किस घर में लक्ष्मी जी निवास करना पसंद करती है : अभी जाने

laxmi ji kahan rahti hai

हमारे शास्त्रों में उल्लेख है की स्वयं भगवती लक्ष्मी जी ने किसी वाक्य में यह कहा था की श्री कृष्णचन्द्र की महारानी रुक्मणि देवी तथा देवराज इंद्र को बताना की मुझे मेरे निवास स्थान से धाता, विधाता कोई भी नहीं हटा सकते लेकिन में स्वयं उन घरों को तुरंत छोड़ देती हूं. आइये जानते है लक्ष्मी जी के निवास स्थान के बारे में, घर में लक्ष्मी जी कहां रहती है ?

ऐसी बहुत सी बाते है, अशुभ आदते है जिनके कारण लक्ष्मी जी किसी के घर में निवास नहीं करती, इस तरह धीरे-धीरे उस घर में धन की कमी होने लगती है और ऐसे भी कई लोग है जो की सभी तरह के उपाय करते है लेकिन इन बताई जा रही बातों पर ध्यान नहीं देते.

जिससे लाख उपाय करने पर भी उनके घर में लक्ष्मी जी वास नहीं करती. तो आइये जानते है की लक्ष्मी जी किन घर में रहना पसंद करती है और किन घरो को वह तुरंत त्याग देती है. यह बाते स्वयं मां लक्ष्मी द्वारा शास्त्रों में बताई है है जो की इस प्रकार है.

Lakshmi Ji Ka Niwas Sthan Kaha Hota Hai

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घर में लक्ष्मी जी कहा रहती है निवास स्थान

  • जिस परिवार में विवाह के बाद पुत्र अपने वृद्ध माता पिता का पालन पोषण नहीं करते और उनका अनादर करते है में उस घर को त्याग देती हूं.

जिस घर में बहु सास ससुर आदि पूज्यजनो का कहना न मान कर मनमानी करती है. गृह स्वामिनी बनकर भी स्वयं घर का काम न कर के सास से घर का काम करवाती है.

अपने स्वामी पर तथा घर के अन्य पूज्य सम्बन्धियों पर शासन चलाती है. उन्हें उनका नाम ले लेकर पुकारती है. ऐसे घर को छोड़ कर में दूर चली जाती हूं.

  • जिस परिवार में छोटे अपने से बड़ो का सम्मान नहीं करते. अपने माता पिता वृद्ध, आचार्य और अतिथि या गुरु का सम्मान नहीं करते ऐसे घर से में विदा हो जाती हूं.
  • जिस घर में पिता अपनी दूसरी पत्नी के कहने पर क्रोध के आवेश में अपनी पहली पत्नी के किसी पुत्र को उसका उचित भाग न देकर उसे अलग कर देता है और उसे भोग से वंचिर कर देता है. उस घर में निवास कभी नहीं करती.
  • जो कन्या-विक्रय, आत्म-विक्रय, वेद-विक्रय, विद्द्या-विक्रय तथा देव-पूजा विक्रय करता है. उस घर से में तुरंत चली जाती हूं.

जहां गृहणी, मन, वाणी और कर्म से शुचिता पवित्रता का पालन नहीं करते है. धर्म की मर्यादा तोड़ कर मन माना आचरण कर जूते पहन कर भोजन बनाया जाता है. अभक्ष्य भोजन मांस अंडा आदि परोसा जाता है.

उस घर में में कभी नहीं ठहरती. जिस घर में भोजन ढंका हुआ नहीं रहता, चूहे और बिल्ली आदि खाने पिने की वस्तुए को झूठा करते हो, इधर उधर सामान बिखरा रहता है ऐसे घर को में त्याग देती हूं.

