लिए कनकधारा स्त्रोत का पाठ रोजाना तीन बार करना शुरू करे, हम इसके प्रभाव के बारे में आपको पहले ही बता चुके हैं. तत्काल धन प्राप्ति करने के लिए आप कनकधारा यन्त्र की स्थापना किसी पंडित से करवाए यन्त्र चांदी पर बना होना चाहिए.

kanakdhara yantra
कनकधारा यन्त्र

इसके कुछ दिनों के प्रयोग से ही अचानक, अनायास ही कही से भी धन की प्राप्ति के योग बनेंगे. अगर आप यन्त्र की स्थापना किसी वजह से नहीं कर पाए तो भी सुबह तीन बार कनकधारा स्त्रोत का पाठ करे. यह अद्भुत और चमत्कारी उपाय हैं.

अचानक धन प्राप्ति के लिए सरल उपाय

#6.

अचानक धन पाने के लिए एक लाल धागा लें और इसमें सातमुखी रुद्राक्ष को डालकर गले में पहने, इस छोटे-से टोटके से अचानक धन आने का योग बनता हैं. सातमुखी रुद्राक्ष धन को आकर्षित करता हैं जिससे लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती हैं. Achanak dhan prapti ke totke में यह रुद्राक्ष का प्रयोग काफी प्रचलित है और लाभ भी करता है.

लगातार तीन शुक्रवार यह उपाय करे. 5 किलो 500 ग्राम आटा ले और 1 किलो 500 ग्राम गुड़ लें. अब इन दोनों को अच्छे से मिला लें, मिश्रण बना लें. अब इसे गूंथ कर रोटियां बनाये.

शाम के समय गाय को यह आटे और गुड़ से बनी रोटियां खिलाये और उनसे आशीर्वाद लें. यह प्रयोग सिर्फ शुक्रवार को ही करे. इस उपाय से अचानक धन आगमन होता हैं और दरिद्रता का नाश भी होता हैं. लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती हैं.

#7.

लक्ष्मी जी की प्रतिमा के पास 11 दिनों तक एक तैल का दीपक जलाये, ध्यान रहे यह दीपक ग्यारह दिनों तक चलना चाहिए और बिच में बुझना नहीं चाहिए. समय समय पर आप इसमें तैल डालते रहे.

फिर 11वे दिन आप 11 कन्याओं को भोजन के लिए बुलाये, उन्हें प्यार से भोजन करवाए इसके बाद उन्हें एक सिक्का और मेहंदी दें और उनके चरणस्पर्श करे. इस उपाय से अनायास ही धन की प्राप्ति होती हैं. लक्ष्मी जी बड़ी प्रसन्न होती हैं.

शुक्लपक्ष को करे यह अद्भुत प्रयोग

#8.

एक और उपाय जो की अचानक धन प्राप्ति में सार्थक होता है. शुक्लपक्ष के शुक्रवार के दिन सुबह के समय 6 बजे स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थान पर पूर्व दिशा की तरह ज़मीन पर गंगाजल छिड़क कर उसे पवित्र कर ले और फिर एक लकड़ी का बाजोट जो की बाजार में आसानी से मिल जाता हैं.

उसे पवित्र किये स्थान पर रखे अब एक लाल कपडा इस बाजोट के ऊपर रख दें फिर पिले रंग के फूल की पंखुड़ियों को इस लाल कपडे के ऊपर बिछा दें. इसके बाद “श्री चक्र” आता हैं उसे आप इन बिछे हुए फूलों के ऊपर रख दें.

shri chakra
श्री चक्र

यह श्री चक्र आप धार्मिक दुकानों पर प्राप्त कर सकते हैं. ध्यान रहे नकली श्री चक्र न खरीद ले. अब दो अगरबत्ती लगाए और लक्ष्मी जी को प्रणाम करते हुए मन में उनका ध्यान करे. इसके बाद आपको इस मंत्र का कमल गट्टे की माला से 11 माला इस मंत्र का जप करना हैं.

मंत्र हैं : ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं नमः फिर जब 11 माला का जप हो जाए तो किसी भी सफ़ेद रंग के कपडे में इस श्री चक्र को लपेट कर आप जहां पर अपने पैसे रखते हैं वहां पर इसे रख दें.

अगले 11 दिनों तक इसे तिजोरी में रखा रहने दें फिर 12वे दिन इसे तिजोरी से निकाल कर बहते हुए पानी में छोड़ दें. इससे आने वाले दिनों में आपको आकस्मिक रूप से धन की प्राप्ति होगी.

Dhan Prapti Mantra Upay Video in Hindi

तो यह थे सबसे प्रबल और प्रभावशाली अचानक धन पाने के टोटके उपाय, achanak dhan prapti ke upay in Hindi यह सभी बहुत ही सरल और असरकारी हैं आप इनमे से किसी को भी अपना सकते हैं.

इसके अलावा अगर आप ऐसा कोई कार्य कर रहे हैं जिससे लक्ष्मी जी आपके घर में निवास नहीं करती तो वह कार्य तुरंत बंद कर दें.

नहीं तो आप चाहे जितने अचानक धन प्राप्ति के तरीके उपाय कर ले जब तक घर से बुरी चीजों को नहीं हटाएंगे तब तक लक्ष्मी जी की आप पर कृपा नहीं बरसेगी.

बहुत सी छोटी-छोटी बाते होती जिनका हमे ख्याल रखना चाहिए, हम अगले Post में इस बारे में जरूर बताएंगे उम्मीद करते हैं आपको यह तत्काल तुरंत धन पाने के उपायों के बारे में जानकर अच्छा लगा होगा.

चमत्कारिक धन आने के उपाय : 21 दिन में धन आने लगेगा (टोटके)

dhan aane ke upay batayee totke aur mantra in Hindi me

यहां हम ऐसे एक सरल धन आने के उपाय यानी लक्ष्मी प्राप्ति टोटके के बारे में बताने वाले हैं, जिसको रोजाना करने पर चारों तरफ से धन आने लगेगा, नए-नए मार्ग खुलेंगे. इसके लिए आप यह Post पूरा और आखिरी तक जरूर पड़ें. यह प्रयोग हम खुद भी करते हैं. इसके प्रभाव से लक्ष्मी जी जल्द प्रसन्न होती है.

धन की जरुरत किसे नहीं होती, धन आज के युग में सबसे महत्वपूर्ण हो गया है. ऐसे कई व्यक्ति है जिन्हे धन की कमी रहती है, वह काम भी बहुत करते है लेकिन उन्हें उसके मुताबिक पर्याप्त धन नहीं मिलता. इसके पीछे कई दोष होते है, ऐसे लोगों पर लक्ष्मी जी की कृपा नहीं होती.

धन आने के लिए “dhan aane ke totke mantra” में हम यहां आपको एक ऐसे स्त्रोत के बारे में बताने जा रहे है, जिसे रोजाना करने पर ढेर सारे धन की प्राप्ति होती है, धन की कभी कमी नहीं होती, मान सम्मान बढ़ता है, परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है, जीवन की परेशानियां कम होती है इस स्त्रोत को करने में सिर्फ 5 मिनट लगते है, बदले में यह आपको लक्ष्मी जी की अनंत कृपा दिलवाता है.

सिर्फ 21 दिन करके देखे

शायद आपको यह जानकर हैरानी हो रही होगी, लेकिन आप खुद 21 दिनों तक इस स्त्रोत को रोजाना करना शुरू करे आपको खुद को इसका असर आभास होने लगेगा.

अभी तक के जितने भी मंत्र और उपाय हैं उनमे से सबसे ज्यादा यह बताये जा रहा स्त्रोत प्रभावी और शीघ्र फलदाय हैं. हमसे कोई लोगों ने पूछा धन आने लिए उपाय बताये जो की सरल और रोजाना किया जा सके, तब हमने उन्हें यह धन आने के टोटके से भी बेहतर तरीका बताया.

Dhan Aane Ke Upay in Hindi

dhan aane ke upay batayee totke aur mantra in Hindi me

Dhan Aane Ke Totke Bataye Kya Kare ?

इस कनकधारा स्त्रोत पाठ की शुरुआत आप शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से करें. इसके लिए किसी विशेष विधि-विधान की भी आवश्यकता नहीं होती हैं.

सूती आसान पर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठ जाए और अपने पुरे मन को लगाकर ऐसे पाठ करे जैसे की स्वयं लक्ष्मी जी आपके सामने बैठी हो और आप उन्हें यह पाठ सुना रहे हो. आप जितनी तल्लीनता से इस स्त्रोत का पाठ करेंगे आपको उतना ही ज्यादा लाभ होगा.

पाठ करने के बाद माँ लक्ष्मी को मानसिक रूप से प्रणाम करें, यानी मन ही मन माँ लक्ष्मी को प्रणाम करे और अपने स्थान से उठ जाए. अगर आपकी कोई कामना हैं, आप लक्ष्मी जी से कुछ मांगना चाहते हो तो आप पाठ के बाद हाथ जोड़कर प्रणाम करते हुए अपने मन मैं लक्ष्मी जी को प्रणाम करते हुए उनसे अपनी कामना, इच्छा कह दें.