  • जिस घर में झूठे मुंह और हाथों से चीजों को छुआ जाता है. दूध आदि को ढंक-कर नहीं रखा जाता वहां में वास नहीं करती.
  • जिस घर में बड़े बूढ़ों और पोष्य वर्ग को भोजन कराये बिना आप अकेले भोजन कर लेते है. अपने लिए उत्तम भोजन तथा अन्य पौष्टिक खाद्द्य पदार्थ छोटे-छोटे बालकों के देखते ही स्वयं अकेले ग्रहण कर लेते है या छिपा लेते है ऐसे घर से में चली जाती हूं.
  • जिस घर में सूर्योदय होने के बाद बिस्तर से उठते हैं और सूर्योदय होने के बाद मल त्याग करते हैं सूर्य की की और मुंह करके लघु शंका और पेशाब करते हैं. उस घर में मेरा वास नहीं होता.
  • जिस घर में पुरुष स्त्रियों का वेश धारण करती हैं और स्त्रियां पुरुषों का वेश धारण किए हुए फिरती हैं मैं वहां से जल्द ही चली जाती जाती हूं.

  • जिस घर में घर की दीवार गिर जाने पर भी उसे तुरंत यानी जल्द ही नहीं बनवाया जाता तो उस घर को मैं छोड़ कर कहीं और चली जाती हूं.
  • जिस घर में पशुओं को आंगन में बांधकर उनको दाना, घास, भूसा और पानी आदि समय पर नहीं दिया जाता वहां पर मेरा वास नहीं होता है.
  • जिस परिवार में फैशन के नशे में आकर स्त्रियां अशुभ सूचक अपने बाल कटवा कर तथा काले और सफेद कपड़े आदि से अशुभ वेश धारण करती है मैं वहां नहीं ठहरती हूं.
  • जिस घर में ऋण लेकर चुकाया नहीं जाता तथा ऋण देकर एक-एक के तीन, चार चार लेने पर भी खाता बंद नहीं किया जाता, ऐसे स्थान से मैं चली जाती हूं.
  • जिस घर में बर्तन सुव्यवस्थित रूप में नहीं रखे जाते और रात का भोजन करने के बाद झूठे बर्तनों को मांज कर साफ करके नहीं रखा जाता और झूठे और अशुद्ध बर्तन रात भर रसोई में पड़े रहते हैं, ऐसे घरों को मैं छोड़ कर चली जाती हूं.

  • जिस घर में महिलाएं सोते समय अपने गहने संभाल कर नहीं रखती और इधर उधर कहीं भी रख देती है उस घर में मेरा वास नहीं होता.
  • जिस घर में रात में दही और सत्तू खाते हैं मैं उस घर को तुरंत छोड़ देती हूं.
  • जिस घर में धर्म मर्यादा का उल्लंघन कर मन माना आचरण किया जाता है, वहां मेरा वास नहीं होता.
  • जिस घर में टूटे बर्तन ,टूटी खाट, फटे आसन और वस्त्र तथा बर्तन इधर-उधर बिखरे रहते हैं वहां मेरी बड़ी बहन दरिद्रता का वास होता है.
  • जिस घर में चतुरता, सरलता, उत्साह, परम सौहार्द, क्षमा, सत्य, दान, तप, पवित्रता, नम्रता, दया, कोमल वाणी तथा मित्रों से प्रगाढ़ प्रेम आदि सब सद्गुण नहीं होते मैं वहां कभी वास नहीं करती.

  • जो भिक्षु को भिक्षा अतिथि को भोजन और देवताओ को निवेदन किए बिना भोजन कर लेता है वह मेरी बड़ी बहन दरिद्रता का निवास होता है.
  • मेरी ही विभूति गृह लक्ष्मी का जहां तिरस्कार किया जाता है, दू-व्यवहार किया जाता है अथवा वह मारी पीटी जाती है ऐसे घर में मेरा वास कैसे हो सकता है.
  • जिस परिवार में निद्रा, आलस्य, अप्रसन्नता, दोष, दृष्टि, विवेक, संतोष, निषाद और कामना आदि दोष रहते हैं वहां में वास नहीं करती.
  • जिस घर में स्त्रियां चाकू, हँसिया, संदूक, आटा, कांसे के बर्तन खाद पदार्थ द्रव्यमान आदि वस्तुओं को संभाल कर नहीं रखती उस घर को भी मैं छोड़ कर चली जाती हूं.
  • जिस घर में दिन-अनाथ, वृद्ध दुर्बल रोगी बालक और स्त्रियों पर दया नहीं की जाती यहां भी मैं वास नहीं करती और ना ही ठहरती हूं.
  • जिस घर को रोजाना साफ नहीं किया जाता वहां मेरी बहन दरिद्रता रहने लगती है. मैं उस घर को छोड़ देती हूं.
  • जिस घर में पित्र श्राद्ध नहीं किया जाता वहां भी मेरा वास नहीं होता है.