अगर आप कुछ नहीं मांगना चाहते तो सिर्फ प्रणाम कर ले लक्ष्मी जी खुद आपकी सभी कामनाओ को पूरा करेंगी (one strot money problem solution in Hindi).

चलिए आगे हम बताते है की कैसे कनकधारा स्त्रोत की उपत्ति हुई और फिर इसके बाद हम कनकधारा स्त्रोत बताएंगे.

कनकधारा यन्त्र..

वैसे हम बता दे अगर आप इस स्त्रोत से तत्काल फल प्राप्त करना चाहते है तो सबसे पहले कनकधारा यन्त्र का निर्माण करवाए और फिर उसकी पूजा कर, उसे सिद्ध कर ले इसके बाद कनकधारा स्त्रोत के साथ पूजा पाठ करे, इससे दुगने लाभ मिलेंगे, स्वयं सिद्धि और ऐश्वर्या की प्राप्ति भी होगी.

kanakdhara yantra

इसके लिए सबसे पहले चांदी की धातु पर कनकधारा यन्त्र बनवाये, फिर उसे पूजा पाठ के पवित्र स्थान पर पिले कपडे को बिछाकर उसके ऊपर इस यन्त्र को रख दें. फिर रोजाना इस यन्त्र के सामने बैठ कर ही कनकधारा स्त्रोत का पाठ करे तो तत्काल फल मिलेगा.

आप अपने क्षेत्र के किसी विद्वान पंडित के द्वारा कनकधारा यन्त्र को बनवाने के बाद सिद्ध करवा ले और पूजा के स्थान पर रखवा ले फिर वही उसी जगह बैठ कर इस स्त्रोत का पाठ करे.

इस स्त्रोत की महिमा..

कनकधारा स्त्रोत की रचना जगद्गुरु शंकराचार्य ने उस समय की थी जब वे भिक्षा मांगने के लिए एक निर्धन धर्मपरायण ब्राह्मण के दरवाजे पर पहुंचे. वह ब्राह्मण इतने निर्धन थे की उस समय उनके पास भिक्षा में देने के लिए कुछ भी नहीं था.

ब्राह्मण की पत्नी अपनी इस विपन्नता पर असहाय हो कर रो पड़ी. उसकी इस दिन-दशा को देख शंकराचार्य जी का हृदय पसीज उठा. वे वही स्वनिर्मित स्त्रोत का पाठ कर लक्ष्मी देवी का स्तवन करने लगे.

उनकी करुणामयी आवाज एक स्त्रोत के रूप में प्रस्फुटित हुई, जिससे लक्ष्मी जी ने परम प्रसन्न हो उन्हें तत्काल दर्शन दिया और स्तवन का कारण पूछा.

शंकराचार्य जी ने ब्राह्मणी की धर्म परायणता और विपन्नता का वर्णन करते हुए उसकी दरिद्रता को दूर करे की प्राथना की. देवी लक्ष्मी जी ने कहा – वत्स, यद्द्पि इसके भाग्य में इस जन्म में वैभव लिखा ही नहीं है, फिर भी तुम्हारे इस स्त्रोत ने इसके भाग्य लेख को बदल दिया है.

आगे लक्ष्मी जी बोली की इस ब्राह्मण के घर में एक कनकधारा यन्त्र को रख कर उसका पूजन कर वहीं स्त्रोत जो तुमने रचा है का पाठ इस ब्राह्मण को करना होगा. शंकराचार्य जी ने उस गरीब ब्राह्मण के कल्याण के लिए ठीक ऐसा ही किया और स्वरचित स्त्रोत “कनकधारा स्त्रोत” ब्राह्मण को दे दिया.

जिससे कुछ ही दिनों में उस गरीब ब्राह्मण के घर में स्वर्ण मुद्रा की वर्षा हुई. उस ब्राह्मण परिवार की दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो गई.

तो इस तरह इस धन आने के उपाय में आज भी यह कनकधारा स्त्रोत उतना ही प्रभावी है, इसको रोजाना करने पर अपार धन आने लगेगा, यानी कहीं से भी किसी न किसी के जरिये धन आना शुरू हो जायेगा. आइये अब आगे कनकधारा स्त्रोत के बारे में बताते है.

हम इस स्त्रोत को संस्कृत और उसके अर्थ सहित हिंदी भाषा में निचे दे रहे है. आप अपनी इच्छा अनुसार संस्कृत या हिंदी दोनों में से किसी भी भाषा में इस स्त्रोत का पाठ कर सकते है.