जो दिन में अपनी पत्नी से मैथुन करता है, गिले पांव नंगा होकर सोता है, सूर्योदय के समय और शाम के समय सोता है, नहाने के बाद सूर्य को अर्ध्य नहीं देता है मैं उस घर में वास नहीं करती हूं, वहां से चली जाती हूं मेरे जाने पर वहां से आशा, श्रद्धा, शांति, समृद्धि यह सब चली जाती है और इनके जाने से उस घर में दरिद्रता, कलह, अशांति, असंतोष और कई तरह की विपत्तियां आने लगती है.

  • इसके बाद भगवती लक्ष्मी जी कहती है, भगवान् नारायण द्वारा श्री ब्रह्मा जी और अन्य देवताओ को बताना की वरदा, पुत्रदा, धनदा, सुखदा, मोक्षप्रद, सम्पूर्ण मंगलो को भी मंगल प्रदान करने वाली मेरी प्राण प्रिय लक्ष्मी उस स्थान, घर और परिवार में निवास नहीं करती है.
  • जहां शंख की ध्वनि नहीं होती है, जहां मेरी परम प्रिय तुलसी का निवास नहीं होता है, जहां ब्राह्मणों को भोजन नहीं कराया जाता है, जिस घर में मेरे भक्तों की निंदा होती है. वहां रहने वाली मां लक्ष्मी के मन में अपार क्रोध उत्पन्न हो जाता है और वह उस स्थान को छोड़कर चल देती है.

  • जिस घर में लक्ष्मी नारायण की उपासना नहीं होती है, जिस घर में एकादशी और जन्माष्टमी आदि शुभ व्रतों पर अन्न भक्षण होता है, उन व्यक्तियों के घर से लक्ष्मी चली जाती है.
  • जो मेरे नाम का और अपनी कन्या या अपनी बहन का विक्रय करता है, जहां अतिथि भोजन नहीं पाता है उस घर को मेरी लक्ष्मी जी तुरंत त्याग कर चली जाती है.

जो कायर व्यक्तियों का अन्न खाता है, अपने नाख़ून से पृथ्वी कुरेदता रहता है, जो व्यक्ति सुबह होते वक्त और शाम होते वक्त भोजन करता है या इस समय पर सोता है, दिन में सोता है और मैथुन करता है, जो दुराचारी होता है ऐसे मनुष्य के घर को भी लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है.

  • जो व्यक्ति भीगे पैर और नंगा होकर सोता है, नग्न होकर स्नान करता है उसके घर में लक्ष्मी का वास नहीं होता है.
  • जो सिर पर तेल लगा कर उसी से दूसरे अंगों को स्पर्श करता है, अपने सिर का तेल दूसरे को लगाता है और अपनी गोद में बाजा लेकर उसे बचाता है. उस घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है.

  • जिस घर में शिवलिंग, शालिग्राम, महालक्ष्मी, महासरस्वती और महादुर्गा आदि का रोजाना पूजन नहीं होता है, वहां भी लक्ष्मी का वास नहीं होता है.
  • जिस परिवार में रोजाना प्रभु का भजन कीर्तन नहीं होता वहां महालक्ष्मी कभी नहीं रुकती है.
  • जिस कुटुंब के सदस्य सत्य, दान, तप, शील और धर्म परायण नहीं होते वहां भी लक्ष्मी जी बिलकुल वास नहीं करती है.

तो इस तरह बताई गई बातों का विशेष ध्यान रखे, घर में लक्ष्मी जी का निवास स्थान, laxmi ji ka niwas sthan in Hindi यही होता है, जिस घर में इन सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है, वह दिनों दिन तरक्की करता है और धन की भी कोई कमी नहीं आती.

कई लोग इन बातों पर ध्यान नहीं रखते इसीलिए उनके घर में धन स्थिर नहीं रहता, दरिद्रता आती रहती और वह शांति से जीवनयापन भी नहीं कर पाते. अब आप भी अपनी गलतियों को सुधारे और इन बातों का ध्यान रखे. साथ ही इस वीडियो को सभी तक पहुंचाए ताकि सभी यह जानकारी हासिल करे सके.

38 उपाय जरुरी बातें : धन प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए

laxmi prapti ke liya kya karna chahiye

धन प्राप्ति के लिए क्या करे और क्या नहीं करना चाहिए यानी ऐसी बाते जो रोजाना आपको ध्यान में रखना चाहिए. क्योंकि कई बार ऐसा होता है की जानकारी नहीं होने से हम गलत काम करते रहते है जिससे हमे नुकसान होता है. इसीलिए कुछ बाते ऐसी हम बता रहे है जो की लक्ष्मी प्राप्ति करने के लिए आपको ध्यान में रखना चाहिए.

होता ये है की कई बार व्यक्ति सभी तरह के ज्योतिषी उपाय कर लेता है, जप अनुष्ठान करवा लेता है लेकिन फिर भी उसे लाभ नजर नहीं आता. इस का कारण हमारी जीवन शैली और चीजों को व्यवस्थित न रखना, घर में व्यस्थित काम न होना होती है.

कई चीजे ऐसी होती है जिनको ठीक से न किया जाए या चीजों को सही जगह पर न रखा जाए तो वह नकारात्मक परिणाम देने लगती है. इसीलिए हम हम यहाँ कुछ छोटे छोटे और कारगर dhan prapti ke liye kya karna chahiye upay in Hindi में बताने जा रहे है आप इस जानकारी को पूरा आखिरी तक जरूर पड़ें.

laxmi prapti ke liya kya karna chahiye

Dhan Prapti Ke Liye Kya Kare in Hindi

Laxmi Prapti Ke Liye Kya Karna Chahiye

#1

अगर आपकी कोई दुकान है, तो दुकान की तिजोरी के पास में गणेश जी की तस्वीर लगाए. दुकान खोलते ही मन ही मन लक्ष्मी जी की पूजा करके बैठे. इस तरह रोजाना करने से धन का आगमन अच्छे से होगा.

#2

बाजार से धार्मिक भंडार की दुकान से 11 कौड़िया ले आये, फिर इन्हे शुद्ध कर लें. शुद्ध करने के लिए आप इन्हे गंगाजल या गौ मूत्र से भी धो सकते है. इसके बाद शुद्ध केसर से इन 11 कौड़ियों को रंग दें, केसर इनपर लगा दें, फिर एक पिले कपडे में इनको लपेटकर आप घर में जहाँ अपना धन रखते है वहां पर रख दें. ऐसा करने से धन के आगमन के स्त्रोत बढ़ते है, लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है.

  • जानिये सबसे प्रभावकारी उन मन्त्रों के बारे में जिनके प्रयोग से धन की प्राप्ति जल्दी होती है, यह बहुत ही असरकारी है पड़ें यह पोस्ट – DhanLaxmi Mantra in Hindi

#3

आप अपने घर में जब पूजा करते समय दीपक जलाते है तो उस दीपक में रुई के स्थान पर कलावा का प्रयोग करे. क्योंकि लक्ष्मी जी को लाल रंग बहुत ही प्रिय होता है. इस प्रयोग से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और धन का आगमन भी होता है.

#4

अगर पूजा करते वक्त कोई मेहमान आ जाये तो यह बहुत शुभ होता है. उस मेहमान को पानी जरूर पिलाये. अगर शाम के समय पूजा के वक्त कोई सुहागिन स्त्री घर में आ जाये तो इसे आपने सौभाग्य समझे, यूँ समझे की खुद लक्ष्मी जी आपके घर चलकर आई है. ऐसे वक्त में आये मेहमान का स्वागत और सेवा जरूर करे.