ज्यादातर व्यक्तियों को संस्कृत में इसका पाठ करने में परेशानी होगी इसीलिए हिंदी में भाषा में भी इस स्त्रोत को दिया है, निचे देखे. लेकिन बेहतर होगा आप संस्कृत भाषा में ही इसका पाठ करे, क्योंकि संस्कृत देवों की भाषा होती है.

धन के लिए कनकधारा स्त्रोत हिंदी अनुवाद

जैसे भँवरी अधखिले फूलों से संचति तमाल के वृक्ष का आश्रय लेती है, वैसे ही कल्याणकारिणी लक्ष्मी की जो कटाक्ष लीला विष्णु भगवान के रोमांच से विभूषित शरीर से सम्बद्ध है और जो सभी विभूतियों से युक्त है, वह मुझे मंगलदायिनी हो॥

जैसे भँवरी विशाल कमल पर बार बार आती जाती रहती है, वैसे ही मुरारी विष्णु के मुख की ओर समुद्र-जन्मा लक्ष्मी की जो दृष्टि माला प्रेमवश बारम्बार जाती है और लज्जा वाश लौट आती है, वह मुझे श्री (ऐश्वर्य) प्रदान करे॥

जो सभी देवों के स्वामी इन्द्र के पद का वैभव देने में समर्ध है, मुरारी विष्णु को भी जो अति आनंदकारिणी है, जो निल कमल के भीतरी भाग जैसी मनोरम है, वह लक्ष्मी जी की अधखुली आँखों की दृष्टि पल भर के लिए कुछ मुझ पर पड़े॥

शेषनाग पर सोने वाले विष्णु की पत्नी लक्ष्मी जी का नेत्र मुझे ऐश्वर्यदायक हो, जिसकी पुतली और बरौनिया कामवश हो, अधखुली किन्तु एकटक दृष्टि से देखने वाले आनंद-मूल श्री मुकुंद को अपने पास पाकर तिरछी हो जाती है॥

जो मधु असुर को जितने वाले श्री विष्णु के कौस्तुभ मणि से शोभित वक्ष:स्थल पर इंद्रनीलमयी हारावली जैसी शोभा पाती है और जो भगवान के भी मन में काम को उत्पन्न कर देती है, कमलालया लक्ष्मी की वह कटाक्ष माला मेरा कल्याण करे॥

जैसे बादलों में बिजली चमकती है, वैसे ही जो कैटभासुर के शत्रु श्री विष्णु के काली मेघमाला के समान श्याम वारं सुन्दर वक्ष पर प्रकाशित होती है और जो सभी लोको की माँ है, उन भार्गव नन्दनी लक्ष्मी की पूजनीया मूर्ति मेरा कल्याण करे॥

मगरों के निवास स्थान समुद्र से उत्पन्न कन्या (लक्ष्मी) की वह मंद, अलसायी हुई, मन्थर और अधखुली दृष्टि, जिसके प्रभाव से कामदेव ने माग्डलमय मधुसूदन श्री विष्णु के हृदय में पहले-पहल स्थान पाया था, इस संसार में मुझ पर पड़े॥

श्री नारायण की प्रेयसी लक्ष्मी का नेत्ररूपी बादल, दयारूपी अनुकूल हवा से चलता हुआ, दुष्कर्मरूपी धुप को सदा के लिए दूर कर दुःख में पड़े हुये मुझ दरिद्र-रूपी पक्षी-शिशु पर धन रूपी जलधारा की वर्षा करे॥

विशेष बुद्धिमान लोग जिनके भक्त होकर उनकी दयालु दृष्टि के प्रभाव से देव-पद को सहज ही पा लेते है, उन कमलासन लक्ष्मी की खिले हुये कमल की भीतरी भाग जैसी शोभावली दृष्टि मुझे अभीष्ट पोषण प्रदान करे॥

जो सृष्टि के समय सरस्वती, स्थिति-काल में गरुड़-ध्वज श्रीविष्णु- पत्नी लक्ष्मी और प्रलय-लीला के समय चंद्रशेखर श्रीशिव-प्रिया दुर्गा (शाकम्भरी) के रूप में स्थित होती है, उन त्रिभुवन के एकमात्र गुरु भगवान नारायण की सदा युवावस्था में रहने वाली प्रिया श्री लक्ष्मी को नमस्कार है॥