#5

हर एक पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष पर सुबह 10 बजे मां लक्ष्मी जी का फेरा लगता है. जो भी व्यक्ति आर्थिक रूप से या धन की कमी से परेशान हो उस व्यक्ति को इस दिन बताये गए समय पर पीपल के वृक्ष और मां लक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए. पीपल को घी का दीपक लगाए और लक्ष्मी जी का भी ध्यान करे.

  • जानिये सबसे प्रभावकारी ज्योतिषी प्राचीन उपाय के बारे में जिनको करने से धन यश की प्राप्ति होती है यह बहुत ही चमत्कारी है अभी पड़ें  : धन प्राप्ति के उपाय और टोटके

#6

हर शुक्रवार को किसी भी प्रसिद्द लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर सुंगंधित चन्दन आदि अगरबत्ती अर्पित करे. ऐसा करने से लक्ष्मी जी की कृपा सदा बनी रहती है, इसके अलावा इस प्रयोग को लगातार करते रहने से व्यक्ति जो भी धन से जुड़ा काम करता है उसे उसमे पूरी सफलता मिलती है.

#7

अगर आपके घर की स्थिति अच्छी नहीं है, धन की कमी है बार बार कोई परेशानी आती रहती है तो आप किसी शुक्लपक्ष के पहले शुक्रवार से यह उपाय शुरू करे और लगातार तीन शुक्रवार तक इसे करे.

इसके लिए आप शाम के समय किसी भी लक्ष्मी नारायण जी के मंदिर जाए और नौ साल से कम उम्र की कन्याओं को खीर के साथ मिश्री का भोजन करवाए इसके अलावा भोजन कराने के बाद उन्हें उपहार में लाल कपड़े या लाल रुमाल उपहार में दें.

इस प्रयोग को करने से जल्द ही आपकी स्थिति में सुधार आएगा और धन से जुडी समस्या भी हल होगी. घर की स्थिति दिन प्रतिदिन अच्छी होती जाएगी.

#8

जिस घर में नियमित रूप से या हर शुक्रवार के दिन श्रीसूक्त या श्रीलक्ष्मी जी का सूक्त पाठ होता है वहां धन लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करने लगती है. ऐसे घर में धन की कोई कमी नहीं होती.

  • कई लोगों के घर में धन बचता नहीं, धन की बरकत नहीं होती तो धन स्थिर करने के लिए आप यह उपाय जो करे :  स्थिर लक्ष्मी के उपाय

#9

खच्चर के गधे के दांत के टोटके का ऐसा माना जाता है की अगर इसके ऊपरी दांत को कोई व्यक्ति हमेशा उसके पास रखे तो ऐसे व्यक्ति को धन से जुडी कभी कोई समस्या नहीं आती.

ऐसे व्यक्ति के पास धन का आगमन होता रहता है. अगर आप भी कहीं से खच्चर गधे के ऊपरी दांत को प्राप्त कर सके तो अपने पास जेब या पर्स में जरूर रखे. इससे कई लोगों को लाभ हुआ है.

#10

धन प्राप्त करने के लिए पीपल के अखंडित पत्ते पर राम लिखे और कुछ मिष्ठान साथ में ले अब इन दोनों को किसी हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा आये. इस प्रयोग से धन प्राप्ति के योग बनते है.

इसके अलावा जब आप रोजाना अपने घर के मंदिर में पूजन करे तो लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र की पूजा करने के साथ साथ उनको लाल फूल चढ़ाये और दूध से बने मीठे पदार्थ चढ़ाये. इस प्रयोग को करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#11

एक और पीपल के पत्ते का प्रयोग बताते है जिसको करने से आपका बटुआ यानी पर्स कभी धन से खाली नहीं रहेगा. इसके लिए आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास जाये उसे प्रणाम करे और एक अच्छा पत्ता तोड़ ले जो की कहीं से खंडित न हो.

फिर इसे गंगाजल से धोकर थोड़ी सी हल्दी और दही ले अब इन दोनों को आपस में मिलाकर अच्छा घोल तैयार करे फिर इस पीपल के पत्ते पर अपनी अनामिका उंगली को इस दही और हल्दी के घोल में मिलाकर पीपल के पत्ते पर ” ह्रीं ” यह शब्द अपनी अनामिका उंगली से लिखे.

इसके बाद लक्ष्मी जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और अगतबत्ती जलाये. अब इस पत्ते को अगरबत्ती का धुआँ और दीपक की रौशनी दिखाए फिर इसे मोड़कर अपने पर्स में रख लें.

ध्यान रखे यह पत्ता आपको हर शनिवार को बदलना है, और वापस वैसे ही क्रिया करके इसे पर्स में रखे. पुराने पत्ते को पवित्र स्थान पर छोड़ आये या पानी में बहा दें. इस छोटे से प्रयोग को करने से धन से पर्स कभी खाली नहीं रहता, उसमे कहीं न कहीं से पैसे आते ही रहते है.

#12

अमावस्या का दिन बहुत ही शुभ होता है, धन प्राप्ति के लिए यह करे इस दिन कई देवीय शक्तिया और अन्य शक्तिया सक्रीय रहती है. इस दिन पुरे घर की सफाई करे और घर के पूजा मंदिर में धुप और दीपक जलाये. इस प्रयोग को करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है, लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

#13

एक और बहुत ही प्राचीन और प्रचलि उपाय है जो की धन प्राप्ति के लिए करना चाहिए जब भी आपको अचानक धन की जरूरत लगे तो किसी भी मंदिर के पास के बरगद के पेड़ के पास जाए और अपनी मनोकामना कहते हुए बरगद की जटा में गाँठ लगाते जाए.

फिर जब आपकी मनोकामना पूरी हो जाए तो वापस आकर इन जटाओ में लगाई गई गांठ को खोल दें. इस प्रयोग को करने से अचानक से धन की प्राप्ति होने के योग बनते है.

#14

एक और अद्भुत प्रयोग है इसे आप याद रखे जब भी कोई हिजड़ा आपसे कुछ मांगने आइये तो आप उसे मना नहीं करे और आपकी क्षमता-अनुसार उसे धन दें. धन देने के बाद आप उस हिजड़े से निवेदन करे की वह उसके पास से आपको कुछ सिक्के दे दें.

फिर जो सिक्के हिजड़ा दें वह सिक्का आप अपने घर या दुकान में धन रखने की जगह पर रख दें. अगर किसी बुधवार के दिन आपसे कोई हिजड़ा ऐसे मांगने आ जाये तो यह बड़े ही सौभाग्य की बात होती है.

यूँ मानो की खुद लक्ष्मी जी आपके पास चलकर आई है. अगर बुधवार को हिजड़ा पैसे मांगे तो भी आपको जो बताया है वही करे. ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है, धन का स्त्रोत बढ़ता है.

#15

अगर आपको आर्थिक रूप से कई समस्या आ रही है तो लक्समी प्राप्ति के लिए और आर्थिक समस्या, धन की कमी को खत्म करने के लिए आप लगातार 21 शुक्रवार को नौ साल से कम उम्र की 5 कन्याओं को खीर और मिश्री या मिष्ठान का प्रसाद बांटें. इस प्रयोग से आपकी आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार आएगा, धन की कमी भी पूरी होगी.

#16

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का होता है, अगर इस दिन कोई व्यक्ति सुहागिन स्त्री को लाल कपडे, लाल रुमाल या लाल रंग से जुडी कोई वस्तु या सुहाग से जुडी कोई सामग्री दान में दें तो ऐसे व्यक्ति पर लक्ष्मी जी की कृपा होती है. इस प्रयोग को करने से धन के आगमन के मार्ग खुलते है.