शुभ कर्मो का फल देने वाली श्रुति को नमस्कार है, मनोहर गुण-सागरा रति को नमस्कार है, कमल-वासिनी शक्ति को नमस्कार है, पुरुषोत्तम की प्रिया पुष्टि को नमस्कार है ॥

पद्यानना लक्ष्मी को नमस्कार है, क्षीर सागर से जन्मी श्री को नमस्कार है, चन्द्रमा और अमृत की बहन लक्ष्मी को नमस्कार है, नारायण की प्रिया को नमस्कार है॥

स्वर्ण-कमल की पीठ पर विराजमान लक्ष्मी को नमस्कार है, भूमण्डल की स्वामिनी कमला को नमस्कार है, वेदों पर दया करने वाली लक्ष्मी को नमस्कार है, शाङ्ग-शस्त्र-धारी श्रीविष्णु की प्रिया को नमस्कार है॥

भृगु ऋषि को आनंदित करने वाली देवी को नमस्कार है, श्री विष्णु के वक्ष पर स्थित रहने वाली लक्ष्मी को नमस्कार है, कमलवासिनी लक्ष्मी को नमस्कार है, दामोदर प्रिया को नमस्कार है॥

कमल-नेत्रा कान्ति को नमस्कार है, भुवनों की जननी विभूति को नमस्कार है, देवादि सभी के द्वारा पूजित लक्ष्मी को नमस्कार है, नन्द-पुत्र श्रीविष्णु की प्रिया को नमस्कार है॥

हे कमल-नयना पूजा माँ! आपकी स्तुतियाँ संपत्ति देनी वाली, सभी इन्द्रियों को आनंददायिनी, साम्राज्य-वैभवकारिणी, पापों को दूर करने वाली हैं, वे मुझे सदा ही अपनाएं (मैं सदा ही आपकी स्तुतियां करता रहूं)॥

जिनकी कृपा-दृष्टि की उपासना-विधि भक्त को सभी अर्थ और संपत्ति-दायिनी हैं, उन्हीं विष्णु-प्रिया लक्ष्मी को मैं वाणी, शरीर और मन से भजता हूं॥

हे भगवती विष्णु प्रिये! कमल-वासिनी, कमल-हस्ते ! उज्जवल-वस्त्र-गन्ध-मालाधारिणी ! मनोरमे ! त्रिलोकैऐश्वर्यदायिनी ! मुझ पर प्रसन्न हो॥

दिग्गजों द्वारा स्वर्ण-कलशों के मुख से गिराए गए आकाश-गंगा के स्वच्छ सुन्दर जल से अभिषिक्त शरीर वाली जगज्जननी को, जोसभी लोगों के स्वामी विष्णु की गृहणी और सुधा-सागर की पुत्री हैं, मैं प्रातः काल नमस्कार करता हूं॥

हे कमले ! कमल-नेत्र-विष्णु-प्रिये ! दिनों मैं अग्रगण्य मैं दया का वास्तविक अधिकारी हूं। मुझे आप अपनी करुणापूर्ण दृष्टि से देखें॥

उक्त स्तुतियों से जो प्रतिदिन वेद-त्रय-स्वरूपा त्रेलोक्य-जननी लक्ष्मी की स्तुति करते हैं, वे पृथ्वी पर अति गुणी, बहु-भाग्यशाली होते हैं और विज्ञ भी उनके विचारों को मानते हैं॥

कनकधारा स्त्रोत संस्कृत भाषा में..

kanakdhara strotam

 

kanakdhara strotam part 2

इस तरह से आप सुबह स्नान करने के बाद पवित्र स्थान पर पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके सूती आसान पर बैठ जाए और लक्ष्मी जी को मानसिक प्रणाम करे फिर इस कनकधारा स्त्रोत का 3 बार पाठ करे, आप एक बार भी कर सकते हैं. लेकिन तीन बार करना अति शुभ होता हैं.

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धन आने के उपाय वीडियो इन हिंदी (Video)

दोस्त धन पाने के लिए और भी उपाय है, लेकिन यह सबसे सरल और प्रभावी है. यह आपको जरूर फल देगा, हम खुद इसका नियमित प्रयोग करते है.

उम्मीद करते है आपको यह dhan aane ke upay bataye in Hindi, धन आने के टोटके के इस पोस्ट को पढ़कर अच्छा लगा होगा और उम्मीद है की आप इसे करेंगे, भरपूर लाभ प्राप्त करेंगे. हमसे जुड़े रहे ताकि आपको और भी जानकारी मिलती रहे.

धन आने के मार्ग खोलने के लिए आप इस स्त्रोत का पाठ करना शुरू करे, यह बहुत ही शक्तिशाली हैं.