#17

इसके अलावा अगर कोई विवाहित स्त्री शुक्रवार के दिन आपको अपने घर पर चाय पानी करने के लिए बुलाये तो आप उसे इंकार नहीं करे, चाहे आप कितने ही व्यस्त हो थोड़े समय के लिए चले जाए लेकिन जाए जरूर. क्योंकि इस आमंत्रण को ठुकराना धन के आगमन घोतक होता है.

#18

अगर आप धन के साथ साथ अपनी परेशानियों से भी मुक्ति चाहते है तो कच्ची घानी के तैल के दीपक में फूलदार लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें. ऐसा करने से सभी तरह के अनिष्ट दूर होंगे और धन की प्राप्ति भी होगी.

#19

जल्दी लक्ष्मी प्राप्ति के लिए क्या करे ? अगर आपको किसी वजह से अचानक धन की जरुरत लग जाए तो इसके लिए माता लक्ष्मी के मंदिर जाय और वहां सुगन्धित धूपबत्ती और गुलाब की अगरबत्ती का दान करे. अचानक धन पाने के लिए यह उपाय शुक्लपक्ष में शुक्रवार के दिन यह प्रयोग किया जाए तो शीघ्र सफलता मिलती है.

#20

अगर आपके तिजोरी में धन स्थिर नहीं रहता, कहीं न कहीं उठ जाता है तो आप किसी भी शुभ दिन शुभ समय में एक लाल रेशमी कपडे में अभिमंत्रित की हुई हत्थाजोड़ी को बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें. इस प्रयोग से धन में स्थिरता आती है और धन का स्त्रोत भी बढ़ता है.

#21

अगर धन आने के मार्ग अवरुद्ध हो गए हो तो आप शुद्ध केसर का तिलक माथे पर लगाए. धन आने के स्त्रोत खुलेंगे. यह टोटका शुक्लपक्ष में बुधवार के दिन करे तो लाभ शीघ्र होगा.

#22

अगर आपके पास धन भी बहुत आता है और फिर भी वह इकठ्ठा नहीं हो पाता तो आप शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल में चुपड़ी हुई रोटी खिलाये. इस प्रयोग से धन में स्थिरता आएगी.

#23

अगर आपकी आर्थिक स्थिति सही नहीं चल रही तो किसी सुहागिन स्त्री को गुरुवार के दिन सुहाग से जुडी सामग्री दान करे. इस प्रयोग से आर्थिक समस्या ख़त्म होगी और धन आदि की प्राप्ति होगी.

#24

जब भी घर से बाहर जाए तो वापस घर आते वक्त खाली हाथ नहीं आये, अगर आप कुछ लाने की स्थिति में नहीं है तो रस्ते में कहीं से एक कागज का टुकड़ा ही उठा ले आये. इस प्रयोग से धन के आगमन का मार्ग खुलता है. आप चाहे तो बच्चों के लिए कुछ चॉकलेट ले आये करे लेकिन घर खाली हाथ कभी न आये.

#25

कई घर में नमक को खुला रखा जाता है, जो की नकारात्मक होता है. घर में नमक को कांच या चीनी की डिब्बी में रखना चाहिए और उसका ढक्कन भी बंद रखना चाहिए. नमक खुला रखने से धन की हानि होती है.

#26

अगर पूजा करते वक्त घर में कोई बच्चा रोये तो यह बहुत ही अशुभ होता है. ऐसा होने पर किसी ग्यानी या पंडित व्यक्ति से मिले और उनसे सलाह लें. इसका सामान्य कारण यह हो सकता है की आपके घर में कोई नकारात्मक ऊर्जा है जो की धन में वृद्धि होने से रोक रही है.

#27

अगर किसी दिन घर का कोई बच्चा सुबह उठते ही कुछ खाने को मांगे या बिना कारण के ही रो पड़े तो उसे दिन घर के सभी व्यक्तियों को सावधान रहना चाहिए. क्योंकि यह अशुभता व धन हानि का सूचक होता है.

#28

जिस घर में नियमित रूप से रोजाना पहले रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को दी जाती है उस घर में धन के आगमन को कोई नहीं रोक सकता, ऐसा घर आर्थिक रूप से संपन्न होता है और धन भी आता रहता है.

#29

जब भी किसी को दान दें तो याद रखे की उसे घर की देहरी में न आने दें और आप घर की देहरी में अंदर रहकर ही दान दें. जो व्यक्ति ऐसा करता है उसे धन की प्राप्ति होती रहती है और जो नहीं करता उसके लिए हानिकारक होता है.

#30

इसके अलावा हर शनिवार को घर में लगे मकड़ी के जाले, रद्दी, कागज, टूटी फूटी चीजे घर से निकाली जाए, इन चीजों की सफाई की जाए तो घर में लक्ष्मी जी का वास होता है और धन का आगमन भी होता है.

#31

किसी भी शुक्रवार के दिन कमल का फूल लाये और उसे लाल कपडे में लपेटकर अपने धन रखने की जगह पर रखे या इसे आप अलमारी में भी रख सकते है. इस प्रयोग को करने से बड़ी आसानी से धन प्राप्ति के योग बनते है.

#32

रोजाना सुबह के समय उठने से पहले दोनों हाथों की हथेलियों को देखे और फिर उन्हें चूमे फिर अपने चेहरे पर चार पांच बार फिराए ऐसा करने से धन आने के मार्ग खुलते है. यह काफी प्राचीन तरीका है, इससे और भी कई स्वास्थ्य लाभ होते है साथ ही साथ धन प्राप्ति के योग में भी सायक होता है.

#33

अगर आप चाहते है की आपके घर में आर्थिक रूप से सुख शांति बनी रहे तथा आप आर्थिक रूप से समर्थ रहे तो हर अमावस्या को पुरे घर की पूरी सफाई करे.

जितना भी फालतू का सामान इकठ्ठा हो उसे कबाड़ी को बेच दें या घर से बाहर फेंक दें. सफाई के बाद पांच अगरबत्ती घर के पूजा करने के स्थान में लगाए.

#34

इसके अलावा धन पाने के लिए घर में जब भी आप पोंछा लगाए तो पोंछे लगाने के पानी में थोड़ा नमक डाले और फिर उस पानी से घर में पोंछे लगाए ऐसा करने से घर में सकारत्मक ऊर्जा बढ़ती है और धन से जुडी समस्या भी नहीं आती.

#35

अगर घर की स्त्री गृहलक्ष्मी सबसे पहले घर के मुख्य द्वार पर एक लोटा पानी डाले तो धन के आगमन के मार्ग खुलते है, धन से जुडी समस्या ख़त्म होती है, घर में लक्ष्मी जी का वास् होता है.

#36

एकाक्षी नारियल वैसे तो बहुत दुर्लभ होता है, लेकिन जिस घर में यह हो उस घर में कभी धन की कमी नहीं आती. अगर आप कहीं से एकाक्षी नारियल प्राप्त कर सकते है तो इसे अपने पूजा स्थल पर जरूर रखे.

#37

अपने घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी का एक चित्र लगाए जिसका मुंह घर के अंदर की तरफ हो. इस प्रयोग को करने से घर में लक्ष्मी जी का वास् होता है. यह प्रयोग हर तरह से शुभ फलदाई होता है.

तो इस तरह आपने जाना की धन प्राप्ति के लिए क्या करना चाहिए, dhan prapti ke liye kya kare in hindi इन सभी प्रयोगो को ध्यान में रखते हुए जीवन यापन करने से व्यक्ति के जीवन में धन से जुडी कभी कोई समस्या नहीं आती, घर में खुशहाली बनी रहती है और धन के मार्ग भी जगह जगह से खुलते है.

इसलिए आप इन बताये गई बातों पर ध्यान जरूर दें. इनको करने से आर्थिक समस्या और अन्य पारिवारिक समस्याओं का भी निदान होता है, परिवार खुश रहता है, घर में सकारात्मक ऊर्जा का बहाव रहता है, उम्मीद करते है आपको धन पाने के लिए क्या करे इस बारे में जानकर अच्छा लगा होगा.